भुवनेश्वर। ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में वाहन चालकों को पार्किंग की समस्या से राहत दिलाने के लिए नगर निगम ने बड़ी योजना तैयार की है। भुवनेश्वर नगर निगम (BMC) शहर के पांच व्यस्त स्थानों पर आधुनिक स्मार्ट पार्किंग सुविधा शुरू करने की तैयारी में है। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद वाहन चालकों को पार्किंग के लिए इधर-उधर भटकने की जरूरत कम होगी। वे मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से पार्किंग स्लॉट की उपलब्धता देख सकेंगे और पहले से बुकिंग कर सकेंगे। प्रस्तावित सुविधा में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन, सीसीटीवी निगरानी, डिजिटल भुगतान और विभिन्न अवधि के पार्किंग पास जैसी सुविधाएं शामिल करने की योजना है। नगर निगम का उद्देश्य शहर की सड़कों पर अव्यवस्थित पार्किंग को नियंत्रित करना, यातायात जाम कम करना और वाहन चालकों को सुरक्षित तथा सुविधाजनक पार्किंग व्यवस्था उपलब्ध कराना है। इस परियोजना के लिए नगर निगम ने सेवा प्रदाता एजेंसी के चयन की प्रक्रिया भी शुरू की है।

भुवनेश्वर में लगातार बढ़ती वाहनों की संख्या के कारण पार्किंग एक बड़ी समस्या बनती जा रही है। शहर के बाजारों, अस्पतालों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और प्रमुख सड़कों के आसपास अक्सर वाहन बेतरतीब तरीके से खड़े दिखाई देते हैं। इससे यातायात प्रभावित होने के साथ पैदल चलने वालों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। नगर निगम ने इसी समस्या के समाधान के लिए तकनीक आधारित स्मार्ट पार्किंग व्यवस्था विकसित करने का निर्णय लिया है।

प्रस्तावित योजना के तहत शहर में पांच स्मार्ट पार्किंग जोन विकसित किए जाएंगे। इनमें तीन पार्किंग स्थल लेफ्ट पैरेलल रोड पर एकाम्र पार्क और उत्कल अस्पताल के बीच के क्षेत्र में होंगे। इसके अलावा बोमीखाल फ्लाईओवर और खंडगिरि फ्लाईओवर के नीचे एक-एक स्मार्ट पार्किंग सुविधा विकसित की जाएगी। इन स्थानों का चयन वाहनों की आवाजाही और पार्किंग की जरूरत को ध्यान में रखते हुए किया गया है।

नगर निगम की योजना है कि इन पार्किंग स्थलों को व्यवस्थित रूप दिया जाए। इसके लिए निर्धारित पार्किंग स्लॉट, सूचना बोर्ड, बैरिकेडिंग और प्रवेश तथा निकास के अलग-अलग रास्ते विकसित किए जाएंगे। इस व्यवस्था से वाहन चालकों को पार्किंग स्थल तक पहुंचने और वाहन खड़ा करने में आसानी होने की उम्मीद है।

स्मार्ट पार्किंग व्यवस्था की सबसे बड़ी विशेषता मोबाइल ऐप के माध्यम से स्लॉट बुकिंग होगी। प्रस्ताव के अनुसार, वाहन चालक पार्किंग स्थल पर पहुंचने से दो घंटे पहले तक अपना स्लॉट आरक्षित कर सकेंगे। ऐप के माध्यम से उन्हें उपलब्ध स्थानों की जानकारी मिलेगी। इससे लोगों को वाहन पार्क करने के लिए बार-बार अलग-अलग स्थानों पर जाने की जरूरत कम होगी।

मोबाइल ऐप में पार्किंग स्लॉट की वास्तविक समय की उपलब्धता दिखाने की योजना है। वाहन चालक अपने गंतव्य के नजदीक पार्किंग स्थल का चयन कर सकेंगे। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार स्लॉट बुक किया जा सकेगा। हालांकि ऐप के अंतिम फीचर्स, बुकिंग की समयसीमा और इसे आम लोगों के लिए उपलब्ध कराने की तारीख की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।

नई व्यवस्था में डिजिटल भुगतान को भी प्रमुखता दी जाएगी। पार्किंग शुल्क जमा करने के लिए नकद भुगतान के अलावा ऑनलाइन विकल्प उपलब्ध कराने की योजना है। इससे वाहन चालकों को भुगतान में सुविधा मिलने के साथ पार्किंग शुल्क संग्रह की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी हो सकती है।

नियमित रूप से वाहन पार्क करने वाले लोगों के लिए दैनिक, साप्ताहिक और मासिक डिजिटल पार्किंग पास उपलब्ध कराने की भी योजना है। इससे विशेष रूप से कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों, व्यापारियों और नियमित यात्रियों को फायदा मिलने की उम्मीद है। उन्हें प्रत्येक बार अलग से भुगतान करने की जरूरत कम हो सकती है।

नगर निगम की प्रस्तावित शुल्क व्यवस्था के अनुसार, दोपहिया वाहनों के लिए पांच रुपये प्रति घंटे और कारों के लिए 20 रुपये प्रति घंटे का पार्किंग शुल्क रखा जा सकता है। हालांकि ये प्रस्तावित दरें हैं और अंतिम शुल्क व्यवस्था लागू होने पर ही वास्तविक दरें स्पष्ट होंगी। प्रारंभिक योजना में एक घंटे की बुकिंग अवधि का भी उल्लेख किया गया है।

स्मार्ट पार्किंग स्थलों पर सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना है। इसके अलावा आधुनिक सेंसर और जियो-फेंसिंग तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इस तकनीक की सहायता से पार्किंग क्षेत्र की डिजिटल सीमा तय की जा सकेगी और वाहनों के प्रवेश तथा निकास की निगरानी संभव होगी।

सेंसर आधारित व्यवस्था से यह जानकारी प्राप्त करने में मदद मिलेगी कि कौन-सा पार्किंग स्लॉट खाली है और किस स्थान पर वाहन खड़ा है। इससे पार्किंग स्थलों का बेहतर प्रबंधन किया जा सकेगा। साथ ही निर्धारित स्थान के बाहर वाहन खड़े करने जैसी समस्याओं पर नियंत्रण लगाने में सहायता मिल सकती है।

नई व्यवस्था में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव भी महत्वपूर्ण है। शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए पार्किंग स्थलों पर चार्जिंग सुविधा उपलब्ध कराना उपयोगी साबित हो सकता है। इससे वाहन चालक पार्किंग के दौरान अपने इलेक्ट्रिक वाहन को चार्ज करने की सुविधा प्राप्त कर सकेंगे। हालांकि चार्जिंग स्टेशनों की संख्या और उनकी क्षमता का विस्तृत विवरण अभी सामने नहीं आया है।

भुवनेश्वर नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त कैलाश चंद्र दास के अनुसार, चिन्हित स्थानों को व्यवस्थित पार्किंग केंद्रों के रूप में विकसित करने की योजना है। इन स्थलों पर वाहन खड़ा करने के लिए निर्धारित स्थान, सुरक्षा व्यवस्था और डिजिटल निगरानी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

योजना के शुरुआती चरण में पार्किंग स्थलों का संचालन चयनित निजी एजेंसियों के कर्मचारियों की सहायता से किया जा सकता है। इसके बाद धीरे-धीरे व्यवस्था को पूरी तरह स्वचालित और दूरस्थ निगरानी आधारित बनाने का लक्ष्य है। इससे पार्किंग प्रबंधन में मानवीय हस्तक्षेप कम करने और डिजिटल तकनीक का अधिक उपयोग करने में मदद मिलेगी।

स्मार्ट पार्किंग परियोजना के अतिरिक्त नगर निगम शहर में पार्किंग सुविधाओं का व्यापक विस्तार भी कर रहा है। निगम ने सरकारी भूमि पर 36 नए पार्किंग स्थल विकसित करने के लिए निविदाएं आमंत्रित की थीं। अक्टूबर में नगर निगम ने त्योहारी भीड़ को देखते हुए शहर के 39 निर्धारित पार्किंग स्थलों की जानकारी भी अपनी वेबसाइट पर उपलब्ध कराई। इसका उद्देश्य लोगों को अधिकृत पार्किंग स्थलों की जानकारी देना और सड़कों पर अव्यवस्थित पार्किंग को कम करना है।

शहर में बेहतर पार्किंग व्यवस्था लागू होने से यातायात प्रबंधन को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। जब वाहन निर्धारित स्थानों पर खड़े होंगे तो मुख्य सड़कों और बाजारों के आसपास यातायात के लिए अधिक जगह उपलब्ध हो सकती है। इससे जाम की समस्या कम करने में सहायता मिलेगी।

हालांकि इस योजना की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि पार्किंग स्थल कितनी जल्दी तैयार होते हैं, मोबाइल ऐप कितनी प्रभावी तरीके से काम करता है और लोग नई व्यवस्था को किस हद तक अपनाते हैं। पार्किंग स्थलों की पर्याप्त क्षमता और उचित शुल्क निर्धारण भी महत्वपूर्ण होगा।

फिलहाल भुवनेश्वर नगर निगम की स्मार्ट पार्किंग परियोजना कार्यान्वयन की तैयारी के चरण में है। नगर निगम की आधिकारिक निविदा सूची में पांच निर्धारित स्थानों पर ऐप आधारित स्मार्ट पार्किंग प्रणाली के संचालन और प्रबंधन के लिए एजेंसी चयन का प्रस्ताव दर्ज है। योजना के पूरी तरह शुरू होने की निश्चित तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।

इस पहल से आने वाले समय में शहर के वाहन चालकों को आधुनिक पार्किंग सुविधा मिलने और यातायात व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है। यदि योजना निर्धारित उद्देश्यों के अनुरूप लागू होती है तो भुवनेश्वर में डिजिटल पार्किंग प्रबंधन की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।

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