चंडीगढ़। पंजाब में कथित 'वोट चोरी' को लेकर कांग्रेस ने राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद राजीव शुक्ला ने कहा है कि पार्टी चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के मुद्दे को जनता के बीच लेकर जाएगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक के वोट का महत्व है और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करना जरूरी है।राजीव शुक्ला के बयान के बाद पंजाब में चुनावी पारदर्शिता और मतदाता सूची से जुड़े सवाल एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। हालांकि, कथित वोट चोरी के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
वोट चोरी के मुद्दे पर कांग्रेस का आंदोलन
राजीव शुक्ला के अनुसार, कांग्रेस पंजाब में कथित वोट चोरी के खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेगी। पार्टी इस मुद्दे को केवल राजनीतिक विवाद के रूप में नहीं, बल्कि मतदाताओं के अधिकारों और चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता से जुड़े विषय के रूप में उठा रही है।कांग्रेस का कहना है कि चुनावी प्रक्रिया में जनता का भरोसा बनाए रखना आवश्यक है। मतदाता सूची में किसी भी प्रकार की वास्तविक गड़बड़ी सामने आने पर उसका निष्पक्ष समाधान होना चाहिए।हालांकि, आंदोलन कब शुरू होगा, किन जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे और इसका विस्तृत स्वरूप क्या होगा, इसकी आधिकारिक जानकारी उपलब्ध बयान में स्पष्ट नहीं की गई है।
पंजाब में पहले भी हो चुके हैं प्रदर्शन
पंजाब कांग्रेस इससे पहले भी चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर चुकी है। 25 सितंबर को चंडीगढ़ में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और कई नेताओं को हिरासत में लिया गया था।राजीव शुक्ला ने भी विपक्ष के आंदोलन को जारी रखने की बात कही है। उन्होंने 13 अक्टूबर को कहा था कि सरकार और चुनाव आयोग जब तक विपक्ष की चिंताओं को नहीं समझते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
26 अक्टूबर से जिला स्तर पर कार्यक्रम
पंजाब कांग्रेस ने 'वोट बचाओ, देश बचाओ' अभियान के तहत विस्तृत कार्यक्रम तैयार किया है। इसके अनुसार 26 अक्टूबर को जिला स्तर पर प्रेस कॉन्फ्रेंस, 27 अक्टूबर को संगठनात्मक बैठकें और 28 अक्टूबर को बूथ लेवल एजेंटों का प्रशिक्षण निर्धारित है।इसके बाद 27 अक्टूबर से 4 नवंबर तक मतदाता सूचियों की जांच की जाएगी। पार्टी कार्यकर्ता हटाए गए नामों, स्थानांतरित मतदाताओं, मृत व्यक्तियों और संभावित दोहरी प्रविष्टियों की पड़ताल करेंगे। 6 से 24 नवंबर के बीच गांवों में जनसंपर्क बैठकों का भी कार्यक्रम है।
भाजपा ने आरोपों को किया खारिज
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के आरोपों को खारिज किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 22 अक्टूबर को कहा कि विपक्ष चुनावी हार को स्वीकार करने के बजाय वोट चोरी के आरोप लगा रहा है। उन्होंने विपक्ष के अभियान की मंशा पर भी सवाल उठाए।इस बीच पंजाब विधानसभा ने 23 अक्टूबर को चुनावी अनियमितताओं के आरोपों की जांच की मांग वाला प्रस्ताव पारित किया। प्रस्ताव में सभी पात्र नागरिकों के मतदान अधिकारों की रक्षा करने पर जोर दिया गया।
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बढ़ी गतिविधियां
पंजाब में वर्ष 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में कांग्रेस अपने संगठन को सक्रिय करने के साथ मतदाता सूची और चुनावी पारदर्शिता का मुद्दा उठा रही है।राजीव शुक्ला के बयान और प्रदेश कांग्रेस के निर्धारित कार्यक्रमों से स्पष्ट है कि पार्टी इस मुद्दे पर राजनीतिक गतिविधियां जारी रखेगी। हालांकि, कथित वोट चोरी के आरोपों की पुष्टि के लिए ठोस प्रमाण और संबंधित संवैधानिक संस्थाओं की जांच महत्वपूर्ण होगी।