Punjab.पंजाब: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की यात्रा के दौरान अमृतसर में लागू की गई ट्रैफिक पाबंदियों के बीच एक गर्भवती महिला का गर्भपात होने की घटना सामने आई है। महिला के पति ने इस घटना को सीधे ट्रैफिक प्रतिबंधों से जोड़ते हुए आरोप लगाया है कि उनकी पत्नी को समय पर अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका।
जानकारी के अनुसार, यह घटना उस समय घटी जब मुख्यमंत्री भगवंत मान की शुकराना यात्रा के चलते शहर में कई मुख्य मार्गों पर सड़कें बंद कर दी गई थीं और सघन सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई थी। महिला के पति का कहना है कि उनकी पत्नी अचानक बेहोश हो गई और उन्हें आपातकालीन हालात में अस्पताल पहुंचाने के लिए जरूरी मार्ग अवरुद्ध थे।
पति ने मीडिया को बताया, "हमने समय पर एंबुलेंस मंगाई लेकिन रास्तों की बंदिशों और सुरक्षा जांच की वजह से हम अस्पताल समय पर नहीं पहुँच पाए। इसका असर मेरी पत्नी और बच्चे पर पड़ा।" उन्होंने प्रशासन से इस घटना की गंभीरता से जांच कराने की मांग की है।
स्थानीय अस्पताल के डॉक्टरों ने कहा कि महिला को समय पर चिकित्सा सहायता न मिलने के कारण गर्भपात हुआ। डॉक्टरों ने यह भी बताया कि गर्भवती महिला की स्थिति स्थिर है और उन्हें आवश्यक उपचार दिया जा रहा है।
इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने मामला गंभीरता से लिया है। अमृतसर पुलिस ने कहा कि मुख्यमंत्री की यात्रा के दौरान लागू की गई पाबंदियां सुरक्षा कारणों से थीं, लेकिन वे इस घटना की जांच करेंगे कि क्या ऐसी स्थिति में आपातकालीन सेवाओं की पहुंच पर असर पड़ा।
सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से अपील की है कि भविष्य में किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम या यात्रा के दौरान आम जनता के लिए आपातकालीन मार्ग हमेशा खुले रहेंगे, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
राजनीतिक और सामाजिक विशेषज्ञों का कहना है कि सार्वजनिक और राजनीतिक कार्यक्रमों के दौरान ट्रैफिक और सुरक्षा प्रबंधन अत्यंत आवश्यक है, लेकिन इसमें नागरिकों की जीवन रक्षा की प्राथमिकता हमेशा सर्वोपरि होनी चाहिए। इस घटना ने इस संतुलन की जरूरत को फिर से उजागर किया है।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी इस मामले की जानकारी प्राप्त होने के बाद एक बयान जारी किया, जिसमें कहा गया कि प्रशासन इस घटना की निष्पक्ष जांच करेगा और आवश्यक कदम उठाएगा। बयान में यह भी कहा गया कि किसी भी नागरिक की सुरक्षा और स्वास्थ्य प्राथमिकता है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस घटना ने प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल और आपातकालीन योजनाओं की आवश्यकता को स्पष्ट किया है। नागरिकों का सुझाव है कि भविष्य में किसी भी यात्रा या सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान मेडिकल और आपातकालीन सेवाओं के लिए विशेष मार्ग सुनिश्चित किए जाएं।