कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में बुधवार देर रात, सरे (Surrey) में रहने वाले खालिस्तान जनमत संग्रह (रेफरेंडम) कार्यकर्ता और मारे गए अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर के करीबी, नरिंदर सिंह रंधावा की कार को उनके घर के बाहर आग लगा दी गई। इसी हमले के दौरान, "टीम शहीद निज्जर" से जुड़ी एक बस पर भी स्प्रे-पेंट किया गया। "टीम शहीद निज्जर" का संबंध हरदीप सिंह निज्जर से है, जिनका जन्म 11 अक्टूबर 1977 को पंजाब के जालंधर जिले के भार सिंह पुरा गांव में हुआ था। 18 जून 2023 को सरे में गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई थी। कनाडाई अधिकारियों और FBI ने इस हत्या के पीछे भारतीय खुफिया एजेंटों और लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के सदस्यों की भूमिका होने की बात कही है।
सरे पुलिस सर्विस ने बताया कि रात 11:45 बजे उन्हें 91 एवेन्यू के 14500 ब्लॉक में बुलाया गया, जहां उन्होंने देखा कि गाड़ी पूरी तरह से आग की लपटों में घिरी हुई थी और दमकलकर्मी आग बुझाने का काम कर रहे थे। जांचकर्ताओं का मानना ​​है कि संदिग्ध व्यक्ति पैदल ही वहां से भाग गया। पुलिस ने कहा कि अभी तक हमले के पीछे के मकसद का पता नहीं चल पाया है। उन्होंने स्थानीय लोगों से अपील की है कि अगर उनके पास रात 11 बजे से आधी रात के बीच का कोई सर्विलांस फुटेज (सीसीटीवी फुटेज) हो, तो वे उसे साझा करें। इस मामले की जांच गंभीर अपराधों की जांच करने वाली टीम कर रही है।
यह घटना इलाके में खालिस्तान समर्थक रैली होने के कुछ घंटों बाद हुई। रंधावा इस तरह की रैलियों के जाने-माने आयोजक हैं। कनाडाई मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल में उन्हें "ड्यूटी टू वॉर्न" (चेतावनी देने का कर्तव्य) नोटिस दिया गया था, जिसमें उन्हें उनकी जान को होने वाले संभावित खतरे के बारे में आगाह किया गया था। पुलिस ऐसे नोटिस तब जारी करती है जब उनके पास पुख्ता जानकारी हो कि किसी व्यक्ति की जान खतरे में हो सकती है। पुलिस ने इस आगजनी की घटना का संबंध रैली से नहीं जोड़ा है और न ही इसके लिए किसी विशेष समूह को जिम्मेदार ठहराया है।
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