Chandigarh मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने गुरुवार को राज्य भर के उन 3,763 गांवों के सर्वांगीण और समावेशी विकास के लिए 750 करोड़ रुपये से ज़्यादा के एक बड़े कार्यक्रम की घोषणा की, जहां अनुसूचित जाति की आबादी 40 प्रतिशत से ज़्यादा है। इस पहल का मकसद सामाजिक न्याय और संतुलित ग्रामीण विकास को बढ़ावा देना है। सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक विभाग के कामकाज की समीक्षा के लिए बुलाई गई बैठक की अध्यक्षता करते हुए मान ने कहा कि हर गांव विकास के समान अवसरों का हकदार है और विकास उन समुदायों और इलाकों तक पहुँचना चाहिए जो दशकों से वंचित रहे हैं। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक विभाग नोडल विभाग के तौर पर काम करेगा, जबकि ग्रामीण विकास और बागवानी विभाग ज़रूरी मदद देंगे।
मान ने कहा कि डिप्टी कमिश्नर हर गांव की खास ज़रूरतों के हिसाब से विकास कार्यों की पहचान करेंगे और उन्हें प्राथमिकता देंगे, ताकि यह पक्का किया जा सके कि सरकारी फंड का इस्तेमाल ऐसे प्रोजेक्ट्स पर हो जिनसे सबसे ज़्यादा असर पड़े। उन्होंने कहा कि शुरुआत में हर गांव को 20 लाख रुपये का अनटाइड फंड (बिना किसी खास शर्त वाला फंड) मिलेगा। फंड के सही इस्तेमाल और अतिरिक्त ज़रूरतों के आकलन के बाद इस रकम को बढ़ाया जा सकेगा। हर गांव के लिए एक खास 'विलेज डेवलपमेंट प्लान' (VDP) तैयार किया जाएगा ताकि यह पक्का हो सके कि विकास ज़रूरत पर आधारित, तालमेल वाला और नतीजे देने वाला हो।
मुख्यमंत्री के मुताबिक, फंड का इस्तेमाल ज़रूरी जन-सुविधाओं और बुनियादी ढांचे के लिए किया जा सकता है, जैसे RO सिस्टम, अतिरिक्त क्लासरूम, लाइब्रेरी, एम्बुलेंस, मोहल्ला क्लीनिक और सोलर-पावर्ड स्ट्रीट लाइट, साथ ही स्थानीय ज़रूरतों के हिसाब से पहचानी गई दूसरी सुविधाएं। मान ने कहा कि इस कार्यक्रम का मकसद यह पक्का करना है कि विकास उन समुदायों तक पहुँचे जो ऐतिहासिक रूप से वंचित रहे हैं और सरकारी खर्च उनकी खास ज़रूरतों के हिसाब से हो।
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