मतदाता सूची से नाम गायब? चंडीगढ़ में आज से शुरू हुआ विशेष अभियान
वोटर लिस्ट से बाहर हुए लोगों को राहत
चंडीगढ़: चंडीगढ़ में मतदाता सूची से छूटे पात्र नागरिकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। प्रशासन ने बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 से मतदाता पंजीकरण के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत शहर के मतदान केंद्रों पर पांच दिनों तक विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में ऐसे नागरिक अपना नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकेंगे, जिनका नाम मतदाता सूची में नहीं है। अभियान 11 अक्टूबर तक चलेगा।
निर्वाचन प्रशासन के अनुसार, विशेष शिविर सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान संबंधित बूथ लेवल अधिकारी यानी बीएलओ मतदान केंद्रों पर मौजूद रहेंगे। अधिकारी नागरिकों को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने और आवश्यक दस्तावेजों से जुड़ी जानकारी देंगे। विशेष रूप से युवाओं और पहली बार मतदाता बनने वाले नागरिकों पर ध्यान दिया जाएगा। दरअसल, चंडीगढ़ में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के बाद मतदाता सूची में बड़ी संख्या में नाम कम हुए हैं। इसको लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर चर्चा बनी हुई है। निर्वाचन विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से बाहर न रह जाए।
22 सितंबर 2026 को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची के अनुसार, चंडीगढ़ में कुल 4,60,209 मतदाता दर्ज हैं। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान यह संख्या 6,59,805 थी। इस तरह मतदाताओं की संख्या में 1,99,596 की कमी दर्ज की गई, जो लगभग 30.26 प्रतिशत है। इतनी बड़ी गिरावट के बाद मतदाता सूची की शुद्धता और पात्र नागरिकों के नाम सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है। प्रशासन ने बूथ लेवल अधिकारियों को पुराने और वर्तमान मतदाता रिकॉर्ड का मिलान करने के निर्देश दिए हैं। इस प्रक्रिया के जरिए उन नागरिकों की पहचान की जाएगी, जिनके नाम पहले मतदाता सूची में थे, लेकिन पुनरीक्षण के बाद सूची में दिखाई नहीं दे रहे हैं।
बीएलओ घर-घर जाकर भी पात्र नागरिकों की पहचान करेंगे। अधिकारियों का प्रयास रहेगा कि जिन लोगों के नाम दस्तावेजों की कमी, पता बदलने या अन्य कारणों से सूची में शामिल नहीं हो पाए हैं, उन्हें पंजीकरण की प्रक्रिया में सहायता मिले।
मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए पात्र नागरिकों को फॉर्म-6 भरना होगा। इसके साथ आवश्यक आयु और निवास संबंधी दस्तावेज देने होंगे। आवेदन के बाद संबंधित अधिकारियों द्वारा दस्तावेजों और पात्रता की जांच की जाएगी। मतदाता बनने के लिए आवेदक का भारतीय नागरिक होना और निर्धारित पात्रता तिथि तक 18 वर्ष की आयु पूरी करना आवश्यक है। पहली बार मतदाता बनने वाले युवा भी इस अभियान का लाभ उठा सकते हैं।
नागरिक ऑनलाइन माध्यम से भी आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए भारत निर्वाचन आयोग के आधिकारिक मतदाता सेवा पोर्टल पर जाकर फॉर्म-6 भरा जा सकता है। पोर्टल पर मतदाता सूची में नाम खोजने और आवेदन से संबंधित सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। अभियान की पारदर्शिता बढ़ाने के लिए राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों को भी सत्यापन प्रक्रिया से जोड़ा जा रहा है। इसके अलावा हटाए गए मतदाताओं की सूची सार्वजनिक करने की पहल की गई है, ताकि संबंधित नागरिक अपने नाम की स्थिति जान सकें। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे मतदाता सूची में अपना नाम और व्यक्तिगत विवरण अवश्य जांच लें। जिन लोगों के नाम सूची में नहीं हैं, वे निर्धारित समय पर संबंधित मतदान केंद्र पहुंचकर आवेदन कर सकते हैं।
यह विशेष अभियान लोकतांत्रिक प्रक्रिया में नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे पहली बार मतदान करने वाले युवाओं और सूची से छूटे पात्र मतदाताओं को अपना नाम दर्ज कराने का अवसर मिलेगा। फिलहाल चंडीगढ़ में 7 से 11 अक्टूबर तक चलने वाले इन शिविरों को लेकर निर्वाचन प्रशासन ने आवश्यक व्यवस्था की है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज साथ लेकर जाएं और निर्धारित समय के भीतर अपने मतदान केंद्र पर पहुंचें।