पुरी। जिंदगी में कुछ हादसे ऐसे होते हैं, जिनका दर्द शब्दों में बयां करना मुश्किल होता है। मध्य प्रदेश के नलखेड़ा हादसे में जान गंवाने वाले शिव प्रसाद बेहरा के परिवार पर भी ऐसा ही दुख टूट पड़ा है। पुरी के स्वर्गद्वार में उनके भाई सर्वेश्वर बेहरा ने अपने भाई को याद करते हुए कहा कि कभी जिस भाई ने उन्हें पानी में डूबने से बचाया था, आज वही भाई अपने पूरे परिवार के साथ पानी में डूब गया और उसे कोई बचा नहीं सका।

सर्वेश्वर बेहरा ने भावुक होते हुए बताया कि उनके भाई शिव प्रसाद बेहद साहसी व्यक्ति थे। उन्हें तैराकी में महारत हासिल थी और पानी से जुड़े हालात में वह दूसरों की मदद करने के लिए हमेशा आगे रहते थे।

उन्होंने बताया कि एक समय ऐसा भी आया था जब वह खुद पानी में डूब रहे थे। उस मुश्किल घड़ी में शिव प्रसाद ने अपनी जान की परवाह किए बिना उन्हें बचा लिया था। भाई की हिम्मत और साहस के कारण उनकी जान बच सकी थी।

लेकिन किस्मत का खेल ऐसा रहा कि आज वही भाई पानी में हुए हादसे का शिकार हो गया। सर्वेश्वर ने कहा कि वह इस घटना को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं कि जिस भाई ने कभी उनकी जिंदगी बचाई, वह खुद अपने परिवार के साथ इस तरह चला गया।

शिव प्रसाद बेहरा की मौत की खबर मिलने के बाद परिवार में शोक का माहौल है। परिजन अपने प्रियजनों को खोने के गम में डूबे हुए हैं। परिवार के लिए यह हादसा बेहद दर्दनाक है, क्योंकि उन्होंने एक साथ कई अपनों को खो दिया।

परिजनों के अनुसार, शिव प्रसाद का स्वभाव मिलनसार और मददगार था। वह हमेशा दूसरों की सहायता के लिए तैयार रहते थे। उनके साहस और व्यवहार की चर्चा परिवार और परिचितों के बीच होती रहती थी।

सर्वेश्वर ने बताया कि भाई के साथ उनका रिश्ता बेहद गहरा था। बचपन से लेकर अब तक दोनों भाइयों ने कई सुख-दुख साथ देखे थे। ऐसे में अचानक शिव प्रसाद के चले जाने से परिवार को बड़ा सदमा लगा है।

नलखेड़ा हादसे ने कई परिवारों को गहरा दुख दिया है। हादसे में कई लोगों की जान जाने के बाद प्रभावित परिवारों में मातम पसरा हुआ है। परिजन अपनों की यादों को लेकर भावुक हैं।

शिव प्रसाद के भाई ने बताया कि उन्हें हमेशा अपने भाई के साहस पर गर्व रहा है। उन्होंने कहा कि शिव प्रसाद दूसरों की मदद करने वाले इंसान थे और उनकी कमी हमेशा महसूस होगी।

इस हादसे के बाद परिवार के सामने कई सवाल खड़े हो गए हैं। जो व्यक्ति दूसरों के लिए सहारा बना रहता था, उसके जाने से परिवार खुद मुश्किल दौर से गुजर रहा है।

स्थानीय लोगों और परिचितों ने भी शिव प्रसाद के निधन पर दुख जताया है। लोगों का कहना है कि उनका व्यवहार और मदद करने की भावना उन्हें हमेशा यादगार बनाए रखेगी।

हादसे के बाद परिजन अपने प्रियजनों के अंतिम संस्कार और अन्य प्रक्रियाओं में जुटे हैं। स्वर्गद्वार में परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों की आंखें नम हैं।

सर्वेश्वर के शब्दों में अपने भाई को खोने का दर्द साफ झलकता है। उनके लिए यह केवल एक हादसा नहीं, बल्कि जीवन भर का ऐसा दुख है जिसे भूल पाना आसान नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि शिव प्रसाद हमेशा उनके लिए एक रक्षक की तरह रहे। लेकिन आज समय ने ऐसा मोड़ लिया कि वह अपने ही भाई को नहीं बचा सके।

मध्य प्रदेश के नलखेड़ा हादसे ने एक परिवार से उसका मजबूत सहारा छीन लिया है। शिव प्रसाद बेहरा की यादें अब उनके परिवार के लिए जीवनभर की पूंजी रहेंगी।

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