चेकिंग के दौरान होमगार्ड जवान को महिंद्रा गाड़ी ने कुचला, ड्यूटी पर दर्दनाक मौत
सरहिंद। पंजाब के सरहिंद नेशनल हाईवे पर गांव पतारसी के नजदीक एक दर्दनाक सड़क हादसे में ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड जवान की मौत हो गई। घटना 9 और 10 अक्टूबर की दरमियानी रात की है। थाना मूलेपुर की पुलिस पार्टी हाईवे पर नाकाबंदी कर संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान राजपुरा की ओर से आ रही एक महिंद्रा गाड़ी को होमगार्ड जवान सलामदीन (52) ने रुकने का इशारा किया। आरोप है कि चालक ने वाहन रोकने के बजाय तेज रफ्तार और लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए जवान को कुचल दिया। हादसे में सलामदीन की मौत हो गई।
इस घटना ने हाईवे पर वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस और सुरक्षा कर्मियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस समय हादसा हुआ, उस समय पुलिस पार्टी नियमित नाकाबंदी के दौरान वाहनों की जांच कर रही थी। होमगार्ड जवान सलामदीन भी इसी ड्यूटी में शामिल थे।
सरहिंद नेशनल हाईवे पर हुआ दर्दनाक हादसा
सरहिंद नेशनल हाईवे पर स्थित गांव पतारसी के पास यह हादसा सामने आया है। जानकारी के अनुसार, थाना मूलेपुर की पुलिस पार्टी ने 9 और 10 अक्टूबर की दरमियानी रात हाईवे पर नाकाबंदी की थी।
नाकाबंदी के दौरान पुलिसकर्मी संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच कर रहे थे। इसी दौरान राजपुरा की दिशा से एक महिंद्रा गाड़ी आती दिखाई दी।
नाके पर मौजूद होमगार्ड जवान सलामदीन ने वाहन चालक को रुकने का संकेत दिया। आरोप है कि चालक ने संकेत का पालन नहीं किया और वाहन को तेज रफ्तार से आगे बढ़ा दिया।
इस दौरान गाड़ी सीधे होमगार्ड जवान के ऊपर चढ़ गई। हादसे में जवान की मौत हो गई।
राजपुरा की तरफ से आ रही थी महिंद्रा गाड़ी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हादसे में शामिल महिंद्रा गाड़ी राजपुरा की ओर से आ रही थी।
उस समय थाना मूलेपुर की पुलिस पार्टी हाईवे पर नाकाबंदी कर वाहनों की चेकिंग कर रही थी।
जैसे ही गाड़ी नाके के पास पहुंची, होमगार्ड जवान सलामदीन ने चालक को वाहन रोकने का इशारा किया।
लेकिन आरोप है कि चालक ने वाहन रोकने के बजाय तेज रफ्तार से गाड़ी चलाना जारी रखा।
इसके बाद वाहन होमगार्ड जवान से टकरा गया और उन्हें कुचल दिया।
हालांकि, महिंद्रा गाड़ी का मॉडल, पंजीकरण नंबर और चालक की पहचान से संबंधित जानकारी उपलब्ध नहीं है।
होमगार्ड जवान ने किया था रुकने का इशारा
हादसे के समय सलामदीन अपनी ड्यूटी निभा रहे थे। वह पुलिस पार्टी के साथ वाहनों की जांच में शामिल थे।
नाकाबंदी के दौरान राजपुरा की ओर से आ रही महिंद्रा गाड़ी को देखकर उन्होंने चालक को रुकने का संकेत दिया।
वाहनों की चेकिंग के दौरान नाके पर तैनात कर्मियों की जिम्मेदारी आने-जाने वाले वाहनों को रोककर आवश्यक जांच करना होती है।
सलामदीन भी इसी जिम्मेदारी का निर्वहन कर रहे थे।
लेकिन वाहन चालक द्वारा रुकने का संकेत नहीं मानने के आरोप के बीच यह हादसा हो गया।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, चालक ने गाड़ी को तेज रफ्तार और लापरवाही से चलाते हुए सीधे जवान के ऊपर चढ़ा दिया।
ड्यूटी के दौरान सलामदीन की मौत
हादसे में जान गंवाने वाले होमगार्ड जवान की पहचान सलामदीन के रूप में हुई है। उनकी उम्र 52 वर्ष थी।
वह थाना मूलेपुर की पुलिस पार्टी के साथ सरहिंद नेशनल हाईवे पर नाकाबंदी ड्यूटी में तैनात थे।
रात के समय वाहनों की जांच के दौरान उनके साथ यह हादसा हुआ।
सलामदीन ने महिंद्रा गाड़ी को रुकने का इशारा किया था, लेकिन वाहन चालक ने कथित रूप से संकेत का पालन नहीं किया।
गाड़ी की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई।
हालांकि, हादसे के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया था या उनकी मौत घटनास्थल पर हुई, इस संबंध में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
9 और 10 अक्टूबर की दरमियानी रात की घटना
यह हादसा 9 और 10 अक्टूबर की दरमियानी रात हुआ।
थाना मूलेपुर की पुलिस पार्टी ने सरहिंद नेशनल हाईवे पर गांव पतारसी के पास नाकाबंदी की थी।
नाकाबंदी का उद्देश्य संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच करना था।
इसी दौरान राजपुरा की ओर से आ रही महिंद्रा गाड़ी को रोकने का प्रयास किया गया।
होमगार्ड जवान सलामदीन ने चालक को रुकने का संकेत दिया, लेकिन वाहन कथित रूप से तेज रफ्तार में आगे बढ़ता रहा।
इसके बाद जवान वाहन की चपेट में आ गए।
घटना के सटीक समय और हादसे के तुरंत बाद की परिस्थितियों के बारे में अतिरिक्त जानकारी उपलब्ध नहीं है।
तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने का आरोप
इस हादसे में वाहन चालक पर तेज रफ्तार और लापरवाही से गाड़ी चलाने का आरोप है।
प्राप्त विवरण के अनुसार, चालक ने नाके पर मौजूद होमगार्ड जवान के रुकने के संकेत को नजरअंदाज किया।
इसके बाद गाड़ी सीधे जवान के ऊपर चढ़ गई।
हालांकि, वाहन की वास्तविक गति कितनी थी और चालक ने गाड़ी क्यों नहीं रोकी, इसकी पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं हुई है।
यह भी स्पष्ट नहीं है कि हादसे के बाद चालक घटनास्थल पर रुका था या वहां से चला गया।
इसलिए चालक की मंशा या घटना के पीछे किसी अन्य कारण को लेकर अनुमान लगाना उचित नहीं होगा।
हाईवे पर नाकाबंदी के दौरान सुरक्षा की चुनौती
सरहिंद नेशनल हाईवे पर हुई यह घटना नाकाबंदी के दौरान तैनात सुरक्षाकर्मियों के सामने आने वाले जोखिमों को उजागर करती है।
हाईवे पर वाहनों की आवाजाही के बीच पुलिस और होमगार्ड जवानों को संदिग्ध वाहनों की जांच करनी पड़ती है।
ऐसे में वाहन चालकों द्वारा यातायात नियमों और पुलिस के संकेतों का पालन करना बेहद जरूरी है।
तेज रफ्तार वाहन किसी भी समय गंभीर हादसे का कारण बन सकते हैं।
विशेष रूप से रात के समय हाईवे पर जांच के दौरान पर्याप्त सतर्कता और सुरक्षा व्यवस्था का महत्व बढ़ जाता है।
हालांकि, इस घटना में नाकाबंदी स्थल पर कौन-कौन से सुरक्षा इंतजाम मौजूद थे, इसका विवरण उपलब्ध नहीं है।
वाहन चालक की पहचान और कार्रवाई की जानकारी नहीं
होमगार्ड जवान सलामदीन की मौत के मामले में महिंद्रा गाड़ी के चालक की पहचान के बारे में जानकारी सामने नहीं आई है।
इसके अलावा चालक को हिरासत में लिया गया है या उसके खिलाफ कोई मामला दर्ज किया गया है, इसकी पुष्टि भी उपलब्ध विवरण में नहीं की गई है।
हादसे के बाद पुलिस की ओर से की गई अन्य कार्रवाई के संबंध में भी विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।
ऐसे मामलों में वाहन की पहचान, चालक की भूमिका और घटनास्थल की परिस्थितियों की जांच महत्वपूर्ण होती है।
फिलहाल सामने आए तथ्यों के अनुसार, नाकाबंदी के दौरान एक महिंद्रा गाड़ी ने होमगार्ड जवान को कुचल दिया, जिससे उनकी मौत हो गई।
ड्यूटी निभाते समय गई होमगार्ड जवान की जान
सरहिंद नेशनल हाईवे पर गांव पतारसी के नजदीक हुई इस घटना में 52 वर्षीय होमगार्ड जवान सलामदीन की ड्यूटी के दौरान मौत हो गई।
थाना मूलेपुर की पुलिस पार्टी 9 और 10 अक्टूबर की दरमियानी रात संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच कर रही थी।
इसी दौरान राजपुरा की ओर से आ रही महिंद्रा गाड़ी को सलामदीन ने रोकने का संकेत दिया था।
आरोप है कि चालक ने वाहन रोकने के बजाय तेज रफ्तार और लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए जवान को कुचल दिया।
इस हादसे ने एक बार फिर हाईवे पर वाहन चेकिंग के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और वाहन चालकों द्वारा नियमों के पालन के महत्व को सामने रखा है।