लुधियाना। बिजली की तारें जलाने से रोकने पर कुछ लोगों ने गुंडागर्दी का नंगा नाच खेला। उन लोगों ने फैक्टरी मालिक, उसके बेटे समेत 4 लोगों पर हमला कर दिया और बुरी तरह पीटा। किसी तरह उन लोगों ने फैक्टरी में घुसकर जान बचाई। इसके बाद हमलावरों ने फैक्टरी के बाहर खड़ी गाड़ियां व सी.सी.टी.वी. कैमरे तोड़ डाले। थाना साहनेवाल की पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। आरोपियों की पहचान बब्लू, उसके तीन भाई, उसके फोरमैन के रूप में हुई है, जबकि उनके 15-20 साथियों की पहचान नहीं हो सकी है। यह वारदात 3 मार्च की रात की है। जसपाल बांगर रोड पर ग्लोबल इंजीनियरिंग नाम से भावुक बांसल की फैक्टरी है।
भावुक का कहना है कि उनके पड़ोस में ही एक व्यक्ति कबाड़ का काम करता है। वह कबाड़ में आने वाले सामान को खुर्द-बुर्द करता है। रात को वह बिजली की तारों को जलाकर तांबा वगैरह निकालते हैं, जिससे निकलने वाले जहरीले धुएं से उन्हें व उनके वर्करों को परेशानी होती है। कई बार वे इस बारे में उनसे कह चुके हैं। भावुक का कहना है कि शनिवार रात को भी कुछ ऐसा ही हुआ। आरोपियों ने फैक्टरी के बाहर तांबा निकालने के लिए बड़े पैमाने पर बिजली की तारें जलाई। उस समय उसके पिता वेद प्रकाश फैक्टरी में मौजूद थे। उन्होंने आरोपियों को तारें जलाने से रोका। इसके बाद वे लोग इकट्ठे हो गए और फैक्टरी के बाहर ही उसके पिता से बहसबाजी करने लगे।
भावुक का कहना है कि इसी बीच वह और उसका दोस्त प्रभजोत भी वहां पहुंचे। उस समय आरोपी उसके पिता से बहसबाजी कर रहे थे। जब उन लोगों ने उन्हें ऐसा करने से रोका तो आरोपी बब्लू ओर उसके साथी तैश में आ गए और उन लोगों ने उन पर तेजधार हथियारों से वार कर दिए। इसमें उसके पिता, वह, प्रभजोत और उनकी फैक्टरी के मैनेजर चरणजीत सिंह घायल हो गए। वे लोग अपनी जान बचाने के लिए फैक्टरी के अंदर भागे और गेट बंद कर दिया। इसके बाद आरोपियों ने जमकर गुंडागर्दी की। उन लोगों ने वहां बाहर लगे सी.सी.टी.वी. कैमरे तोड़ डाले।
यही नहीं उन्होंने फैक्टरी के बाहर खड़ी उनकी व प्रभजोत की स्विμट गाड़ी तोड़ डाली। प्रभजोत की गाड़ी में से उसका पर्स भी गायब हो गया। पर्स में 9200 रुपए व आवश्यक कागजात थे। भावुक का कहना है कि उन्होंने इस घटना की जानकारी पुलिस कंट्रोल रूम पर दी, जिसके बाद कंगनवाल चौकी से पुलिस मौके पर पहुंची, जिस पर आरोपी वहां से फरार हो गए। इसके बाद ही वह लोग फैक्टरी से बाहर आए और इलाज के लिए सिविल अस्पताल पहुंचे। बाद में ही उसके बयानों पर पुलिस ने एफ.आई.आर. दर्ज की।