Jalandhar: गेहूं की लिफ्टिंग शून्य रहने से मंडियों में दबाव

Update: 2026-04-16 10:07 GMT
Jalandhar.जालंधर: जालंधर जिले की अनाज मंडियों में गेहूं की खरीद प्रक्रिया तेज़ी से जारी है, लेकिन खरीदी गई फसल की लिफ्टिंग (उठान) पूरी तरह ठप होने से किसानों और आढ़तियों की चिंता बढ़ गई है।
मंडियों में प्रतिदिन बड़ी मात्रा में गेहूं की आवक हो रही है, जिससे खरीद एजेंसियों पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। हालांकि, खरीदी गई फसल के समय पर उठान न होने के कारण मंडियों में भंडारण की गंभीर समस्या पैदा हो गई है।
जालंधर के किसान संगठनों का कहना है कि कई स्थानों पर गेहूं की बोरियां खुले में पड़ी हैं, जिससे बारिश या मौसम परिवर्तन की स्थिति में फसल को नुकसान होने का खतरा है।
आढ़तियों ने भी बताया कि लिफ्टिंग न होने से नए स्टॉक के लिए जगह नहीं बच रही, जिससे खरीद प्रक्रिया बाधित हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से तुरंत उठान व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग की है।
मंडी अधिकारियों के अनुसार, उठान में देरी के पीछे परिवहन और गोदामों की उपलब्धता से जुड़ी समस्याएं प्रमुख कारण हैं।
जालंधर में किसान पहले ही भुगतान और अन्य प्रक्रियाओं को लेकर असंतोष जता चुके हैं, और अब लिफ्टिंग की समस्या ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि फसल खरीद प्रणाली में खरीद और उठान दोनों का संतुलन जरूरी है, अन्यथा मंडियों में जाम की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
कुल मिलाकर, जालंधर में गेहूं की खरीद भले ही तेज़ी से चल रही हो, लेकिन लिफ्टिंग ठप होने से पूरी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं और प्रशासन के सामने इसे जल्द दुरुस्त करने की बड़ी चुनौती है।
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