राजपुरा: राजपुरा-पटियाला नेशनल हाईवे पर एक चलते कैंटर में अचानक भीषण आग लग गई। कुछ ही देर में आग ने पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में कैंटर में लदे लाखों रुपये के महंगे ब्रांडेड कपड़े, जूते और स्पेयर पार्ट्स जलकर खाक हो गए। वहीं कैंटर चला रहा 21 वर्षीय युवक गंभीर रूप से झुलस गया। उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
सड़क सुरक्षा फोर्स (एसएसएफ) के इंचार्ज भूपिंदर सिंह के मुताबिक कैंटर अंबाला के मोड़ा वेयरहाउस से करीब तीन टन सामान लेकर बठिंडा की ओर जा रहा था। राजपुरा-पटियाला रोड पर चेतनाया टेक्नो स्कूल के पास पुल के नजदीक पहुंचते ही कैंटर में अचानक आग लग गई।
अंबाला से बठिंडा जा रहा था कैंटर
जानकारी के मुताबिक कैंटर में अंबाला स्थित मोड़ा वेयरहाउस से माल लोड किया गया था। वाहन को यह सामान लेकर बठिंडा पहुंचना था। कैंटर में करीब तीन टन माल होने की बात सामने आई है।
इसमें कई मशहूर कंपनियों के महंगे ब्रांडेड कपड़े और जूते रखे हुए थे। इसके अलावा वाहन में कीमती स्पेयर पार्ट्स भी लदे थे।
वाहन सामान्य रूप से अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहा था, लेकिन राजपुरा-पटियाला नेशनल हाईवे पर पहुंचने के बाद अचानक हालात बदल गए।
पुल के पास अचानक लगी आग
कैंटर जब चेतनाया टेक्नो स्कूल के नजदीक स्थित पुल के पास पहुंचा तो अचानक उसमें आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि चालक को संभलने का पर्याप्त समय नहीं मिल सका।
कुछ ही देर में आग की ऊंची लपटें वाहन से निकलने लगीं। हाईवे पर कैंटर को जलता देखकर आसपास से गुजर रहे वाहन चालकों और लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
आग के कारण कैंटर का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें रखा सामान भी लपटों की चपेट में आ गया।
21 वर्षीय ड्राइवर गंभीर रूप से झुलसा
हादसे में सबसे गंभीर स्थिति कैंटर चालक की बनी। 21 वर्षीय युवा ड्राइवर आग की चपेट में आने से बुरी तरह झुलस गया।
मौके पर मौजूद लोगों और संबंधित टीमों की मदद से उसे अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर रूप से झुलसने के कारण उसका इलाज जारी है।
युवा चालक की स्थिति को लेकर उसके परिजन भी चिंतित हैं। फिलहाल डॉक्टर उसकी निगरानी कर रहे हैं।
लाखों रुपये का सामान जलकर खाक
कैंटर में करीब तीन टन माल लदा हुआ था। इसमें ब्रांडेड कपड़े, जूते और महंगे स्पेयर पार्ट्स शामिल थे। आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि वाहन में रखा ज्यादातर सामान बचाया नहीं जा सका।
लपटों ने माल को तेजी से अपनी चपेट में लिया और लाखों रुपये का सामान जलकर खाक हो गया। नुकसान की वास्तविक कीमत का आकलन माल से जुड़े दस्तावेजों और कंपनी के रिकॉर्ड के आधार पर किया जाएगा।
वाहन में बड़ी मात्रा में कपड़े और अन्य सामान होने के कारण आग तेजी से फैलने की आशंका जताई जा रही है।
हाईवे पर मची अफरा-तफरी
चलते वाहन में अचानक आग लगने के कारण राजपुरा-पटियाला हाईवे पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग की लपटों और धुएं को दूर से ही देखा जा सकता था।
हाईवे से गुजर रहे दूसरे वाहन चालकों ने जलते कैंटर से दूरी बनाकर रखी। हादसे के कारण सड़क पर यातायात भी प्रभावित होने की स्थिति बनी।
ऐसे हादसों में वाहन के ईंधन टैंक तक आग पहुंचने का खतरा रहता है, इसलिए आसपास मौजूद लोगों के लिए सुरक्षित दूरी बनाए रखना जरूरी होता है।
सड़क सुरक्षा फोर्स पहुंची मौके पर
हादसे की जानकारी मिलने के बाद सड़क सुरक्षा फोर्स की टीम सक्रिय हुई। एसएसएफ इंचार्ज भूपिंदर सिंह ने घटना के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि कैंटर अंबाला से बठिंडा की ओर जा रहा था।
टीम ने मौके पर स्थिति को संभालने और यातायात व्यवस्था को सुरक्षित रखने की दिशा में कार्रवाई की।
हाईवे पर किसी वाहन में आग लगने की स्थिति में सबसे पहले आसपास से गुजर रहे वाहनों को सुरक्षित दूरी पर रोकना जरूरी होता है, ताकि आग या धुएं की वजह से दूसरा हादसा न हो।
आग लगने का कारण जांच का विषय
कैंटर में आग आखिर किस वजह से लगी, इसका तत्काल स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। चलते वाहन में आग लगने के पीछे शॉर्ट सर्किट, इंजन से जुड़ी तकनीकी खराबी या अन्य कारण हो सकते हैं, लेकिन इस मामले में वास्तविक वजह जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
वाहन की तकनीकी जांच से आग की शुरुआत किस हिस्से से हुई, इसका पता लगाया जा सकता है।
हादसे में कैंटर का बड़ा हिस्सा जल जाने के कारण जांच करने वाली टीम के सामने आग के वास्तविक कारण तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण भी हो सकता है।
तीन टन माल लेकर निकला था वाहन
एसएसएफ से मिली जानकारी के मुताबिक कैंटर में लगभग तीन टन सामान लदा था। इस सामान को अंबाला के वेयरहाउस से बठिंडा पहुंचाया जाना था।
ब्रांडेड कपड़े और जूतों के अलावा स्पेयर पार्ट्स होने के कारण माल की कीमत काफी अधिक बताई जा रही है। हालांकि कुल आर्थिक नुकसान का आधिकारिक आंकड़ा विस्तृत आकलन के बाद ही सामने आएगा।
आग से वाहन को हुए नुकसान का भी अलग से आकलन किया जाएगा।
चालक को बचाना रही पहली प्राथमिकता
घटना के दौरान सबसे बड़ी प्राथमिकता गंभीर रूप से झुलसे चालक को जल्द अस्पताल पहुंचाने की रही। आग की चपेट में आने से युवक को गंभीर चोटें आई हैं।
जलने के मामलों में शुरुआती उपचार बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। युवक को अस्पताल पहुंचाने के बाद डॉक्टरों ने उसका उपचार शुरू किया।
इस बीच घटना की सूचना उसके परिजनों और वाहन से संबंधित लोगों को भी दिए जाने की प्रक्रिया की गई।
हाईवे पर वाहन सुरक्षा पर फिर सवाल
चलते कैंटर में अचानक लगी आग ने व्यावसायिक वाहनों की नियमित तकनीकी जांच और सुरक्षा व्यवस्था की अहमियत को एक बार फिर सामने ला दिया है।
लंबी दूरी तय करने वाले मालवाहक वाहनों में इंजन, वायरिंग, ब्रेक और अन्य तकनीकी हिस्सों की समय-समय पर जांच जरूरी होती है। साथ ही वाहन में अग्निशमन उपकरण उपलब्ध होना आपात स्थिति में उपयोगी साबित हो सकता है।
हालांकि इस घटना में आग किस कारण लगी और वाहन में कौन-कौन से सुरक्षा उपकरण मौजूद थे, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
जांच के बाद सामने आएगी पूरी वजह
राजपुरा-पटियाला नेशनल हाईवे पर हुए इस हादसे में लाखों रुपये का सामान जलकर खाक हो गया और 21 वर्षीय चालक गंभीर रूप से झुलस गया। फिलहाल चालक का अस्पताल में इलाज जारी है।
अब संबंधित एजेंसियां आग लगने की वास्तविक वजह और कुल नुकसान का पता लगाने की प्रक्रिया आगे बढ़ा सकती हैं। वाहन के दस्तावेज, तकनीकी स्थिति और घटनास्थल से मिले तथ्यों के आधार पर हादसे के कारणों को स्पष्ट किया जाएगा।