DELHI दिल्ली: अमृतसर मंदिर ग्रेनेड हमले मामले में बड़ी कामयाबी मिली। इस मामले में तीन हथगोले और एक पिस्तौल बरामद की है, जिससे एक बड़े हथियार और विस्फोटक सिंडिकेट से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय आतंकी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। आरोपी शरणजीत कुमार उर्फ सनी द्वारा किए गए खुलासे के आधार पर पंजाब के बटाला के भामरी गांव से हथगोले बरामद किए। एक .30 बोर की पिस्तौल भी बरामद की, जो शरणजीत को उसके विदेशी आकाओं ने पंजाब की शांति और सद्भाव को बिगाड़ने की आतंकवादी समूहों की साजिश के तहत मुहैया कराई थी। बरामद विस्फोटक और हथियारों को फोरेंसिक और तकनीकी जांच के लिए भेज दिया गया है। पिछले शुक्रवार को बिहार के गया से द्वारा गिरफ्तार किए गए शरणजीत को अमृतसर के ठाकुरद्वारा सनातन मंदिर पर बाइक सवार हमलावरों गुरसिदक सिंह और विशाल गिल द्वारा किए गए ग्रेनेड हमले की साजिश में सक्रिय रूप से शामिल पाया गया।
मार्च 2025 के मामले में की जांच के अनुसार, यह हमला विदेशी आकाओं के निर्देश पर किया गया था। शरणजीत से पूछताछ के बाद गुरदासपुर के बटाला में एक विशिष्ट स्थान पर पहुंची, जहां ग्रेनेड छिपाए गए थे। आरोपी ने इन ग्रेनेडों की पहचान 1 मार्च 2025 को उसे मिले चार ग्रेनेडों में से एक के रूप में की। आरोपी ने जांचकर्ताओं को आगे बताया कि उसने 15 मार्च के हमले से दो दिन पहले हमलावरों को एक ग्रेनेड सौंपा था। इस मामले में अब तक की जांच से हमले के पीछे यूरोप, अमेरिका और कनाडा स्थित आतंकवादी आकाओं की साजिश का पता चला है। ये संचालक पंजाब और देश के अन्य हिस्सों में आतंक फैलाने के लिए भारत में अपने सक्रिय कार्यकर्ताओं को आतंकी हार्डवेयर, धन, रसद सहायता और लक्ष्य विवरण प्रदान कर रहे थे।