CM मान ने निर्वासितों को लेकर अमृतसर में अमेरिकी विमान उतरने का विरोध किया
Panjab पंजाब। अमेरिका से निर्वासित भारतीय नागरिकों को लेकर अमृतसर में विमान उतरने से राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। पंजाब सरकार ने केंद्र सरकार के समक्ष अपनी असहमति दर्ज कराई है। 15 और 16 फरवरी को दो और विमानों के आने की संभावना है। ऐसे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान निर्वासित लोगों को लेने के लिए अमृतसर पहुंचे हैं। उन्होंने कहा, "राज्य का मुखिया होने के नाते यह मेरा कर्तव्य है कि मैं अपने मूल निवासियों को रिसीव करूं। उन्होंने अमेरिका में भले ही कानून तोड़ा हो, लेकिन यहां कोई अपराध नहीं किया है। मैं उन्हें रिसीव करने के लिए विशेष रूप से आया हूं।"
उन्होंने खुलासा किया कि सरकार उनके लिए पुनर्वास नीति तैयार करने पर भी अडिग है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा, "यह विडंबना है कि उसी समय प्रवासियों को हथकड़ी और जंजीरों में बांधकर भारत भेजा जा रहा था। क्या प्रधानमंत्री ने ट्रंप के साथ इस अमानवीय व्यवहार के मुद्दे को उठाया? मुझे नहीं लगता कि उन्होंने ऐसा किया। उन्होंने कहा कि जंजीरों में जकड़े भारतीयों को उनके वतन वापस भेजा जाना ट्रंप की ओर से मोदी को दिया गया तोहफा है।
केंद्र की मंशा पर संदेह जताते हुए सीएम ने आरोप लगाया कि यह भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की पंजाब को बदनाम करने की जानबूझ कर की गई कोशिश है। उन्होंने कहा कि उन्होंने लिखित रूप में अमृतसर को उतरने के लिए चुनने के बारे में विदेश मंत्रालय (एमईए) के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया है, लेकिन अभी भी जवाब का इंतजार है। 119 निर्वासित भारतीय नागरिकों को लेकर अमेरिका से एक विशेष उड़ान कल अमृतसर के श्री गुरु रामदास जी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचेगी। सूत्रों ने बताया कि निर्वासित लोगों में से अधिकांश पंजाब के हैं।