भुवनेश्वर/बरगढ़। ओडिशा के बरगढ़ जिले में आय से अधिक संपत्ति के मामले में विजिलेंस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। गैसइलेट ब्लॉक की कटाभाल ग्राम पंचायत के पंचायत एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (PEO) और गौरेनमुंडा ग्राम पंचायत के प्रभारी PEO कार्तिकेश्वर बेहरा को विजिलेंस ने गिरफ्तार किया है। इससे पहले उनके और उनसे जुड़े ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में अचल संपत्तियों और अन्य परिसंपत्तियों का पता चलने की जानकारी सामने आई।

विजिलेंस के अनुसार तलाशी के दौरान बेहरा और उनके परिवार से जुड़ी संपत्तियों में करीब 14,500 वर्ग फीट के कुल निर्मित क्षेत्र वाली दो बहुमंजिला इमारतें, एक मार्केट कॉम्प्लेक्स, एक गोदाम, 35 प्लॉट, 2.98 लाख रुपये नकद और एक ट्रैक्टर समेत कई संपत्तियां मिलीं। एजेंसी का कहना है कि जांच के दौरान इन संपत्तियों के संबंध में संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं मिलने के बाद आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।

कई ठिकानों पर एक साथ तलाशी

विजिलेंस की टीमों ने अदालत से जारी सर्च वारंट के आधार पर बरगढ़ जिले में बेहरा से जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान आवासीय भवनों के अलावा व्यावसायिक संपत्तियों, जमीन और दूसरी परिसंपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की जांच की गई।

तलाशी के दौरान सामने आई अचल संपत्तियों की संख्या ने जांच अधिकारियों का ध्यान खींचा। विजिलेंस के मुताबिक बेहरा से जुड़ी दो बहुमंजिला इमारतों का कुल क्षेत्रफल करीब 14,500 वर्ग फीट है। इसके अतिरिक्त एक मार्केट कॉम्प्लेक्स और गोदाम का भी पता चला। इन संपत्तियों का मूल्यांकन तकनीकी टीमों के जरिए कराया जा रहा है।

35 प्लॉट मिलने का दावा

विजिलेंस के मुताबिक जांच में कुल 35 प्लॉट का भी पता चला है। इनमें से अधिकांश जमीन बरगढ़ जिले और आसपास के क्षेत्रों में होने की जानकारी दी गई है। जांच अधिकारी इन जमीनों से संबंधित बिक्री विलेख, स्वामित्व दस्तावेज और भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रहे हैं।

आय से अधिक संपत्ति के मामलों में केवल संपत्ति की संख्या के आधार पर अपराध निर्धारित नहीं होता। जांच एजेंसी सरकारी कर्मचारी की ज्ञात वैध आय, सेवा अवधि, खर्च और संपत्ति अर्जित करने के स्रोतों का मिलान करती है। इसके बाद ही यह निर्धारित किया जाता है कि संबंधित संपत्ति वैध आय के अनुपात में है या नहीं।

इसी प्रक्रिया के तहत बेहरा की संपत्तियों और उनकी आय से संबंधित दस्तावेजों का मिलान किया जा रहा है।

2.98 लाख रुपये नकद भी मिले

तलाशी के दौरान विजिलेंस को करीब 2.98 लाख रुपये नकद मिलने की जानकारी दी गई है। इसके अलावा एक ट्रैक्टर और अन्य चल संपत्तियों के बारे में भी जांच की जा रही है। अधिकारियों ने संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों को जांच के लिए अपने कब्जे में लिया है।

विजिलेंस की टीम बैंक खातों, निवेश, बीमा और अन्य वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर सकती है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि सरकारी सेवा के दौरान अर्जित आय और संपत्तियों के बीच कितना अंतर है।

जांच में सामने आई संपत्तियों की वास्तविक कीमत निर्धारित करने के लिए विजिलेंस की तकनीकी टीम मूल्यांकन करती है। इसलिए तलाशी के दौरान सामने आई संपत्तियों का अंतिम मूल्य जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

संपत्तियों का संतोषजनक हिसाब नहीं दे पाए

ओडिशा विजिलेंस का दावा है कि तलाशी और पूछताछ के दौरान कार्तिकेश्वर बेहरा से बरामद या पता चली संपत्तियों के स्रोत के बारे में जानकारी मांगी गई। एजेंसी के अनुसार वह इन संपत्तियों के संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इसके बाद उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोप में मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया।

हालांकि आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया में होगा। जांच एजेंसी को अदालत में यह साबित करना होगा कि संबंधित संपत्तियां आरोपी की ज्ञात वैध आय से अधिक थीं और उनके लिए वैध स्रोत का पर्याप्त स्पष्टीकरण उपलब्ध नहीं था।

कटाभाल GP में PEO के पद पर तैनात

कार्तिकेश्वर बेहरा गैसइलेट ब्लॉक की कटाभाल ग्राम पंचायत में पंचायत एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के पद पर तैनात थे। इसके साथ ही उनके पास गौरेनमुंडा ग्राम पंचायत के PEO का अतिरिक्त प्रभार भी था।

ग्राम पंचायत स्तर पर PEO की भूमिका प्रशासनिक कार्यों, सरकारी योजनाओं से जुड़े रिकॉर्ड, पंचायत के दस्तावेजों और विकास कार्यों से संबंधित प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में किसी पंचायत अधिकारी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की जांच प्रशासनिक स्तर पर भी महत्वपूर्ण मानी जाती है।

दस्तावेजों की जांच जारी

विजिलेंस अब तलाशी में मिले जमीन और भवनों से जुड़े दस्तावेजों की विस्तृत जांच कर रही है। इसके अलावा बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन की जानकारी भी जांच के दायरे में आ सकती है।

अधिकारियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह पता लगाना होगा कि 35 प्लॉट, बहुमंजिला भवन, मार्केट कॉम्प्लेक्स और अन्य संपत्तियां कब खरीदी या निर्मित की गईं और उनके लिए धन कहां से आया।

जांच के दौरान यदि परिवार के सदस्यों या अन्य व्यक्तियों के नाम पर संपत्ति होने की जानकारी मिलती है तो उसके वित्तीय स्रोत की भी जांच की जा सकती है। आय से अधिक संपत्ति की गणना में संबंधित अधिकारी की सेवा अवधि के दौरान हुई वैध आय और खर्च का विस्तृत हिसाब तैयार किया जाता है।

गिरफ्तारी के बाद आगे बढ़ी जांच

विजिलेंस ने प्रारंभिक जांच और तलाशी के बाद कार्तिकेश्वर बेहरा को गिरफ्तार कर लिया है। अब मामले में बरामद दस्तावेजों, जमीन के रिकॉर्ड और दूसरी वित्तीय जानकारियों की जांच आगे बढ़ाई जाएगी।

एजेंसी के अनुसार शुरुआती तलाशी में दो बहुमंजिला इमारतें, एक मार्केट कॉम्प्लेक्स, एक गोदाम, 35 प्लॉट, लाखों रुपये नकद और अन्य संपत्तियां सामने आई हैं। इन सभी की वास्तविक कीमत और वैध आय से उनके संबंध का आकलन जांच का अहम हिस्सा होगा।

फिलहाल बेहरा के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोप में विजिलेंस की कार्रवाई जारी है। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

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