भुवनेश्वर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 अक्टूबर को प्रस्तावित ओडिशा दौरे को लेकर राजधानी भुवनेश्वर में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। प्रधानमंत्री के आगमन से पहले कमिश्नरेट पुलिस ने शहर के लिए विशेष ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। इसके अनुसार, रविवार को शाम 5 बजकर 40 मिनट से 6 बजकर 40 मिनट के बीच शहर की कई प्रमुख सड़कों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित रहेगी। यह व्यवस्था प्रधानमंत्री की सुरक्षा, वीआईपी और वीवीआईपी मूवमेंट तथा यातायात को व्यवस्थित बनाए रखने के उद्देश्य से लागू की जा रही है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित समय के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और यातायात संबंधी निर्देशों का पालन करें।
25 अक्टूबर को भुवनेश्वर में विशेष ट्रैफिक व्यवस्था
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ओडिशा दौरे को देखते हुए भुवनेश्वर में सुरक्षा व्यवस्था के साथ यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
कमिश्नरेट पुलिस ने 25 अक्टूबर के लिए ट्रैफिक एडवाइजरी जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि शाम 5:40 बजे से 6:40 बजे के बीच शहर के कुछ प्रमुख मार्गों पर यातायात संबंधी प्रतिबंध लागू रहेंगे।
इस दौरान वाहनों की आवाजाही को आवश्यकता के अनुसार नियंत्रित किया जाएगा, ताकि प्रधानमंत्री के काफिले और अन्य वीआईपी वाहनों का आवागमन सुरक्षित तरीके से हो सके।
हालांकि, किन-किन सड़कों पर पूरी तरह यातायात बंद रहेगा और किन मार्गों पर आंशिक प्रतिबंध लगाए जाएंगे, इसकी विस्तृत सूची उपलब्ध जानकारी में नहीं दी गई है।
एक घंटे तक प्रभावित रह सकती है आवाजाही
पुलिस की ओर से जारी एडवाइजरी के अनुसार, रविवार शाम एक घंटे की अवधि में शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
शाम 5:40 बजे से 6:40 बजे तक निर्धारित मार्गों पर वाहनों को रोका जा सकता है या वैकल्पिक रास्तों की ओर भेजा जा सकता है।
इस दौरान संबंधित मार्गों से गुजरने वाले लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य दिनों की तुलना में अधिक समय लग सकता है।
विशेष रूप से कार्यालयों, बाजारों और अन्य जरूरी कार्यों से आने-जाने वाले लोगों को अपनी यात्रा की योजना पहले से तैयार करने की सलाह दी जा रही है।
यातायात पुलिस का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सुरक्षा व्यवस्था के कारण आम नागरिकों को कम से कम असुविधा हो।
प्रधानमंत्री की सुरक्षा को देखते हुए लिया गया फैसला
प्रधानमंत्री के किसी भी आधिकारिक दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है।
इसी क्रम में भुवनेश्वर कमिश्नरेट पुलिस ने यातायात नियंत्रण के लिए विशेष योजना तैयार की है।
प्रधानमंत्री के काफिले की आवाजाही के समय संबंधित मार्गों पर अन्य वाहनों का आवागमन नियंत्रित करना सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है।
इस दौरान पुलिस अधिकारियों और यातायात कर्मियों को विभिन्न स्थानों पर तैनात किया जा सकता है, ताकि वाहनों की आवाजाही निर्धारित योजना के अनुसार संचालित हो।
पुलिस की कोशिश रहेगी कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से जुड़ी गतिविधियां बिना किसी बाधा के पूरी हों।
वीआईपी और वीवीआईपी मूवमेंट के लिए विशेष इंतजाम
प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान अन्य विशिष्ट व्यक्तियों की आवाजाही भी संभावित है।
इसी कारण पुलिस ने वीआईपी और वीवीआईपी मूवमेंट को ध्यान में रखते हुए यातायात प्रतिबंध लागू करने का निर्णय लिया है।
ऐसे अवसरों पर सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के बीच समन्वय बनाए रखना जरूरी होता है।
पुलिस अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होता है कि निर्धारित मार्गों पर अनावश्यक भीड़ न हो और वाहनों की आवाजाही सुरक्षा संबंधी निर्देशों के अनुसार संचालित हो।
आम नागरिकों से भी अपेक्षा की गई है कि वे पुलिसकर्मियों के निर्देशों का पालन करें और प्रतिबंधित मार्गों पर जाने से बचें।
कानूनी प्रावधानों के तहत लागू होंगे प्रतिबंध
कमिश्नरेट पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यातायात संबंधी प्रतिबंध निर्धारित कानूनी प्रावधानों के तहत लागू किए जाएंगे।
इसके लिए ओडिशा अर्बन पुलिस एक्ट, 2003 की धारा 28 का उपयोग किया जाएगा।
इसके अलावा भुवनेश्वर-कटक पुलिस कमिश्नरेट (ट्रैफिक एंड पब्लिक ऑर्डर) रेगुलेशंस, 2008 के नियम 36 के तहत भी यातायात व्यवस्था को नियंत्रित किया जाएगा।
इन प्रावधानों के अंतर्गत पुलिस सार्वजनिक सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के लिए आवश्यक निर्देश जारी कर सकती है।
इसका उद्देश्य शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ विशेष परिस्थितियों में यातायात को व्यवस्थित करना है।
वाहन चालकों को पहले से यात्रा की योजना बनाने की सलाह
ट्रैफिक एडवाइजरी जारी होने के बाद वाहन चालकों के लिए निर्धारित समय का ध्यान रखना महत्वपूर्ण हो गया है।
जो लोग रविवार शाम भुवनेश्वर के प्रमुख मार्गों से गुजरने की योजना बना रहे हैं, उन्हें संभावित प्रतिबंधों को ध्यान में रखते हुए यात्रा करनी चाहिए।
जरूरी कार्यों के लिए निकलने वाले लोगों को अतिरिक्त समय लेकर चलना उपयोगी हो सकता है।
वहीं, पुलिस की ओर से जारी नवीनतम यातायात सूचनाओं पर नजर रखना भी जरूरी होगा।
यदि किसी मार्ग पर यातायात रोकने या डायवर्ट करने के निर्देश दिए जाते हैं, तो वाहन चालकों को उनका पालन करना चाहिए।
आम नागरिकों को हो सकती है असुविधा
प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान लागू होने वाले प्रतिबंधों से शहर के कुछ हिस्सों में अस्थायी यातायात दबाव बढ़ सकता है।
विशेष रूप से उन मार्गों पर वाहनों की संख्या बढ़ने की संभावना रहती है, जिन्हें वैकल्पिक रास्तों के रूप में उपयोग किया जाता है।
ऐसी स्थिति में यातायात कर्मियों की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
पुलिस को एक ओर प्रधानमंत्री और विशिष्ट व्यक्तियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करनी होगी, वहीं दूसरी ओर आम नागरिकों की परेशानी कम करने पर भी ध्यान देना होगा।
हालांकि, प्रतिबंध केवल निर्धारित समय और आवश्यक मार्गों पर लागू किए जाने की जानकारी दी गई है।
पुलिस के निर्देशों का पालन करने की अपील
कमिश्नरेट पुलिस की एडवाइजरी का मुख्य उद्देश्य प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था बनाए रखना है।
पुलिस ने लोगों से सहयोग की अपेक्षा की है, ताकि निर्धारित अवधि में यातायात नियंत्रण की प्रक्रिया बिना किसी परेशानी के पूरी हो सके।
वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड, संकेतों और मौके पर मौजूद यातायात कर्मियों के निर्देशों का पालन करें।
इसके अलावा किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान देने के बजाय आधिकारिक सूचनाओं के आधार पर ही यात्रा संबंधी निर्णय लें।
रविवार शाम इन बातों का रखें ध्यान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 अक्टूबर को प्रस्तावित ओडिशा दौरे के मद्देनजर भुवनेश्वर में शाम 5:40 बजे से 6:40 बजे तक विशेष यातायात प्रतिबंध लागू रहेंगे।
इस दौरान शहर के कई प्रमुख मार्गों पर आवाजाही नियंत्रित की जाएगी।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ये प्रतिबंध प्रधानमंत्री की सुरक्षा और वीआईपी-वीवीआईपी मूवमेंट को व्यवस्थित रखने के लिए लगाए जा रहे हैं।
ऐसे में नागरिकों को निर्धारित समय के दौरान यात्रा की योजना सावधानीपूर्वक बनानी चाहिए।
फिलहाल भुवनेश्वर कमिश्नरेट पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यातायात प्रबंधन की तैयारी की है। अब रविवार को इन निर्देशों को लागू करते हुए शहर में सुरक्षित और व्यवस्थित आवागमन सुनिश्चित करना प्रशासन की प्रमुख जिम्मेदारी होगी।