Punjab : 9 कर्मचारी पानी की टंकी पर चढ़े

Update: 2026-07-01 06:38 GMT

Punjab पंजाब: पावरकॉम के आउटसोर्स स्पॉट बिलिंग मीटर रीडरों का आंदोलन अब और अधिक उग्र हो गया है। नियमित किए जाने की मांग को लेकर लंबे समय से चल रहा विरोध प्रदर्शन बुधवार को उस समय तेज हो गया जब यूनियन के नौ सदस्य पानी की टंकी पर चढ़ गए।

यह घटना माता कौशल्या सरकारी अस्पताल के सामने स्थित जिला स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय परिसर की बताई जा रही है, जहां यूनियन पहले से ही अनिश्चितकालीन धरने पर बैठी हुई थी। बुधवार तड़के करीब चार बजे यूनियन के नौ सदस्य टंकी पर चढ़ गए और उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे नीचे नहीं उतरेंगे।

यूनियन का कहना है कि यह कदम आंदोलन को तेज करने और सरकार का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित करने के लिए उठाया गया है। यूनियन के राज्य प्रधान लखविंदर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि टंकी पर चढ़े सभी कर्मचारी अपने साथ पेट्रोल से भरी बोतलें भी लेकर गए हैं, जिससे मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।

घटना के बाद प्रशासन और पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश शुरू कर दी गई। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे इलाके को घेर लिया गया है और लोगों की आवाजाही पर भी नजर रखी जा रही है।

स्थानीय स्तर पर इस घटना को लेकर चिंता का माहौल है, क्योंकि टंकी पर चढ़े कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मौके पर मौजूद अन्य प्रदर्शनकारियों और स्थानीय लोगों में भी बेचैनी देखी जा रही है।

प्रदर्शनकारी मीटर रीडरों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी सेवाओं को नियमित करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। उनका आरोप है कि आउटसोर्सिंग प्रणाली के तहत काम करने वाले कर्मचारियों के साथ अन्याय हो रहा है।

यूनियन नेताओं का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा और वे पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।

प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति को शांतिपूर्ण तरीके से संभालने की कोशिश शुरू कर दी है और कर्मचारियों से बातचीत की जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

कुल मिलाकर, पंजाब में मीटर रीडरों का यह आंदोलन अब एक गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है, जहां प्रदर्शन और तेज होने से प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती बढ़ गई है।

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