बौध: ओडिशा के बौध जिले में महानदी किनारे एक युवक पर मगरमच्छ ने हमला कर दिया। मगरमच्छ युवक को पकड़कर नदी के पानी में खींच ले गया। जान बचाने के लिए युवक ने हिम्मत नहीं छोड़ी और करीब एक घंटे तक मगरमच्छ से संघर्ष करता रहा। आखिरकार वह खुद को मगरमच्छ की पकड़ से छुड़ाने में सफल रहा। हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है और उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना बौध जिले के पुरुनाकटक इलाके में कुसंग रेंज के अंतर्गत आने वाले मरड़ा गांव के पास की है। युवक नदी किनारे गया हुआ था। इसी दौरान अचानक मगरमच्छ ने उस पर हमला कर दिया। हमले से युवक को संभलने का मौका नहीं मिला और मगरमच्छ उसे पानी की ओर खींचने लगा। अचानक हुए हमले के बावजूद युवक ने हिम्मत नहीं हारी। पानी में पहुंचने के बाद उसने मगरमच्छ की पकड़ से निकलने की लगातार कोशिश की। इस दौरान उसे गंभीर चोटें भी आईं, लेकिन उसने संघर्ष जारी रखा। करीब एक घंटे तक चली जिंदगी और मौत की इस जंग के बाद युवक आखिरकार मगरमच्छ की पकड़ से खुद को मुक्त करने में कामयाब रहा। इसके बाद वह किसी तरह सुरक्षित स्थान तक पहुंचा। घटना की जानकारी मिलने के बाद उसे इलाज के लिए बौध जिला मुख्यालय अस्पताल पहुंचाया गया।
अस्पताल में घायल युवक का इलाज किया जा रहा है। उसकी हालत गंभीर बताई गई है। मगरमच्छ के हमले की खबर सामने आने के बाद महानदी किनारे बसे गांवों के लोगों में चिंता बढ़ गई है। महानदी के कुछ हिस्सों में मगरमच्छ पाए जाते हैं। ओडिशा के सतकोसिया क्षेत्र में मगर और घड़ियाल दोनों की मौजूदगी दर्ज है। नदी के आसपास रहने वाले लोगों के लिए पानी के किनारे जाते समय सावधानी बरतना बेहद जरूरी माना जाता है।
खासकर नदी के उन क्षेत्रों में खतरा अधिक हो सकता है, जहां मगरमच्छों की मौजूदगी पहले से दर्ज है। ऐसे इलाकों में स्थानीय लोगों को नदी किनारे जाते समय सतर्क रहने और वन विभाग की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की जरूरत है। बौध की इस घटना में युवक की हिम्मत ने उसकी जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। गंभीर रूप से घायल होने और मगरमच्छ के पानी में खींच लेने के बावजूद उसने संघर्ष जारी रखा और आखिरकार उसकी पकड़ से निकल गया।
घटना के बाद आसपास के ग्रामीणों में मगरमच्छों की मौजूदगी को लेकर चिंता है। नदी किनारे रहने वाले लोगों की सुरक्षा और ऐसे हमलों से बचाव के लिए सतर्कता महत्वपूर्ण है। फिलहाल घायल युवक का अस्पताल में इलाज जारी है। इस घटना ने एक बार फिर महानदी किनारे रहने वाले लोगों के सामने मगरमच्छों से जुड़े खतरे को सामने ला दिया है।
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