भुवनेश्वर। ओडिशा में सुवर्णरेखा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने और खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण संभावित बाढ़ की स्थिति को लेकर जल संसाधन विभाग ने चेतावनी जारी की है। विभाग ने नदी के आसपास के इलाकों में सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों के अनुसार, सुवर्णरेखा का जलस्तर गुरुवार शाम तक खतरे के निशान से ऊपर बने रहने की संभावना है। इसके चलते बालेश्वर जिले के कई निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है।

ओडिशा जल संसाधन विभाग के इंजीनियर-इन-चीफ (EIC) दिलीप कुमार राउत ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुवर्णरेखा नदी में पानी का स्तर लगातार बढ़ रहा है और फिलहाल नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। मौजूदा स्थिति को देखते हुए विभाग प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर रख रहा है।

चार ब्लॉक प्रभावित होने की आशंका

दिलीप कुमार राउत के मुताबिक, सुवर्णरेखा नदी के बढ़ते जलस्तर से बालेश्वर जिले के जलेश्वर, भोगराई, बास्ता और बालियापाल ब्लॉक प्रभावित हो सकते हैं। इन क्षेत्रों में निचले इलाकों और नदी के आसपास रहने वाले लोगों को संभावित जलभराव और बाढ़ की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।

प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बने रहने की संभावना को देखते हुए स्थानीय स्तर पर आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। अधिकारियों का ध्यान विशेष रूप से उन इलाकों पर है, जहां नदी का पानी बढ़ने की स्थिति में तेजी से जलभराव हो सकता है।

गुरुवार शाम तक खतरे के निशान से ऊपर रहने की संभावना

जल संसाधन विभाग के EIC ने बताया कि सुवर्णरेखा का जलस्तर गुरुवार शाम तक खतरे के निशान से ऊपर रहने की संभावना है। ऐसे में अगले कुछ घंटों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नदी के जलस्तर में होने वाले बदलाव पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

जलस्तर बढ़ने की स्थिति में नदी के किनारे बसे गांवों और निचले क्षेत्रों में प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ सकती है। लोगों को नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दिए जाने की संभावना है।

अन्य प्रमुख नदियों में फिलहाल बाढ़ जैसी स्थिति नहीं

दिलीप कुमार राउत ने स्पष्ट किया कि राज्य की किसी अन्य प्रमुख नदी में फिलहाल बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है। इसका मतलब है कि मौजूदा समय में सबसे अधिक चिंता सुवर्णरेखा नदी के बढ़ते जलस्तर को लेकर है।

विभाग अन्य प्रमुख नदियों के जलस्तर पर भी नजर रख रहा है, ताकि किसी भी अचानक बदलाव की स्थिति में समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें। जल संसाधन विभाग और जिला प्रशासन के बीच समन्वय के जरिए स्थिति की निगरानी की जा रही है।

बुढ़ाबलंग नदी में घटने लगा पानी

इस बीच बुढ़ाबलंग नदी का जलस्तर, जो पहले बढ़ गया था, अब कम होने लगा है। इससे नदी के आसपास प्रभावित इलाकों में कुछ राहत मिली है। जलस्तर में गिरावट के बाद उन क्षेत्रों में स्थिति पहले की तुलना में बेहतर होने की उम्मीद है, जहां बढ़ते पानी को लेकर चिंता बनी हुई थी।

हालांकि, प्रशासन अभी पूरी तरह स्थिति को सामान्य नहीं मान रहा है। बारिश और नदी के जलस्तर में किसी भी बदलाव का असर निचले इलाकों पर पड़ सकता है। इसलिए जल संसाधन विभाग की ओर से निगरानी जारी रखी जा रही है।

निचले इलाकों में बढ़ सकती है परेशानी

सुवर्णरेखा नदी के खतरे के निशान से ऊपर बहने की स्थिति में नदी के आसपास के निचले इलाकों में पानी पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में खेतों, सड़कों और ग्रामीण बस्तियों पर इसका असर पड़ सकता है। बालेश्वर जिले के चार ब्लॉक इस संभावित बाढ़ के लिहाज से संवेदनशील माने जा रहे हैं।

जलेश्वर, भोगराई, बास्ता और बालियापाल में प्रशासन को स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर तैयारियां मजबूत रखने की जरूरत होगी। विशेष रूप से नदी के किनारे और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा सकती है।

प्रशासन की निगरानी बढ़ी

जलस्तर की लगातार निगरानी बाढ़ की स्थिति से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। अधिकारियों की ओर से नदी के जलस्तर और संभावित प्रभाव वाले क्षेत्रों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। जलस्तर बढ़ने की स्थिति में स्थानीय प्रशासन को राहत और बचाव से जुड़े कदम उठाने पड़ सकते हैं।

विभाग की ओर से स्थिति को लेकर समय-समय पर जानकारी साझा की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल सुवर्णरेखा नदी को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है, जबकि राज्य की अन्य प्रमुख नदियों में बाढ़ जैसी स्थिति नहीं बनी है।

लोगों को सतर्क रहने की जरूरत

सुवर्णरेखा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर होने के कारण नदी के आसपास रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। नदी के बढ़ते पानी को देखने के लिए किनारे जाने या जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचना जरूरी होगा। प्रशासन की ओर से जारी होने वाले निर्देशों का पालन करना भी महत्वपूर्ण रहेगा।

फिलहाल ओडिशा में बाढ़ की स्थिति व्यापक नहीं है, लेकिन सुवर्णरेखा नदी को लेकर खतरा बना हुआ है। गुरुवार शाम तक नदी के खतरे के निशान से ऊपर रहने की संभावना के कारण बालेश्वर जिले के जलेश्वर, भोगराई, बास्ता और बालियापाल ब्लॉक पर विशेष नजर रखी जा रही है। दूसरी ओर बुढ़ाबलंग नदी का पानी घटने से प्रभावित इलाकों को कुछ राहत मिली है। आने वाले घंटों में नदी के जलस्तर और बारिश की स्थिति पर निर्भर करेगा कि सुवर्णरेखा का खतरा कितना बढ़ता या कम होता है।

Tags: