Odisha ओडिशा। जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर सुंदरगढ़ जिले के राउरकेला में बिर्सा मुंडा के 150वें जन्मदिवस का भव्य समारोह आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री मोहन चरन मांझी ने इस अवसर पर कहा कि बिर्सा मुंडा जैसी स्वतंत्रता सेनानियों की सोच और आदर्श आज भी समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री के निर्देशानुसार बिर्सा मुंडा का जन्मदिवस अब 'जनजातीय गौरव दिवस' के रूप में मनाया जा रहा है। मुख्यमंत्री मांझी ने कहा कि बिर्सा मुंडा का संघर्ष और आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए उनका योगदान हमेशा याद किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं कि सभी आदिवासी समाज के लोग समाज की मुख्यधारा में बराबरी के अवसरों के साथ शामिल हों और उनकी सशक्त भागीदारी सुनिश्चित हो।
समारोह के दौरान आदिवासी समुदाय के लोगों ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक स्वागत किया और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से अपने गौरव और परंपराओं को प्रस्तुत किया। इस अवसर पर आदिवासी गीत, नृत्य और स्थानीय कला का प्रदर्शन भी किया गया, जिससे बिर्सा मुंडा के आदर्शों और आदिवासी संस्कृति को सम्मान मिला। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दिन का उद्देश्य केवल बिर्सा मुंडा की वीरता और संघर्ष को याद करना ही नहीं है, बल्कि आदिवासी समाज को सशक्त बनाने और उनके अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का संदेश भी देना है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक न्याय के क्षेत्र में विशेष योजनाएं बनाई जा रही हैं, जो आदिवासी समाज की बेहतरी में सहायक होंगी।
समारोह में अधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और विभिन्न आदिवासी संगठनों के सदस्य उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बिर्सा मुंडा की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और समाज के युवाओं को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने के लिए प्रेरित किया। इस भव्य आयोजन के माध्यम से राउरकेला में आदिवासी समाज के गौरव और उनके योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला। जनजातीय गौरव दिवस का यह समारोह आदिवासी समाज की सांस्कृतिक धरोहर और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।