कटक (ओडिशा)। ओडिशा के कटक में हर साल आयोजित होने वाली ऐतिहासिक बाली यात्रा इस वर्ष 24 नवंबर से शुरू होगी। जिला प्रशासन ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। कटक के कलेक्टर दत्तात्रेय भाऊसाहेब शिंदे ने जानकारी देते हुए बताया कि इस साल बाली यात्रा का आयोजन 24 नवंबर से 1 दिसंबर तक किया जाएगा। आठ दिनों तक चलने वाले इस विशाल मेले में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है।

बाली यात्रा ओडिशा के सबसे बड़े और प्रसिद्ध वार्षिक मेलों में से एक है। यह आयोजन ओडिशा की प्राचीन समुद्री व्यापार परंपरा और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा हुआ है। हर साल महानदी के किनारे आयोजित होने वाले इस मेले में राज्य के साथ-साथ देश के विभिन्न हिस्सों से भी लोग पहुंचते हैं।

कलेक्टर दत्तात्रेय भाऊसाहेब शिंदे ने बताया कि जिला प्रशासन ने इस वर्ष बाली यात्रा को और बेहतर तरीके से आयोजित करने के लिए कई योजनाएं तैयार की हैं। प्रशासन की ओर से राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है कि इस बार मेले का आयोजन बाली यात्रा स्थल के ऊपरी और निचले दोनों मैदानों में किया जाए। हालांकि, इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय राज्य सरकार की मंजूरी के बाद ही लिया जाएगा।

प्रशासन का मानना है कि यदि दोनों मैदानों में आयोजन की अनुमति मिलती है तो मेले में आने वाले लोगों को अधिक सुविधा मिलेगी और भीड़ को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकेगा। बाली यात्रा में हर साल लाखों की संख्या में लोग पहुंचते हैं, जिसके कारण यातायात व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन बड़ी चुनौती बन जाती है।

इस बार प्रशासन ने पार्किंग व्यवस्था को भी मजबूत करने की योजना बनाई है। पिछले वर्षों में आने वाली भीड़ को देखते हुए अधिक पार्किंग स्थान तैयार किए जाएंगे, ताकि लोगों को वाहन खड़े करने में परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके अलावा यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए भी विशेष योजना बनाई जा रही है।

कलेक्टर ने बताया कि मेले के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भी खास महत्व दिया जाएगा। लोगों के मनोरंजन के लिए ओडिशा के बाहर के कलाकारों को भी आमंत्रित किया जाएगा। इनमें बॉलीवुड कलाकारों के शामिल होने की भी संभावना है। प्रशासन का उद्देश्य है कि बाली यात्रा को और आकर्षक बनाया जाए ताकि अधिक से अधिक लोग इस आयोजन से जुड़ सकें।

बाली यात्रा के दौरान इस बार महानदी में वॉटर स्पोर्ट्स गतिविधियों का भी आयोजन किया जाएगा। इससे मेले में आने वाले पर्यटकों को मनोरंजन का एक नया अनुभव मिलेगा। जल क्रीड़ा गतिविधियों को सुरक्षित तरीके से संचालित करने के लिए संबंधित विभागों को जिम्मेदारी दी जाएगी।

प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती, सीसीटीवी निगरानी और आपातकालीन सेवाओं की व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भी विशेष इंतजाम किए जाने की संभावना है।

बाली यात्रा का इतिहास सदियों पुराना है। यह आयोजन उस समय की याद दिलाता है जब ओडिशा के व्यापारी समुद्री मार्गों से बाली, जावा और सुमात्रा जैसे देशों तक व्यापार करने जाते थे। कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर लोग पारंपरिक रूप से नावों को जल में प्रवाहित कर इस गौरवशाली परंपरा को याद करते हैं।

हर साल बाली यात्रा में हस्तशिल्प, घरेलू उत्पाद, खान-पान और विभिन्न प्रकार के व्यापारिक स्टॉल लगाए जाते हैं। स्थानीय कारोबारियों के लिए यह मेला एक बड़ा अवसर होता है। हजारों छोटे व्यापारी और कलाकार इस आयोजन में हिस्सा लेते हैं और अपनी कला व उत्पादों का प्रदर्शन करते हैं।

जिला प्रशासन का कहना है कि इस वर्ष बाली यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और भव्य बनाने के लिए सभी विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। आने वाले दिनों में तैयारियों को लेकर विभिन्न विभागों के साथ बैठकें की जाएंगी।

कटक की पहचान से जुड़े इस ऐतिहासिक आयोजन को लेकर लोगों में अभी से उत्साह देखा जा रहा है। प्रशासन की नई योजनाओं और बेहतर व्यवस्थाओं के साथ इस बार की बाली यात्रा के और अधिक सफल होने की उम्मीद जताई जा रही है।

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