Ludhiana.लुधियाना: खन्ना के मनुपुर गाँव में उस समय मातम छा गया जब भारतीय सेना के जवान लांस नायक प्रितपाल सिंह शुक्रवार रात जम्मू-कश्मीर के कुलगाम के घने जंगलों में आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान शहीद हो गए। यह अभियान 1 अगस्त से चल रहा था। शनिवार सुबह लगभग 5 बजे सेना द्वारा परिवार को उनके निधन की सूचना दी गई और वे गहरे सदमे में हैं। 29 वर्षीय शहीद जवान 2015 में सेना में भर्ती हुए थे। उनकी शादी को केवल छह महीने ही हुए थे और वे अपने बुजुर्ग माता-पिता और पत्नी मनप्रीत कौर को छोड़ गए हैं। उनके चाचा और चाची भी सेना से सेवानिवृत्त हुए थे। अपने पति के निधन की खबर सुनकर मनप्रीत गमगीन हो गईं। त्योहारों के मौसम में उनके हाथों में चूड़ियों और मेहंदी की रस्में देखकर सभी की आँखें भर आईं। उनके पिता ने इस अपार क्षति पर शोक व्यक्त करते हुए कहा, "मैं देश के लिए अपने बेटे की शहादत को सलाम करता हूँ। मेरा बेटा अब कभी वापस नहीं आएगा, लेकिन उसने देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी।"
प्रितपाल सिंह के बड़े भाई मनप्रीत सिंह ने मीडियाकर्मियों से बात करते हुए बताया कि उनकी उनसे आखिरी बार शुक्रवार को बात हुई थी और प्रितपाल ने उन्हें आतंकवादियों के साथ चल रही मुठभेड़ के बारे में बताया था। उन्होंने कहा, "उसने हमें बताया था कि भारतीय सेना जल्द ही आतंकवादियों का सफाया कर देगी।" प्रितपाल की पत्नी ने बताया कि प्रितपाल महीने के अंत में घर आने वाले थे क्योंकि उन्होंने आने वाले सभी त्यौहार साथ मनाने की योजना बनाई थी, जिसमें शादीशुदा जोड़े के रूप में उनकी पहली दिवाली भी शामिल थी, लेकिन वे सपने टूट गए। प्रितपाल के भाई हरप्रीत सिंह ने बताया कि वे तीन भाई हैं। पूरा परिवार प्रितपाल पर निर्भर था। उन्होंने कहा, "मेरा भाई 2015 में बारहवीं पास करते ही सेना में भर्ती हो गया था। हमने उससे कहा था कि आज राखी है और उसे घर आकर त्योहार मनाना चाहिए, लेकिन उसने कहा था कि वह दिवाली पर आएगा।" उन्होंने आगे कहा, "मुझे अपने भाई पर गर्व है। उसने देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी। भारतीय सेना को आतंकवादियों का सफाया कर देना चाहिए।" प्रितपाल सिंह का अंतिम संस्कार रविवार को मनुपुर गांव में किए जाने की उम्मीद है।