Punjab पंजाब शिक्षा विभाग ने राज्य के सरकारी स्कूलों की स्थिति को बेहतर समझने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने के उद्देश्य से 19,000 से अधिक सरकारी स्कूलों का राज्यव्यापी सर्वे शुरू किया है। इस सर्वे की शुरुआत एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में मोहाली जिले से की गई है, जहां पहले चरण में डेटा एकत्र किया जा रहा है और प्रक्रिया को परखा जा रहा है। इसके बाद इसे पूरे राज्य में लागू किया जाएगा।
इस सर्वे का मुख्य उद्देश्य स्कूलों की मौजूदा स्थिति, बुनियादी ढांचे, शिक्षकों की उपलब्धता, छात्रों की संख्या, शैक्षणिक गुणवत्ता और सुविधाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करना है। सरकार चाहती है कि शिक्षा प्रणाली में मौजूद कमियों को समय रहते पहचाना जाए और उन्हें दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। सर्वे के दौरान स्कूलों में क्लासरूम की स्थिति, पीने के पानी की सुविधा, शौचालय, बिजली, डिजिटल शिक्षा की उपलब्धता और अन्य बुनियादी जरूरतों की भी जांच की जाएगी। इसके अलावा, छात्रों के सीखने के स्तर और शिक्षकों की कार्यप्रणाली का भी मूल्यांकन किया जाएगा।
शिक्षा विभाग का मानना है कि इस व्यापक सर्वे से राज्य की शिक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में मदद मिलेगी और नीति निर्माण में वास्तविक आंकड़ों का उपयोग किया जा सकेगा। इससे भविष्य में बेहतर योजनाएं बनाई जा सकेंगी, जिससे छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। मोहाली में शुरू किया गया पायलट प्रोजेक्ट इस पूरी प्रक्रिया का आधार बनेगा, जहां से मिले अनुभवों के आधार पर पूरे राज्य में सर्वे को और अधिक प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, मजबूत और परिणामोन्मुख बनाया जाए।