परविंदर झोटा हत्याकांड में बड़ा अपडेट, SIT और एक्शन कमेटी की तीसरी बैठक में कई मांगों पर सहमति
मानसा। पंजाब के चर्चित नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले में शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया। राज्य सरकार की विशेष जांच समिति और इंसाफ एक्शन कमेटी के बीच तीसरे दौर की बातचीत में अधिकांश मांगों पर सहमति बनने की जानकारी है। मानसा के जिला परिषद हॉल में करीब एक घंटे चली बैठक के दौरान सरकार की ओर से तीन वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों ने एक्शन कमेटी के सदस्यों और मृतक के परिजनों से बातचीत की। इस दौरान एक्शन कमेटी द्वारा रखी गई 14 मांगों पर अब तक हुई सरकारी कार्रवाई की लिखित प्रगति रिपोर्ट भी सौंपी गई। बैठक में परविंदर के परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने, पीजीआई के वरिष्ठ चिकित्सकों से पोस्टमार्टम कराने और उनके नाम पर ट्रामा सेंटर स्थापित करने जैसे मुद्दों पर सहमति सामने आई है। हालांकि, परिवार और एक्शन कमेटी रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद आगे का फैसला लेंगे।
जिला परिषद हॉल में करीब एक घंटे चली बैठक
शुक्रवार को मानसा के जिला परिषद हॉल में एसआईटी और इंसाफ एक्शन कमेटी के बीच तीसरे दौर की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में आईएएस अधिकारी अपनीत रियात, मानसा की उपायुक्त नवजोत कौर और फरीदकोट की संभागीय आयुक्त कंवलप्रीत कौर बराड़ शामिल हुईं।
इसके अलावा बठिंडा रेंज के डीआईजी हरजीत सिंह और मानसा के एसएसपी वैभव चौधरी भी मौजूद रहे।
परविंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह, पत्नी मनप्रीत कौर और एक्शन कमेटी के सदस्यों ने बैठक में अपनी बात रखी।
अधिकारियों ने सरकार की ओर से की गई कार्रवाई की जानकारी देते हुए आगे की प्रक्रिया पर चर्चा की।
14 मांगों पर सौंपी गई लिखित रिपोर्ट
बैठक का महत्वपूर्ण पहलू एक्शन कमेटी की 14 मांगों पर सरकारी कार्रवाई की प्रगति रिपोर्ट सौंपना रहा।
एसआईटी की ओर से अधिकारियों ने मांगों के संबंध में लिए गए फैसलों और अब तक की कार्रवाई का लिखित विवरण कमेटी को उपलब्ध कराया।
एक्शन कमेटी के सदस्य मानिक गोयल ने बताया कि समिति और परिजन रिपोर्ट का अध्ययन करेंगे।
इसके बाद आगे की बैठक और आंदोलन से संबंधित निर्णय लिया जाएगा।
इससे स्पष्ट है कि कई मांगों पर सहमति बनने के बावजूद एक्शन कमेटी ने अभी अंतिम निर्णय घोषित नहीं किया है।
सीबीआई ने संभाली हत्या की जांच
परविंदर झोटा हत्याकांड में परिवार की प्रमुख मांगों में मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो से कराना शामिल था।
पंजाब सरकार ने यह मांग स्वीकार करते हुए मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी है।
अधिकारियों ने शुक्रवार की बैठक में बताया कि सीबीआई जांच की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
इससे पहले पंजाब पुलिस ने हत्या के मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
गिरफ्तार आरोपियों में केमिस्ट अश्वनी कुमार, उसकी पत्नी नीलम रानी, रिश्तेदार परवीन गर्ग और कर्मचारी लड्डी शामिल हैं।
गुरुवार को चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की जानकारी सामने आई थी।
पीजीआई में पोस्टमार्टम कराने पर सहमति
परविंदर झोटा के शव का पोस्टमार्टम कराने को लेकर परिवार और प्रशासन के बीच पिछले कई दिनों से गतिरोध बना हुआ था।
परिजन अपनी मांगें पूरी होने तक पोस्टमार्टम कराने को तैयार नहीं थे।
अब तीसरे दौर की बैठक में परिवार की मांग के अनुसार पीजीआई के वरिष्ठ चिकित्सकों से पोस्टमार्टम कराने पर सहमति जताई गई है।
हालांकि, इस सहमति के बाद पोस्टमार्टम की तारीख तय होने या प्रक्रिया पूरी होने की पुष्टि नहीं हुई है।
परिवार का कहना है कि वह सरकार की लिखित रिपोर्ट की समीक्षा करके आगे का निर्णय लेगा।
परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराएगी सरकार
परविंदर झोटा के परिवार की सुरक्षा का मुद्दा भी बैठक में प्रमुखता से उठाया गया।
सरकारी अधिकारियों ने परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने के संबंध में लिखित आश्वासन दिए जाने की जानकारी दी।
परिजन लंबे समय से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जता रहे थे।
अब प्रशासन की ओर से सुरक्षा प्रदान करने की सहमति बनने को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
हालांकि, परिवार को कितने सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराए जाएंगे और सुरक्षा व्यवस्था किस प्रकार लागू होगी, इसका विस्तृत विवरण सामने नहीं आया है।
डीएसपी और ड्रग इंस्पेक्टर पर कार्रवाई
परविंदर झोटा के परिवार और इंसाफ कमेटी ने कुछ पुलिस तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग रखी थी।
इस संबंध में मानसा के डीएसपी हरजिंदर सिंह गिल और ड्रग इंस्पेक्टर नीरज कुमार को निलंबित किया जा चुका है।
इससे पहले 15 अक्टूबर को मानसा सिटी-2 थाना प्रभारी इंस्पेक्टर बेअंत कौर को भी निलंबित किया गया था।
अधिकारियों ने शुक्रवार की बैठक में बताया कि इन निलंबन आदेशों की प्रतियां एक्शन कमेटी को उपलब्ध कराई जाएंगी।
नशा तस्करी के खिलाफ अभियान तेज
परविंदर झोटा नशे के खिलाफ अभियान चलाने के कारण जाने जाते थे।
उनकी हत्या के बाद नशा तस्करी और प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री रोकने की मांग भी प्रमुखता से उठी।
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि जिले में स्वास्थ्य विभाग की जांच के दौरान तीन मेडिकल लाइसेंस रद्द किए गए हैं।
इसके अलावा एक लाइसेंस निलंबित किया गया है और चार मेडिकल स्टोर सील किए गए हैं।
सरकार ने स्पष्ट किया कि नशीली दवाओं के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई जारी रखी जाएगी।
प्रेगाबलीन की बिक्री पर सख्ती
बैठक में प्रेगाबलीन कैप्सूल की बिक्री नियंत्रित करने का मुद्दा भी उठाया गया।
अधिकारियों के अनुसार, इस दवा को लेकर नियमों में बदलाव के बाद 12 नवंबर से बिना चिकित्सकीय पर्चे के इसकी बिक्री पर रोक लागू होने की जानकारी दी गई है।
प्रेगाबलीन एक चिकित्सकीय दवा है, जिसका उपयोग कुछ प्रकार के तंत्रिका दर्द और अन्य निर्धारित स्थितियों में किया जाता है।
इसके अनुचित इस्तेमाल की आशंका को देखते हुए दवा की बिक्री और वितरण पर निगरानी बढ़ाने की आवश्यकता जताई गई है।
सरकार का उद्देश्य वैध चिकित्सा जरूरतों को प्रभावित किए बिना दवाओं के दुरुपयोग को नियंत्रित करना है।
परविंदर झोटा के नाम पर बनेगा ट्रामा सेंटर
परविंदर सिंह झोटा की स्मृति में ट्रामा सेंटर स्थापित करने की मांग पर भी सरकार ने सकारात्मक रुख अपनाया है।
अधिकारियों ने बताया कि जिले में प्रस्तावित ट्रामा सेंटर का नाम परविंदर सिंह झोटा के नाम पर रखने की सहमति दी गई है।
इसके अतिरिक्त जिले के सरकारी खेल स्टेडियम में उनकी स्मृति में प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव भी स्वीकार किया गया है।
हालांकि, ट्रामा सेंटर के निर्माण की लागत, स्थान और कार्य शुरू होने की तारीख अभी स्पष्ट नहीं है।
घायलों के इलाज और मुआवजे पर चर्चा
परविंदर झोटा की हत्या के दौरान गोलीबारी में चार अन्य लोग भी घायल हुए थे।
एक्शन कमेटी ने उनके उपचार और आर्थिक सहायता की मांग उठाई थी।
शुक्रवार की बैठक में अधिकारियों ने घायलों के इलाज का खर्च सरकार द्वारा उठाने की जानकारी दी।
इसके साथ ही प्रत्येक घायल को पांच लाख रुपये की सहायता राशि के चेक जल्द सौंपने की बात कही गई।
हालांकि, परिवार और एक्शन कमेटी ने पहले अधिक मुआवजे की मांग रखी थी। इसलिए इस मुद्दे पर अंतिम सहमति की स्थिति लिखित रिपोर्ट की समीक्षा के बाद स्पष्ट होगी।
फास्ट ट्रैक अदालत में सुनवाई की मांग
एक्शन कमेटी ने हत्या के मामले की जल्द सुनवाई और दोषियों को कानून के अनुसार सजा दिलाने की मांग भी रखी है।
अधिकारियों ने बताया कि मामले की फास्ट ट्रैक अदालत में सुनवाई के संबंध में सीबीआई से सिफारिश की जाएगी।
इसका उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया को यथासंभव शीघ्र आगे बढ़ाना है।
हालांकि, फास्ट ट्रैक अदालत में मामला भेजने का अंतिम निर्णय संबंधित कानूनी प्रक्रिया के अनुसार होगा।
परिवार की सहमति के बाद होगा अगला फैसला
बैठक के बाद एक्शन कमेटी के सदस्य मानिक गोयल ने कहा कि सरकार की ओर से दी गई लिखित रिपोर्ट पर विचार किया जाएगा।
परविंदर झोटा के पिता भीम सिंह और पत्नी मनप्रीत कौर भी इस रिपोर्ट की समीक्षा करेंगे।
इसके बाद एक्शन कमेटी तय करेगी कि सरकार से अगली बातचीत कब की जाए और आंदोलन को लेकर क्या रुख अपनाया जाए।
इससे पहले परिवार ने स्पष्ट किया था कि सभी मांगों पर संतोषजनक निर्णय होने तक वह अपना संघर्ष जारी रखेगा।
तीसरी बैठक के बाद समाधान की उम्मीद
परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड को लेकर पिछले कई दिनों से जारी गतिरोध के बीच शुक्रवार की बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सीबीआई जांच, परिवार की सुरक्षा, पीजीआई में पोस्टमार्टम, अधिकारियों के निलंबन और ट्रामा सेंटर के नामकरण जैसी मांगों पर सरकार ने कार्रवाई या सहमति की जानकारी दी है।
हालांकि, अधिकांश मांगों पर सहमति बनने के बावजूद आंदोलन समाप्त होने या परिवार द्वारा पोस्टमार्टम के लिए अंतिम स्वीकृति देने की पुष्टि नहीं हुई है।
फिलहाल एक्शन कमेटी और परिजनों की नजर सरकार की लिखित रिपोर्ट पर है। इसकी समीक्षा के बाद ही आगे की बातचीत और अंतिम निर्णय की स्थिति स्पष्ट होगी।