गुरदासपुर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार, 20 अक्टूबर 2026 को पंजाब के दौरे पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने गुरदासपुर जिले के बटाला क्षेत्र स्थित मारी पनवां गांव में बिक्रमजीत सिंह के घर जाकर उनके परिजनों से मुलाकात की। बिक्रमजीत सिंह की कथित तौर पर नशीले पदार्थों की बिक्री का विरोध करने के कारण हत्या कर दी गई थी। गृह मंत्री ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। पंजाब में नशे के अवैध कारोबार और इसके खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों पर हमलों के बीच शाह के इस दौरे को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परिवारों से मुलाकात
गृह मंत्री अमित शाह का पंजाब दौरा गुरदासपुर, मानसा और संगरूर जिलों में नशीले पदार्थों के कारोबार का विरोध करने से जुड़ी घटनाओं के पीड़ित परिवारों से मिलने के लिए निर्धारित किया गया है। इन घटनाओं ने राज्य में कानून-व्यवस्था और नशा तस्करी को लेकर बहस तेज कर दी है।भाजपा के पंजाब उपाध्यक्ष फतेहजंग सिंह बाजवा ने कहा कि अमित शाह का दौरा राज्य के लोगों को नशे के खिलाफ लड़ाई जारी रखने का संदेश देता है। उन्होंने बताया कि पार्टी ने जालंधर में पंजाब को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया था।बाजवा के अनुसार, भाजपा ने 31 दिसंबर 2029 तक पंजाब से नशीले पदार्थों की समस्या समाप्त करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी अपने इस वादे को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता की हत्या से आक्रोश
पंजाब के मानसा जिले में 13 अक्टूबर को नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आरोप है कि नशीले पदार्थों की कथित बिक्री का विरोध करने के दौरान एक मेडिकल स्टोर संचालक के साथ उनका विवाद हुआ था।घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। इस घटना के बाद राज्य में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। किसान, मजदूर और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा निष्पक्ष जांच की मांग उठाई।
झोटा हत्याकांड की जांच CBI को सौंपने का फैसला
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने की घोषणा की है। राज्य सरकार ने परिवार की मांग को देखते हुए यह कदम उठाया है।मृतक के परिजन मामले में न्याय की मांग कर रहे हैं। उन्होंने हत्याकांड की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप
पंजाब में नशे के मुद्दे को लेकर भाजपा और सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।अमित शाह ने आरोप लगाया है कि राज्य में चिट्टा यानी हेरोइन के कारोबार से जुड़े तस्करों को आम आदमी पार्टी सरकार का संरक्षण मिल रहा है। उन्होंने नशीले पदार्थों के तस्करों की पहचान कर उन्हें जेल भेजने की केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई है।वहीं, पंजाब के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने शाह के दौरे का स्वागत करते हुए सीमा सुरक्षा और नशा तस्करी पर सवाल उठाए। उन्होंने पाकिस्तान से लगती पंजाब की लगभग 543 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा को लेकर केंद्र सरकार की जिम्मेदारी का मुद्दा उठाया।अरोड़ा ने गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह के रास्ते करीब 3,000 किलोग्राम हेरोइन की बरामदगी का मुद्दा भी उठाया और नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की जरूरत बताई।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पंजाब सरकार से मांगी रिपोर्ट
इस बीच केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पंजाब सरकार से गुरदासपुर में बिक्रमजीत सिंह की हत्या और मानसा में झोटा हत्याकांड सहित नशे से जुड़ी घटनाओं पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।मंत्रालय ने राज्य सरकार द्वारा की गई कार्रवाई के साथ नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी भी मांगी है। इनमें एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को मजबूत करना, नशीले पदार्थों से जुड़े वित्तीय नेटवर्क की जांच, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय और एनडीपीएस अधिनियम के तहत कार्रवाई जैसे विषय शामिल हैं।पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों की सुरक्षा और तस्करी पर नियंत्रण अब प्रमुख मुद्दा बन गया है। अमित शाह के दौरे के बीच केंद्र और राज्य सरकार की कार्रवाई पर लोगों की निगाहें टिकी हुई हैं।
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