Chandigarh आम आदमी पार्टी ने कहा है कि वह ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) के ऑफिस में मंगलवार सुबह से तलाशी अभियान चला रही प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीमों का घेराव करेगी। राज्य की सत्ताधारी पार्टी ने आरोप लगाया है कि इस कार्रवाई का मकसद विधानसभा चुनावों से पहले पंजाब सरकार पर दबाव बनाना है। इस कार्रवाई से चुनाव वाले राज्य में सत्ताधारी पार्टी AAP और केंद्र की सत्ताधारी पार्टी BJP के बीच राजनीतिक टकराव और बढ़ सकता है।
मोहाली में GMADA ऑफिस में ED की तलाशी पर सवाल उठाते हुए पार्टी ने आरोप लगाया कि इतनी लंबी तलाशी के बावजूद एजेंसी को अब तक कोई ठोस चीज़ नहीं मिली है। उसने कार्रवाई के समय और तरीके पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि BJP के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार सरकारी अधिकारियों को डराने-धमकाने के लिए केंद्रीय एजेंसी का इस्तेमाल कर रही है।
AAP ने आरोप लगाया कि विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही पंजाब में ED की गतिविधियां बढ़ गई हैं। आज GMADA ऑफिस में ED की तलाशी और निगरानी अभियान का तीसरा दिन है। यहां मनी लॉन्ड्रिंग, ज़मीन के इस्तेमाल में बदलाव और ज़मीन अधिग्रहण से जुड़ी फाइलों की जांच की जा रही है, साथ ही एक मर्चेंट बैंकर के ज़रिए 15,000 करोड़ रुपये का लोन लेने की हालिया कोशिश की भी जांच हो रही है।
कल रात, ED ने AAP के पंजाब मामलों के सह-प्रभारी सत्येंद्र जैन के घर पर भी तलाशी अभियान चलाया। पार्टी ने कहा, "इतनी लंबी रेड के बावजूद, ED को अब तक कुछ नहीं मिला है।" पार्टी ने आरोप लगाया कि तलाशी के समय और तरीके से पता चलता है कि मकसद अधिकारियों को डराना था। हालांकि, ED ने अपनी जांच पूरी नहीं की है और न ही यह कहा है कि तलाशी के दौरान कोई आपत्तिजनक सामग्री नहीं मिली है। लेकिन ऐसी खबरें हैं कि एक IAS अधिकारी के सेक्टर 19 स्थित घर पर तलाशी अभियान के दौरान भारी मात्रा में कैश बरामद हुआ।
पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि चुनावों से पहले बार-बार ED की कार्रवाई भगवंत मान सरकार पर दबाव बनाने और राज्य प्रशासन के कामकाज में बाधा डालने की कोशिश है। AAP नेताओं ने कहा कि पार्टी पंजाब में BJP के "दबाव बनाने वाले हथकंडों" को बर्दाश्त नहीं करेगी और विरोध स्वरूप ED की टीमों का घेराव करने की घोषणा की। पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि 2014 से ही बीजेपी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार, विपक्ष के शासन वाले और चुनाव वाले राज्यों में चार केंद्रीय एजेंसियों — प्रवर्तन निदेशालय (ED), CBI, आयकर विभाग और चुनाव आयोग — का इस्तेमाल "हथियार" के तौर पर कर रही है। उन्होंने कहा, "दिल्ली में 2025 के चुनावों से पहले AAP के पूरे नेतृत्व के खिलाफ़ एक मामला बनाया गया था, जिसे बाद में कोर्ट ने खारिज कर दिया। उन्होंने पश्चिम बंगाल और बिहार में भी ऐसा ही किया है। लेकिन अब लोग उनकी चाल को समझ गए हैं।"