Punjab दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की चंडीगढ़ इकाई को हरविंदर कुमार उर्फ सोनू बरनाला की दो दिन की ट्रांजिट रिमांड दी। विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) नेता विकास प्रभाकर की हत्या के आरोपी कुमार को संयुक्त अरब अमीरात से निर्वासित किए जाने के बाद अदालत में पेश किया गया।
विशेष न्यायाधीश (एनआईए) प्रशांत शर्मा ने ट्रांजिट रिमांड दी ताकि एजेंसी कुमार को चंडीगढ़ में एनआईए अदालत के समक्ष पेश कर सके। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने बरनाला का निर्वासन सुरक्षित कर लिया, जो कथित तौर पर पंजाब के नंगल में प्रभाकर की हत्या से जुड़ा है।
गृह मंत्रालय ने कहा है कि विहिप नेता की हत्या सांप्रदायिक अशांति पैदा करने की कोशिश में बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर इसके पाकिस्तान स्थित प्रमुख वधावा सिंह उर्फ बब्बर के इशारे पर की थी। यूएई स्थित बरनाला एक भगोड़ा था जिसके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। भारतीय एजेंसियों के अनुरोध के बाद यूएई के अधिकारियों ने उसे भारत को सौंप दिया।
एनआईए ने आरोप लगाया है कि बरनाला ने विदेश स्थित बीकेआई कार्यकर्ताओं के लिए एक प्रमुख रसद प्रदाता और फाइनेंसर के रूप में काम किया। जांचकर्ताओं का आरोप है कि उसने गुर्गों की भर्ती की और उन्हें संभाला, हथियारों की व्यवस्था की और प्रभाकर की हत्या में शामिल निशानेबाजों तक उनकी डिलीवरी की सुविधा प्रदान की। उसने जर्मनी स्थित बीकेआई ऑपरेटिव हरजीत सिंह उर्फ लाडी और कुलबीर सिंह उर्फ सिद्धू के निर्देश पर कथित तौर पर आतंकी फंड भी प्राप्त किया और स्थानांतरित किया।