भुवनेश्वर। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान 'अर्नब' के खतरे को देखते हुए ओडिशा में प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। राज्य के कई जिलों में भारी बारिश, तेज हवाओं और संभावित जलभराव को लेकर एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। इसी बीच पुरी, जगतसिंहपुर और नयागढ़ जिलों में 27 और 28 अक्टूबर को स्कूलों तथा आंगनवाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसके तहत पुरी जिले में शिशु वाटिका से कक्षा 12 तक के विद्यार्थियों को छुट्टी दिए जाने की बात कही गई है। हालांकि शिक्षकों को निर्धारित समय पर अपने विद्यालयों में उपस्थित रहने के निर्देश बताए गए हैं। इन तीन जिलों के अवकाश आदेशों की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो सकी है। वहीं, राज्य सरकार ने पांच दक्षिणी जिलों में 28 और 29 अक्टूबर को शिक्षण संस्थान बंद रखने की आधिकारिक घोषणा की है।

पुरी, जगतसिंहपुर और नयागढ़ में सतर्कता

चक्रवात के संभावित प्रभाव को देखते हुए तटीय और आसपास के जिलों में विशेष सावधानी बरती जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुरी जिले में शिशु वाटिका से लेकर कक्षा 12 तक के शिक्षण संस्थानों और आंगनवाड़ी केंद्रों में 27 एवं 28 अक्टूबर को अवकाश रखने का निर्णय बताया गया है।

इसी तरह जगतसिंहपुर और नयागढ़ जिलों में भी स्कूलों तथा आंगनवाड़ी केंद्रों को दो दिनों तक बंद रखने की सूचना है।

इन निर्णयों का मुख्य उद्देश्य बच्चों को खराब मौसम के दौरान स्कूल आने-जाने में होने वाली परेशानियों और संभावित दुर्घटनाओं से बचाना है।

हालांकि अभिभावकों को संबंधित जिला प्रशासन या विद्यालय से अवकाश की पुष्टि करनी चाहिए, क्योंकि उपलब्ध आधिकारिक राज्यस्तरीय आदेश में इन तीन जिलों का उल्लेख नहीं मिला है।

विद्यार्थियों को छुट्टी, शिक्षकों को उपस्थित रहने के निर्देश

प्राप्त विवरण के मुताबिक, पुरी, जगतसिंहपुर और नयागढ़ में घोषित अवकाश केवल विद्यार्थियों के लिए होगा। शिक्षकों को अपने-अपने विद्यालयों में उपस्थित रहने के लिए कहा गया है।

इस व्यवस्था का उद्देश्य आवश्यकता पड़ने पर विद्यालय प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों के बीच समन्वय बनाए रखना बताया जा रहा है।

चक्रवात के दौरान कुछ विद्यालयों का उपयोग अस्थायी राहत केंद्रों के रूप में भी किया जा सकता है। ऐसे में संबंधित कर्मचारियों की उपलब्धता महत्वपूर्ण होती है।

हालांकि किसी विशेष स्कूल को राहत शिविर में बदलने के संबंध में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना आवश्यक होगा।

पांच दक्षिणी जिलों में 28 और 29 अक्टूबर को छुट्टी की पुष्टि

ओडिशा सरकार ने 24 अक्टूबर को जारी आधिकारिक सूचना में गंजाम, गजपति, रायगड़ा, कोरापुट और मलकानगिरी जिलों में 28 एवं 29 अक्टूबर को स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रखने की घोषणा की थी।

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने चक्रवात की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा था कि अन्य जिलों में छुट्टी घोषित करने का फैसला संबंधित जिलाधिकारी मौसम की स्थिति का आकलन करने के बाद लेंगे।

इससे स्पष्ट है कि अलग-अलग जिलों में विद्यालय बंद रहने की तारीखों में अंतर हो सकता है।

इस बीच रायगड़ा और नबरंगपुर में 27 एवं 28 अक्टूबर के लिए स्थानीय स्तर पर विद्यालय बंद रखने के आदेश की खबर भी सामने आई है।

28 अक्टूबर को तट से टकरा सकता है चक्रवात

भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवात 'अर्नब' तेजी से शक्तिशाली हो रहा है।

26 अक्टूबर को जारी आधिकारिक पूर्वानुमान में बताया गया कि चक्रवात पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए 27 अक्टूबर तक अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है।

इसके 28 अक्टूबर की पूर्वाह्न आंध्र प्रदेश और यानम के तटों को बापटला तथा विशाखापट्टनम के बीच पार करने की आशंका है।

इस दौरान लगातार चलने वाली हवाओं की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों की गति 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

हालांकि चक्रवात के ओडिशा तट पर सीधे टकराने का पूर्वानुमान नहीं है, लेकिन इसके प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं।

बचाव अभियान के लिए 302 टीमें तैयार

मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने चक्रवात के संभावित खतरे को देखते हुए प्रशासन को सभी आवश्यक तैयारियां करने के निर्देश दिए हैं।

राज्य सरकार ने राहत एवं बचाव कार्यों के लिए कुल 302 टीमों को तैयार रखा है। इनमें आपदा प्रबंधन और अग्निशमन सेवाओं से जुड़ी टीमें शामिल हैं।

प्रभावित होने की आशंका वाले इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर रूप से बीमार मरीजों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

स्वास्थ्य केंद्रों में जरूरी दवाएं और चिकित्सा उपकरण उपलब्ध रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।

समुद्र में मछली पकड़ने पर रोक

चक्रवात के खतरे को देखते हुए मछुआरों को 26 से 29 अक्टूबर तक बंगाल की खाड़ी के प्रभावित समुद्री क्षेत्रों में नहीं जाने की सलाह दी गई है।

समुद्र में ऊंची लहरें उठने और तेज हवाएं चलने की आशंका को देखते हुए यह चेतावनी जारी की गई है।

ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में मछुआरों और समुद्र के आसपास रहने वाले परिवारों को सतर्क किया जा रहा है।

राज्य के संवेदनशील जिलों में पर्यटन स्थलों, पहाड़ी इलाकों, झरनों और बांधों पर पर्यटकों के प्रवेश को भी एहतियातन प्रतिबंधित किया गया है।

बिजली और सड़क व्यवस्था बहाल रखने की तैयारी

राज्य सरकार ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण बिजली आपूर्ति, सड़क संपर्क और पेयजल व्यवस्था प्रभावित होने पर तत्काल बहाली की कार्रवाई की जाए।

इंजीनियरिंग विभागों को आवश्यक उपकरण और कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।

प्रशासन ने आपदा नियंत्रण कक्षों को भी सक्रिय किया है, ताकि विभिन्न जिलों से आने वाली सूचनाओं पर तुरंत कार्रवाई की जा सके।

किसानों को मौसम की चेतावनी के अनुसार तैयार फसलों की कटाई और सुरक्षित भंडारण करने की सलाह दी गई है।

अभिभावकों से आधिकारिक आदेश देखने की अपील

चक्रवात के प्रभाव और लगातार बदलती मौसम परिस्थितियों के बीच विद्यार्थियों तथा अभिभावकों को जिला प्रशासन की सूचनाओं पर नजर रखने की जरूरत है।

विशेष रूप से पुरी, जगतसिंहपुर और नयागढ़ जिलों में 27 एवं 28 अक्टूबर के अवकाश को लेकर संबंधित विद्यालय या जिला शिक्षा अधिकारी से जानकारी प्राप्त करना जरूरी है।

मौसम विभाग ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और तेज हवाओं तथा भारी बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

फिलहाल ओडिशा प्रशासन की प्राथमिकता संभावित जनहानि रोकना, सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करना और चक्रवात के दौरान आवश्यक सेवाएं जारी रखना है।

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