भुवनेश्वर। ओडिशा विधानसभा का मॉनसून सत्र 22 सितंबर से शुरू होकर 3 अक्टूबर तक चलेगा। विधानसभा की ओर से जारी अस्थायी कैलेंडर के अनुसार, इस सत्र के दौरान कुल नौ दिन सदन की कार्यवाही निर्धारित की गई है। सत्र में सरकारी कामकाज के साथ-साथ निजी सदस्यों के विधेयकों और प्रस्तावों पर भी चर्चा होगी।

अस्थायी कार्यक्रम के मुताबिक, सत्र की शुरुआत 22 सितंबर से होगी। शुरुआती तीन दिन यानी 22, 23 और 24 सितंबर को सदन में सरकारी कामकाज होगा। इसके बाद 25 सितंबर को निजी सदस्यों के कामकाज के लिए निर्धारित किया गया है। इस दिन निजी सदस्य विधेयक और प्रस्ताव सदन में पेश कर सकेंगे।

22 सितंबर से शुरू होगी कार्यवाही

मॉनसून सत्र के पहले दिन यानी 22 सितंबर को विधानसभा की कार्यवाही शुरू होगी। इसके बाद 23 और 24 सितंबर को भी सरकारी कामकाज जारी रहेगा। इन दिनों सरकार की ओर से विभिन्न विधायी और अन्य सरकारी कार्य सदन में रखे जा सकते हैं।

सत्र की शुरुआत को देखते हुए सरकार और विपक्ष दोनों की तैयारियां महत्वपूर्ण रहेंगी। विधानसभा की कार्यवाही के दौरान विभिन्न विभागों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा और सरकार से सवाल-जवाब होने की संभावना है।

25 सितंबर को निजी सदस्यों का दिन

अस्थायी कैलेंडर में 25 सितंबर को निजी सदस्यों के कामकाज के लिए रखा गया है। इस दौरान विधानसभा के सदस्य अपने स्तर पर विधेयक और प्रस्ताव पेश कर सकते हैं।

निजी सदस्यों के कामकाज का दिन विधायकों को सरकार के अलावा अपने मुद्दों और प्रस्तावों को सदन में रखने का अवसर देता है। हालांकि, इन प्रस्तावों और विधेयकों पर सदन की प्रक्रिया के अनुसार आगे की कार्रवाई होगी।

सप्ताहांत में नहीं होगी बैठक

26 और 27 सितंबर को विधानसभा की कोई बैठक नहीं होगी। कैलेंडर के अनुसार 26 सितंबर शनिवार और 27 सितंबर रविवार है। सप्ताहांत के बाद सदन की कार्यवाही 28 सितंबर से दोबारा शुरू होगी।

इससे सत्र के पहले चरण और दूसरे चरण के बीच दो दिनों का अंतर रहेगा। 28 सितंबर से विधानसभा में फिर सरकारी कामकाज शुरू होगा।

28, 29 और 30 सितंबर को सरकारी कामकाज

28 सितंबर को सदन की कार्यवाही दोबारा शुरू होने के बाद 28, 29 और 30 सितंबर को सरकारी कामकाज निर्धारित किया गया है। इन तीन दिनों में सरकार से संबंधित विधायी कार्य, चर्चा और अन्य निर्धारित कामकाज होने की संभावना है।

सत्र के दौरान सदस्यों को अपने विधानसभा क्षेत्रों और राज्य से जुड़े विभिन्न मुद्दे उठाने का अवसर भी मिलेगा। सरकार की योजनाओं, विकास कार्यों और प्रशासनिक विषयों को लेकर चर्चा हो सकती है।

1 और 3 अक्टूबर को भी बैठेगा सदन

अस्थायी कैलेंडर के मुताबिक विधानसभा 1 अक्टूबर और 3 अक्टूबर को भी सरकारी कामकाज के लिए बैठेगी। इस तरह 3 अक्टूबर को सत्र का अंतिम निर्धारित कार्य दिवस होगा।

बीच में 2 अक्टूबर को बैठक निर्धारित नहीं है। इसके बाद 3 अक्टूबर को सदन की कार्यवाही होगी और प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार मॉनसून सत्र समाप्त हो जाएगा।

सरकार और विपक्ष के लिए अहम होगा सत्र

ओडिशा विधानसभा का यह सत्र राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सदन में सरकार अपने कामकाज और नीतियों से जुड़े विषयों को आगे रखेगी, वहीं विपक्ष विभिन्न मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश कर सकता है।

विधानसभा सत्र के दौरान कानून-व्यवस्था, विकास, रोजगार, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और राज्य से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर सदस्यों की ओर से सवाल उठाए जाने की संभावना रहती है। हालांकि, किन मुद्दों पर कितनी चर्चा होगी, यह सदन की कार्यसूची और विभिन्न दलों की रणनीति पर निर्भर करेगा।

अभी अस्थायी कैलेंडर जारी हुआ है

विधानसभा की ओर से फिलहाल अस्थायी कैलेंडर जारी किया गया है। इसलिए अंतिम कार्यसूची में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। सत्र शुरू होने से पहले कार्यमंत्रणा और अन्य संबंधित प्रक्रियाओं के जरिए विस्तृत कार्यक्रम तय किया जा सकता है।

सरकारी विधेयकों, प्रस्तावों और अन्य कामकाज के अलावा प्रश्नकाल तथा सदस्यों द्वारा उठाए जाने वाले मुद्दे भी सदन की कार्यवाही का हिस्सा होंगे।

कुल मिलाकर, ओडिशा विधानसभा का मॉनसून सत्र 22 सितंबर से 3 अक्टूबर तक चलेगा और अस्थायी कार्यक्रम के अनुसार नौ दिन सदन में कामकाज होगा। शुरुआती और अंतिम चरण में सरकारी कामकाज तथा 25 सितंबर को निजी सदस्यों के विधेयकों और प्रस्तावों के लिए समय निर्धारित किया गया है।

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