चंडीगढ़। चंडीगढ़ के लोगों के लिए जरूरी खबर सामने आई है। शहर में गुरुवार, 22 अक्टूबर और शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को पानी की आपूर्ति प्रभावित रहेगी। कजौली वाटर वर्क्स की फेज-3 पाइपलाइन बदलने के लिए नगर निगम ने 48 घंटे का शटडाउन निर्धारित किया है। इस दौरान सुबह पानी की आपूर्ति सामान्य दबाव के साथ होगी, लेकिन शाम के समय लोगों को कम दबाव से पानी मिलेगा। नगर निगम ने शहरवासियों से अपील की है कि वे पानी की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पहले से पर्याप्त भंडारण कर लें। दरअसल, गांव झुंगियां में 1200 मिलीमीटर व्यास की पुरानी पीएससी पाइपलाइन को नई एमएस पाइपलाइन से बदलने का काम किया जा रहा है। इस कारण कजौली से चंडीगढ़ के सेक्टर-39 स्थित वाटर वर्क्स तक कच्चे पानी की पंपिंग 48 घंटे के लिए बंद रहेगी।

22 और 23 अक्टूबर को प्रभावित रहेगी जलापूर्ति

चंडीगढ़ नगर निगम की ओर से जारी सूचना के अनुसार, शहर में दो दिनों तक पानी की आपूर्ति निर्धारित समय के अनुसार की जाएगी। हालांकि, शाम के समय पानी का दबाव सामान्य से कम रहेगा।

नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि पाइपलाइन बदलने के कारण कजौली फेज-3 से सेक्टर-39 वाटर वर्क्स तक पानी की पंपिंग अस्थायी रूप से बंद रहेगी।

यह कार्य जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, पुरानी पाइपलाइन की जगह नई पाइपलाइन लगाने से भविष्य में पानी की आपूर्ति अधिक विश्वसनीय बनाने में मदद मिलेगी।

नगर निगम ने लोगों को शटडाउन के दौरान पानी का सावधानीपूर्वक इस्तेमाल करने की सलाह दी है।

सुबह सामान्य, शाम को कम दबाव से मिलेगा पानी

नगर निगम की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, दोनों दिनों में पानी की आपूर्ति का समय समान रहेगा।

झुंगियां गांव में बदली जा रही पुरानी पाइपलाइन

जानकारी के अनुसार, गांव झुंगियां में फेज-3 कजौली की 1200 मिलीमीटर व्यास वाली पुरानी प्रीस्ट्रेस्ड कंक्रीट यानी पीएससी पाइपलाइन को माइल्ड स्टील यानी एमएस पाइपलाइन से बदला जा रहा है।

नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि पुरानी पाइपलाइन में बार-बार लीकेज की समस्या सामने आ रही थी।

इस वजह से पानी की बर्बादी होने के साथ जलापूर्ति व्यवस्था भी प्रभावित हो रही थी।

पुरानी पाइपलाइन को बदलकर मजबूत एमएस पाइपलाइन लगाने से लीकेज की समस्या को कम करने और पानी की आपूर्ति को बेहतर बनाने की उम्मीद है।

48 घंटे तक बंद रहेगी कच्चे पानी की पंपिंग

पाइपलाइन बदलने के कार्य को पूरा करने के लिए नगर निगम ने 48 घंटे के शटडाउन की अनुमति दी है।

इस अवधि में कजौली फेज-3 से चंडीगढ़ के सेक्टर-39 स्थित वाटर वर्क्स तक कच्चे पानी की पंपिंग बंद रहेगी।

सेक्टर-39 वाटर वर्क्स शहर की जलापूर्ति व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यहां से पानी की आपूर्ति शहर के विभिन्न क्षेत्रों में की जाती है।

पंपिंग बंद होने के कारण नगर निगम को उपलब्ध जल भंडारण और अन्य व्यवस्थाओं के आधार पर आपूर्ति संचालित करनी होगी।

अधिकारियों ने कहा है कि निर्धारित अवधि में पाइपलाइन बदलने का कार्य पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।

पुरानी पाइपलाइन में बार-बार हो रही थी लीकेज

चंडीगढ़ की कजौली जलापूर्ति योजना के पुराने पाइपलाइन नेटवर्क में लगातार लीकेज की समस्या सामने आती रही है।

नगर निगम के अनुसार, फेज-3 और फेज-4 की पाइपलाइनें तीन दशक से भी अधिक पुरानी हैं।

इन पाइपलाइनों में उम्र बढ़ने, जोड़ों के कमजोर होने और पानी के दबाव में बदलाव के कारण रिसाव की समस्याएं बढ़ी हैं।

लीकेज से पानी की बर्बादी के साथ आसपास की जमीन और जलापूर्ति व्यवस्था पर भी असर पड़ता है।

इसी समस्या को देखते हुए नगर निगम पुरानी पाइपलाइनों को बदलने की दिशा में काम कर रहा है।

ऊपरी मंजिलों पर रहने वालों को हो सकती है परेशानी

शाम के समय पानी का दबाव कम रहने के कारण बहुमंजिला इमारतों की ऊपरी मंजिलों पर रहने वाले लोगों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

कम दबाव की स्थिति में ऊंचाई पर बने पानी के टैंकों तक पानी पहुंचाने में कठिनाई हो सकती है।

जिन घरों में पर्याप्त पानी भंडारण की व्यवस्था नहीं है, उन्हें अपनी जरूरतों के अनुसार पहले से तैयारी करनी होगी।

नगर निगम ने लोगों को सलाह दी है कि सुबह के समय मिलने वाली सामान्य जलापूर्ति का उपयोग करके आवश्यक पानी जमा कर लें।

शहर को रोजाना मिलती है करीब 29 एमजीडी जलापूर्ति

कजौली जलापूर्ति योजना चंडीगढ़ के लिए पानी का महत्वपूर्ण स्रोत है।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, कजौली से शहर को प्रतिदिन करीब 29 मिलियन गैलन पानी की आपूर्ति होती है।

यह शहर की कुल जलापूर्ति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में फेज-3 पाइपलाइन की पंपिंग बंद होने से विभिन्न क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है।

हालांकि, नगर निगम ने दोनों दिनों में सुबह सामान्य दबाव से पानी देने की व्यवस्था बनाए रखने की जानकारी दी है।

नगर निगम ने लोगों से सहयोग मांगा

चंडीगढ़ नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे दो दिनों तक पानी का सोच-समझकर इस्तेमाल करें।

अधिकारियों ने कहा है कि पाइपलाइन बदलने का कार्य शहर में जलापूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है।

इस दौरान लोगों से अनावश्यक पानी की बर्बादी रोकने और उपलब्ध पानी का उचित उपयोग करने को कहा गया है।

घरों में पीने, खाना बनाने, सफाई और अन्य आवश्यक घरेलू कार्यों के लिए पर्याप्त पानी सुरक्षित रखना उपयोगी होगा।

नगर निगम ने शहरवासियों से अस्थायी असुविधा के दौरान सहयोग करने का अनुरोध किया है।

भविष्य में बेहतर होगी जलापूर्ति व्यवस्था

नगर निगम का कहना है कि पुरानी पाइपलाइन की जगह नई एमएस पाइपलाइन लगाने से पानी की बर्बादी रोकने और आपूर्ति व्यवस्था को अधिक विश्वसनीय बनाने में मदद मिलेगी।

नई पाइपलाइन से भविष्य में लीकेज और बार-बार मरम्मत की आवश्यकता कम होने की उम्मीद है।

इसके अलावा जलापूर्ति नेटवर्क को अधिक मजबूत बनाने की दिशा में भी यह काम महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

हालांकि, स्थायी सुधार का वास्तविक प्रभाव निर्माण कार्य पूरा होने और पाइपलाइन के नियमित संचालन के बाद ही स्पष्ट होगा।

पानी की सप्लाई सामान्य होने का इंतजार

नगर निगम ने 22 और 23 अक्टूबर के लिए विशेष जलापूर्ति कार्यक्रम जारी किया है। इन दोनों दिनों में सुबह 3:30 बजे से 9 बजे तक सामान्य दबाव से पानी मिलेगा, जबकि शाम 6 बजे से 8:30 बजे तक कम दबाव से जलापूर्ति होगी।

पाइपलाइन बदलने का काम निर्धारित अवधि में पूरा होने के बाद सामान्य पंपिंग व्यवस्था बहाल की जा सकेगी।

फिलहाल नगर निगम की टीमें कार्य पूरा करने में जुटी हैं। अधिकारियों ने लोगों से निर्धारित समय में पानी का आवश्यक भंडारण करने और शटडाउन के दौरान सहयोग बनाए रखने की अपील की है।

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