Chandigarh दिल्ली में गुरुद्वारा बंगला साहिब के पास प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ कथित पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए शिरोमणि अकाली दल (SAD) की सांसद हरसिमरत कौर बादल की एक पोस्ट ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। बाद में यह पोस्ट हटा दी गई। हरसिमरत ने दिल्ली पुलिस पर गुरुद्वारे की पवित्रता का अनादर करने और 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के विरोध प्रदर्शन से पहले हिरासत में ली गई महिला प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया।
X पर अपनी पोस्ट में उन्होंने कहा, "मैं आज के धरने के दौरान दिल्ली पुलिस के गुरुद्वारा श्री बंगला साहिब के पवित्र परिसर में घुसने और प्रदर्शनकारियों, खासकर महिलाओं के साथ कथित ज्यादती की कड़ी निंदा करती हूं। गुरुद्वारे की पवित्रता का अनादर करना और विरोध करने के अपने अधिकार का इस्तेमाल करते हुए शरण ले रही महिलाओं के साथ बदसलूकी करना पूरी तरह से अस्वीकार्य है। दिल्ली पुलिस को अपनी कार्रवाई के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।"
खबरों के मुताबिक, इस पोस्ट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं में बेचैनी पैदा हो गई। सुप्रीम कोर्ट के वकील और BJP नेता हरविंदर सिंह फूलका ने सवाल उठाया कि SAD (बादल) ने उस नैरेटिव (धारणा) को फैलाने में क्यों साथ दिया, जिसे उन्होंने 'झूठा' बताया था। हालांकि हरसिमरत ने जल्द ही पोस्ट हटा दी, लेकिन विपक्ष के कई नेताओं ने इसके स्क्रीनशॉट सेव कर लिए और सोशल मीडिया पर शेयर करना शुरू कर दिया। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब अटकलें लगाई जा रही हैं कि BJP और SAD (बादल) अक्टूबर के अंत तक गठबंधन को औपचारिक रूप दे सकते हैं।
इससे पहले, SAD नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को इस्तीफ़ा दे देना चाहिए, क्योंकि उनके ख़िलाफ़ नाराज़गी बढ़ रही है। वहीं, BJP सांसद विक्रमजीत सिंह ने विरोध प्रदर्शन, नारेबाज़ी और गैर-धार्मिक भाषणों के लिए गुरुद्वारे के इस्तेमाल पर सवाल उठाए और कहा कि इस घटना की निंदा की जानी चाहिए।