बामड़ा : पिछले एक महीने से अपरिचित दिव्यांग महिला शहर में इधर-उधर घूम रही थी। 27 नवंबर को छुपानी गांव में इधर उधर घूमते देख ग्रामीणों ने उसे 108 एंबुलेंस की सहायता से गोबिदपुर सीएचसी में इलाज के लिए भर्ती कराया था। अस्पताल में मानसिक रोगियों के इलाज की सुविधा नहीं होने के बावजूद मेडिकल अफसर डा. रोजालिन साहू द्वारा निजी प्रयास से महिला की देखभाल करने के साथ खाने पीने का प्रबंध किया जा रहा था। मानसिक दिव्यांग महिला अस्पताल के डॉक्टर, कर्मचारियों, मरीजों के साथ बदसलूकी करने से सभी परेशान थे। महिला जिस वार्ड में थी उसमें किसी को भी घुसने नही देती थी। अस्पताल की ओर से गोबिदपुर थाना और बीडीओ को सूचित करने के बावजूद कोई पहल न होने पर मीडिया कर्मियों ने कुचिडा एसडीएम आदित्य गोयल से इस पर पहल करने का आग्रह किया था।
एसडीएम गोयल ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश देने के बाद एसडीपीओ राजकिशोर मिश्र के तत्वावधान में बीडीओ अश्विनी पंडा और गोबिदपुर थाना अधिकारी अजय जेना ने दिव्यांग महिला को संबलपुर धनुपाली स्थित समर्थ हरिश चंद्र दास मेंटल होम में भर्ती कराया है। गोबिदपुर थाना के एएसआइ अजय देहुरी, मैथिली बाघ, बनिता माझी, समाजसेवी सुहानी बागे, टिकेश्वर रक्सा ने सहयोग किया। मेंटल होम की कार्यकर्ता सुजाता पटनायक ने बताया दिव्यांग महिला के स्वस्थ होने पर उसका परिचय जानने के पश्चात उसके घर भेजा जाएगा।

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