Punjab.पंजाब: लुधियाना की एक लड़की की ओंटारियो, कनाडा में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद, ब्रैम्पटन में भी एक महिला मृत मिली है। इस खबर ने कनाडा में बसे भारतीय समुदाय और भारत में लोगों के बीच चिंता और सन्नाटा फैला दिया है। मृतकों में ब्रैम्पटन की महिला और ओंटारियो की लड़की दोनों ही लुधियाना से संबंधित हैं।
स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ब्रैम्पटन में महिला की मौत की सूचना शुक्रवार को मिली। प्रारंभिक जांच में हत्या या आत्महत्या के संकेत मिले हैं, लेकिन अंतिम कारण पोस्टमार्टम और फोरेंसिक जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। ओंटारियो में हुई लड़की की मौत भी इसी सप्ताह सामने आई थी और दोनों घटनाओं के बीच किसी प्रकार का संबंध खोजने की कोशिश की जा रही है।
लुधियाना प्रशासन और स्थानीय भारतीय समुदाय ने इस मामले पर गहरी चिंता जताई है। कनाडा में रहने वाले भारतीय नागरिकों ने सोशल मीडिया के माध्यम से न्याय और पूरी पारदर्शिता की मांग की है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वे दोनों मामलों में तफ्तीश को प्राथमिकता दे रहे हैं और स्थानीय फोरेंसिक विशेषज्ञों के साथ सहयोग कर रहे हैं।
परिवार के सदस्यों का कहना है कि दोनों महिलाएं सामान्य जीवन जी रही थीं और किसी भी प्रकार की धमकी या खतरे की जानकारी नहीं थी। उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए और किसी भी तरह की अफवाह या अनावश्यक डर को फैलने से रोका जाए।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और संवेदनशील मामला है। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय मामलों में स्थानीय पुलिस और भारतीय कूटनीतिक मिशनों का सहयोग महत्वपूर्ण होता है। इस घटना के माध्यम से यह भी स्पष्ट हो रहा है कि प्रवासी भारतीय समुदाय के लिए सुरक्षा और जागरूकता के उपाय और बढ़ाने की जरूरत है।
ओंटारियो और ब्रैम्पटन पुलिस के संयुक्त बयान में कहा गया कि वे सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रहे हैं और किसी भी अपराध के संकेत मिलने पर उचित कानूनी कार्रवाई करेंगे। दोनों मृतकों के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया भी पूरी की जा रही है, जिससे मौत के कारण और संभावित अपराध की पुष्टि हो सके।
भारतीय मीडिया ने भी इस घटना को प्रमुखता से कवर किया है। समाचार एजेंसियों ने बताया कि लुधियाना प्रशासन ने परिवारों से संपर्क किया है और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है। वहीं, स्थानीय समुदाय के लोग सोशल मीडिया पर जागरूकता अभियान चला रहे हैं ताकि ऐसी घटनाओं से लोगों को सुरक्षा और चेतना मिल सके।