सहयोगी की गिरफ्तारी के बाद अमृतसर पुलिस को धमकी, रेड कॉर्नर नोटिस की तैयारी
विदेश से पुलिस को धमकी देने का मामला
अमृतसर: विदेश में रह रहे कथित आपराधिक हैंडलर बादलप्रीत सिंह की ओर से अमृतसर पुलिस को धमकी देने का मामला सामने आया है। उससे जुड़े बताए जा रहे गुरविंदर सिंह की गिरफ्तारी के बाद एक सोशल मीडिया पोस्ट में पुलिस पर आरोप लगाए गए हैं। बादलप्रीत के खिलाफ पहले से लुकआउट सर्कुलर जारी है। अब रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराने की तैयारी की जा रही है। संबंधित दस्तावेज केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।
पोस्ट में बादलप्रीत ने गुरविंदर को अपना पुराना दोस्त बताया और पुलिस पर उसे प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। यह आरोप स्वतंत्र रूप से पुष्ट नहीं है। पोस्ट की प्रामाणिकता पर भी सवाल बताए गए हैं। बादलप्रीत अमृतसर देहात के पंडोरी वड़ैच गांव का निवासी है और उसके स्पेन तथा पुर्तगाल में रहने की जानकारी सामने आई है। पुलिस उसे भारत लाने के प्रयास कर रही है। हालांकि, नोटिस जारी होने या उसे वापस लाने की निश्चित तारीख की पुष्टि नहीं हुई है।
पैसों का लालच देकर वारदात कराने का आरोप
गिरफ्तार गुरविंदर सिंह की उम्र करीब 23 वर्ष बताई गई है। पुलिस के अनुसार, वह विदेश में बैठे बादलप्रीत और स्थानीय स्तर पर सक्रिय युवकों के बीच संपर्क का काम करता था। उस पर कम उम्र के लड़कों और नाबालिगों को रकम का लालच देकर आपराधिक गतिविधियों में शामिल करने का आरोप है।
एसएसपी कंवलप्रीत सिंह चहल की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, युवकों को कथित तौर पर 15 हजार से 50 हजार रुपये तक देने का लालच दिया जाता था। उनसे पुलिस अधिकारियों पर हमले और पेट्रोल बम फेंकने जैसी घटनाएं कराने का आरोप है। गुरविंदर के कब्जे से .30 बोर की अवैध पिस्तौल बरामद होने की जानकारी भी दी गई है।
जांच में मोबाइल डेटा, सोशल मीडिया संपर्क और बैंक खातों के लेनदेन की पड़ताल की जा रही है। इसका उद्देश्य कथित नेटवर्क में शामिल लोगों तथा रकम पहुंचाने के रास्तों का पता लगाना है। पुलिस यह समझने की कोशिश कर रही है कि स्थानीय युवकों तक निर्देश किस माध्यम से पहुंचते थे और भुगतान की व्यवस्था कौन करता था। ये आरोप अभी जांच के दायरे में हैं।
एएसआई पर हमले से जुड़ा मामला
गुरविंदर की गिरफ्तारी सितंबर में एएसआई जसवंत सिंह को गोली मारकर घायल करने के मामले से भी जुड़ी बताई गई है। इस प्रकरण में पहले भी गिरफ्तारियां हो चुकी हैं। पुलिस की जांच में विदेशी हैंडलर के निर्देश पर घटनाएं कराने का आरोप सामने आया है।
क्या होता है रेड कॉर्नर नोटिस?
इंटरपोल के अनुसार, रेड नोटिस सदस्य देशों की एजेंसियों से किसी वांछित व्यक्ति का पता लगाने और प्रत्यर्पण अथवा समान कानूनी प्रक्रिया के लिए अस्थायी गिरफ्तारी का अनुरोध है। यह अपने आप में अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट नहीं होता। संबंधित देश अपने कानूनों के अनुसार कार्रवाई तय करते हैं। इसलिए नोटिस की तैयारी, उसका प्रकाशन और किसी आरोपी को भारत लाना अलग-अलग प्रक्रियाएं हैं। बादलप्रीत के मामले में फिलहाल तैयारी की जानकारी सामने आई है; इसे गिरफ्तारी या वापसी की पुष्टि नहीं माना जा सकता।