Ludhiana,लुधियाना: साइबर ठगी Cyber ​​fraud के एक अन्य मामले में पूर्व सैनिक को पर्सनल लोन स्वीकृत करवाने तथा घर पर मोबाइल टावर लगवाने के नाम पर 45 लाख रुपए की ठगी कर ली गई। शिकायतकर्ता हरदेव सिंह निवासी बस्सियां ​​ने बताया कि वह 1989 में सेना से सेवानिवृत्त हुए थे। 21 जुलाई 2024 को जब वह घर पर मौजूद थे, तो उन्हें एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने पर्सनल लोन दिलाने का झांसा दिया। मैंने कॉल करने वाले को असली समझकर अपने आधार कार्ड, पैन कार्ड तथा बैंक खाते की पासबुक की फोटोकॉपी व्हाट्सएप पर भेज दी। इसके बाद उन्होंने मुझे एक स्कैनर भेजा तथा 2250 रुपए प्रोसेसिंग फीस भेजने को कहा, इसके बाद उन्होंने फिर से 6450 रुपए भेजने को कहा, जो मैंने भेज दिए। मेरे अपने पांच खाते हैं, जिनसे मैं उन्हें पैसे ट्रांसफर करता रहा, क्योंकि उन्होंने मुझे लोन देने का झांसा दिया था।
मैंने अलग-अलग तिथियों में करीब 18 लाख रुपए आरोपियों को ट्रांसफर किए तथा बाद में आरोपियों ने अपना फोन बंद कर लिया। 4 अगस्त को उन्हें किसी अज्ञात मोबाइल नंबर से कॉल आया और जैसे ही उन्होंने कॉल उठाया, एक लड़की ने बात करना शुरू कर दिया। कथित कॉलर ने कहा कि वह अंश टावर, रोहिणी, दिल्ली से है और उसके घर पर मोबाइल टावर लगाने की पेशकश की। चूंकि वह अपने घर पर मोबाइल टावर लगवाने में इच्छुक था, इसलिए उसने अपना बैंक खाता विवरण, पासबुक, आधार कार्ड, पैन कार्ड और उस स्थान की फोटो भेजी जहां टावर लगाया जाना था। शिकायतकर्ता ने आगे बताया कि बाद में टावर लगाने की प्रक्रिया के संबंध में, उसे एक और कॉल आया और कॉलर ने पंजाबी भाषा में बातचीत की। कथित कॉलर ने प्रक्रिया शुरू करने के लिए लाइसेंस शुल्क जमा करने के लिए कहा। उसने संदिग्ध द्वारा दिए गए खाता नंबरों में 27 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उसके साथ 45 लाख रुपये की ठगी की। पुलिस में शिकायत दर्ज कराने के बाद, साइबर सेल पुलिस लुधियाना ग्रामीण पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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