जगन्नाथ रथ यात्रा में भगदड़, श्रद्धालुओं पर टूटा कहर

Update: 2026-07-16 13:15 GMT

ओडिशा:  पुरी में भगवान जगन्नाथ की ऐतिहासिक रथ यात्रा के दौरान गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। मरिचिकोट चौक के पास श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के कारण भगदड़ जैसी स्थिति बन गई, जिसमें दम घुटने से दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई। इस घटना के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। वहीं, 150 से अधिक श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

जानकारी के अनुसार, रथ यात्रा के दौरान पुरी में लाखों की संख्या में श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के दर्शन के लिए पहुंचे थे। दोपहर करीब 2 बजे मरिचिकोट चौक के आसपास अचानक भीड़ का दबाव बढ़ गया। अत्यधिक भीड़ के कारण कुछ समय के लिए वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया और भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई।

इस दौरान दो श्रद्धालु भीड़ के दबाव और दम घुटने के कारण अचानक बेहोश होकर गिर पड़े। मौके पर मौजूद लोगों और सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत उन्हें बाहर निकाला और इलाज के लिए पुरी जिला मुख्य अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों श्रद्धालुओं को मृत घोषित कर दिया।

हादसे के बाद बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को अस्पताल पहुंचाया गया। प्रशासन के अनुसार, भीड़ के दबाव, गर्मी, थकान और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के कारण 150 से अधिक लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की टीम लगातार मरीजों की निगरानी कर रही है और जरूरत के अनुसार उनका इलाज किया जा रहा है।

पुरी रथ यात्रा दुनिया की सबसे बड़ी धार्मिक यात्राओं में से एक मानी जाती है। हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के दर्शन और रथ खींचने के लिए पुरी पहुंचते हैं। इतनी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के कारण प्रशासन की ओर से सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष इंतजाम किए जाते हैं।

घटना के बाद प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों की टीम यह पता लगाने में जुटी है कि भीड़ नियंत्रण में कहां कमी रह गई और किन परिस्थितियों के कारण भगदड़ जैसी स्थिति बनी। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी शुरू कर दी है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मरिचिकोट चौक के पास श्रद्धालुओं की संख्या अचानक काफी बढ़ गई थी। भीड़ एक जगह जमा होने के कारण लोगों को आगे बढ़ने में परेशानी होने लगी। इसी दौरान कुछ लोग दबाव में आ गए और स्थिति बिगड़ गई। हालांकि सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए लोगों को नियंत्रित करने की कोशिश की।

हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी की। स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट कर दिया गया। अस्पतालों में अतिरिक्त व्यवस्था की गई ताकि घायल श्रद्धालुओं को समय पर इलाज मिल सके।

इस घटना ने एक बार फिर बड़े धार्मिक आयोजनों में भीड़ प्रबंधन की चुनौती को सामने ला दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे आयोजनों में प्रवेश और निकासी व्यवस्था, भीड़ की निगरानी, आपातकालीन रास्ते और चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत रखना बेहद जरूरी होता है।

भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा आस्था और परंपरा का बड़ा प्रतीक है। हर साल लाखों श्रद्धालु इस पवित्र आयोजन का हिस्सा बनने के लिए पुरी पहुंचते हैं। हालांकि इस बार हुए हादसे ने उत्सव के माहौल को गम में बदल दिया है।

प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे भीड़ में धैर्य बनाए रखें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें। फिलहाल हादसे की जांच जारी है और प्रशासन की ओर से आगे की जानकारी साझा की जाएगी।

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