Punjab मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को 'बंदी सिंह इंसाफ़ मोर्चा' की चार सदस्यीय समिति को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार अलग-अलग जेलों में बंद सिख कैदियों से जुड़े मामले को जल्द सुलझाने के लिए सभी ज़रूरी कानूनी और संवैधानिक कदम उठाएगी।
मान ने समिति के सदस्यों - गुरदीप सिंह बठिंडा, एडवोकेट जसपाल सिंह मंझपुर, पाल सिंह फ्रांस और बलविंदर पाल सिंह - से मुलाकात की और बंदी सिखों की रिहाई के बारे में उनकी चिंताएं सुनीं, जिनमें वे कैदी भी शामिल हैं जिन्होंने अपनी सज़ा पूरी कर ली है। मान ने कहा कि यह मामला हमेशा के लिए अनसुलझा नहीं रह सकता और इसे संवेदनशील बताते हुए कहा कि इसमें न्याय, इंसानियत और व्यक्तिगत अधिकार शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि जो सही कदम पिछली सरकारों को उठाने चाहिए थे, उन्हें अब प्राथमिकता के आधार पर उठाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने फिर दोहराया कि सरकार संविधान और मौजूदा कानूनों के दायरे में रहकर ही काम करेगी। मान ने कहा कि राज्य सरकार कानूनी और संवैधानिक प्रक्रियाओं का सम्मान करते हुए इस मामले का सार्थक और जल्द समाधान खोजने की हर संभव कोशिश करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार लोकतांत्रिक और कानूनी तरीकों से पंजाब से जुड़े जायज़ मुद्दों को हल करना जारी रखेगी।