जनता से रिश्ता वेबडेस्क : मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस ने एक शख्स को पकड़ा है, जिस पर हमलावरों की मदद करने का आरोप है. उसका नाम निशान सिंह बताया जा रहा है. वह फरीदकोट का रहने वाला है. NIA के इनपुट पर उसे पकड़ा गया है. 18 से 20 अन्य संदिग्धों को भी पकड़ा गया है. उनसे पूछताछ जारी है. इधर, हमले के पीछे खालिस्तान समर्थकों का हाथ होने की बात सामने आई है. प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस के प्रमुख ने ऑडियो मैसेज जारी करके इस ब्लास्ट की जिम्मेदारी ली है. आइए एक नज़र डालते हैं मोहाली ब्लास्ट के 5 बड़े अपडेट्स पर…

१.मोहाली में इंटेलिजेंस ऑफिस पर हमले में जिस आरपीजी का इस्तेमाल किया गया था, मंगलवार देर रात पुलिस ने उसका लॉन्चर बरामद कर लिया. माना जा रहा है कि इस रॉकेट से दागे जाने वाले ग्रेनेड (आरपीजी) को ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से पंजाब पहुंचाया गया था. हमले में आरपीजी-22 के इस्तेमाल की संभावना है, जो रूस में बना है. इमारत के अंदर इसका प्रोजेक्टाइल पहले ही बरामद हो चुका है.
२.पंजाब के डीजीपी ने हमले में TNT के इस्तेमाल की संभावना जताई है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फोरेंसिक जांच में आरपीजी के प्रोजेक्टाइल में TNT की पुष्टि हुई है. बता दें कि TNT यानी ट्राइ नाइट्रो टाल्यून एक घातक विस्फोटक होता है, जिसका इस्तेमाल युद्ध और युद्ध के हथियारों में होता है. इससे लग रहा है कि हमलावरों की मंशा शायद पूरी इमारत को उड़ाने की रही होगी.

३.हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ चल रही है. सूत्रों का कहना है कि अभी तक की जांच से लग रहा है कि हमलावर पंजाब के नहीं थे और बाहर से आए थे. अमृतसर में ठहरने के दौरान इन तक हथियार पहुंचाए गए थे. ये काम ओवर ग्राउंड वर्कर के तौर पर काम कर रहे स्थानीय लड़कों ने किया था. लगता है कि रिंडा गैंग ने कुछ गैंगस्टरों को पैसा देकर ये हमला करवाया था.

४.खुफिया सूत्रों ने CNN-News18 को बताया कि जांच के दौरान कुछ फोन नंबरों की पहचान की गई है. ये गैंगस्टर से आतंकी बने हरविंदर सिंह रिंदा से संबंधित लग रहे हैं. इस सिलसिले में 6 लोगों को हिरासत में लिया गया है. संभावना है कि ये लोग संदिग्ध हमलावरों के संपर्क में थे, जो मोहाली आने से पहले अमृतसर में ठहरे थे.
५.मोहाली हमले की गुत्थी सुलझाने में पंजाब पुलिस के अलावा एनआईए, एनएसजी और सेना के अधिकारी भी जुटे हैं. इन्होंने हमले वाली इमारत का जायजा भी लिया. सुराग खंगालने के लिए खुफिया मुख्यालय के आसपास के तीन मोबाइल टावरों से छह से सात हजार लोगों के मोबाइल डेटा की जांच की जा रही. मोहाली एसएसपी विवेक शील सोनी ने 18-20 संदिग्धों को हिरासत में लिए जाने की पुष्टि करते हुए दावा किया कि हम मामला सुलझाने के बेहद करीब हैं.


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