चंडीगढ़: पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। परगट सिंह रविवार, 11 अक्टूबर को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कमान संभालने वाले हैं। इस मौके पर करीब 10 हजार कार्यकर्ताओं के जुटने की बात सामने आई है। पार्टी के भीतर गुटबाजी और वरिष्ठ नेताओं के बीच तालमेल की चुनौती के बीच परगट सिंह का पदभार ग्रहण कार्यक्रम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पंजाब में वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के सामने संगठन को मजबूत करने और पार्टी नेताओं के बीच समन्वय स्थापित करने की चुनौती है। ऐसे समय में प्रदेश नेतृत्व में बदलाव को पार्टी की चुनावी तैयारियों से जोड़कर देखा जा रहा है।
11 अक्टूबर को चंडीगढ़ में पदभार ग्रहण
कांग्रेस ने 2 अक्टूबर को परगट सिंह को पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी का नया अध्यक्ष नियुक्त किया था। वह अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की जगह लेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, रविवार को चंडीगढ़ स्थित पंजाब कांग्रेस भवन में वह औपचारिक रूप से पदभार संभालेंगे। कार्यक्रम में पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट सहित वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की तैयारी है। हालांकि 10 हजार कार्यकर्ताओं की उपस्थिति के आंकड़े की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
गुटबाजी खत्म करना बड़ी चुनौती
पंजाब कांग्रेस में लंबे समय से वरिष्ठ नेताओं के बीच मतभेद सामने आते रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग से जुड़े राजनीतिक मतभेद भी चर्चा में रहे हैं। ऐसे में परगट सिंह के सामने पार्टी के विभिन्न धड़ों को साथ लेकर चलने की जिम्मेदारी होगी। परगट सिंह ने कहा है कि कांग्रेस में सभी नेताओं को साथ लेकर फैसले किए जाएंगे। उन्होंने संगठन को एक टीम बताते हुए सामूहिक नेतृत्व पर जोर दिया है।
पूर्व हॉकी कप्तान को मिली अहम जिम्मेदारी
परगट सिंह भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान रह चुके हैं। वह जालंधर कैंट विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक चुने गए हैं और पंजाब सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। खेल के मैदान से राजनीति तक का अनुभव रखने वाले परगट सिंह ने कहा है कि वह संगठन में टीम भावना के साथ काम करेंगे।
राहुल गांधी और खरगे से कर चुके हैं मुलाकात
नई जिम्मेदारी मिलने के बाद परगट सिंह ने दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की थी। इसके अलावा उन्होंने पंजाब के पूर्व मंत्रियों, विधायकों और पार्टी पदाधिकारियों से भी बातचीत की है। इन बैठकों में संगठनात्मक तालमेल और जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत बनाने पर चर्चा हुई।
2027 विधानसभा चुनाव पर नजर
पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले कांग्रेस संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने की तैयारी कर रही है। परगट सिंह ने कानून-व्यवस्था, नशे की समस्या, रोजगार, कृषि और राज्य की आर्थिक स्थिति जैसे मुद्दों को पार्टी की प्राथमिकताओं में शामिल करने की बात कही है। अब रविवार के कार्यक्रम में वरिष्ठ नेताओं की भागीदारी और संगठन के भीतर उनके सहयोग पर नजर रहेगी।
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