छह साल बाद भक्तों के लिए खुला श्री गुंडिचा मंदिर, पहले तीन दिन प्रवेश मुफ्त
पुरी। ओडिशा के पुरी स्थित प्रसिद्ध श्री गुंडिचा मंदिर के दरवाजे बुधवार को आम भक्तों के लिए एक बार फिर खोल दिए गए। इसके साथ ही श्रद्धालुओं का करीब छह साल लंबा इंतजार खत्म हो गया। सुबह नियमित पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान पूरे होने के बाद मंदिर को करीब 7.45 बजे आम दर्शन के लिए खोला गया। मंदिर खुलते ही बड़ी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंच गए और परिसर के बाहर लंबी कतारें देखने को मिलीं।
श्री गुंडिचा मंदिर का भगवान जगन्नाथ की परंपरा में विशेष महत्व है। इसे पारंपरिक रूप से भगवान जगन्नाथ का जन्मस्थान माना जाता है। रथ यात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा श्रीमंदिर से निकलकर इसी गुंडिचा मंदिर में पहुंचते हैं और यहां कुछ दिनों तक निवास करते हैं। इसी वजह से मंदिर का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व बेहद खास माना जाता है।
मंदिर को आम श्रद्धालुओं के लिए फिर से खोले जाने की खबर मिलते ही पुरी और आसपास के इलाकों के साथ दूर-दराज से आए भक्त भी यहां पहुंचने लगे। सुबह से ही मंदिर के बाहर उत्साहपूर्ण माहौल था। कई श्रद्धालु वर्षों बाद मंदिर के अंदर प्रवेश मिलने को लेकर भावुक नजर आए।
मंदिर प्रशासन ने शुरुआत के तीन दिनों तक प्रवेश पूरी तरह मुफ्त रखने का फैसला किया है। इस अवधि के बाद श्रद्धालुओं को प्रति व्यक्ति 10 रुपये का प्रवेश शुल्क देना होगा। हालांकि पांच साल से कम उम्र के बच्चों, 80 वर्ष से अधिक आयु वाले बुजुर्गों और दिव्यांग श्रद्धालुओं को प्रवेश शुल्क से छूट दी गई है।
प्रशासन की ओर से दर्शन व्यवस्था को व्यवस्थित रखने के लिए अलग-अलग इंतजाम किए गए हैं। बड़ी संख्या में भक्तों के आने की संभावना को देखते हुए कतार व्यवस्था, सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में कर्मचारियों तथा सुरक्षा कर्मियों की तैनाती भी की गई है।
सामान्य दिनों में श्री गुंडिचा मंदिर सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक दर्शन के लिए खुला रहेगा। हालांकि मौसम और दिन की अवधि को देखते हुए सर्दियों में समय में बदलाव किया जाएगा। नवंबर से फरवरी के बीच मंदिर सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक श्रद्धालुओं के लिए खुला रहेगा।
मंदिर के खुलने से पुरी आने वाले धार्मिक पर्यटकों को एक और महत्वपूर्ण स्थल के दर्शन का अवसर मिलेगा। अब तक मंदिर के लंबे समय तक बंद रहने के कारण कई भक्त केवल बाहर से ही दर्शन कर पाते थे। अब परिसर में प्रवेश की अनुमति मिलने के बाद धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
श्री गुंडिचा मंदिर का संबंध जगन्नाथ संस्कृति और रथ यात्रा से गहराई से जुड़ा हुआ है। हर साल रथ यात्रा के दौरान भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा अपने-अपने रथों में सवार होकर श्रीमंदिर से गुंडिचा मंदिर पहुंचते हैं। इस यात्रा को भक्त भगवान की मौसी के घर की यात्रा के रूप में भी देखते हैं। रथ यात्रा के दौरान गुंडिचा मंदिर लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बन जाता है।
मंदिर के नियमित रूप से खुलने के बाद अब श्रद्धालु वर्ष के दूसरे समय में भी इसके दर्शन कर सकेंगे। इससे पुरी आने वाले पर्यटकों और भक्तों को जगन्नाथ संस्कृति से जुड़े इस महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल को करीब से देखने का अवसर मिलेगा।
मंदिर प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती भक्तों की बढ़ती संख्या के बीच व्यवस्था बनाए रखने की होगी। शुरुआती दिनों में प्रवेश मुफ्त होने के कारण बड़ी भीड़ उमड़ने की संभावना है। इसी वजह से प्रशासन ने श्रद्धालुओं से व्यवस्था बनाए रखने और निर्धारित कतारों का पालन करने की अपील की है।
दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर के नियमों और परंपराओं का पालन करना होगा। इसके साथ ही मंदिर की स्वच्छता और अनुशासन बनाए रखने पर भी जोर दिया जा रहा है। बुजुर्ग और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए सुगम प्रवेश व्यवस्था सुनिश्चित करने की भी तैयारी की गई है।
पुरी देश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन स्थलों में शामिल है। यहां स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर के साथ ही गुंडिचा मंदिर, नरेंद्र पुष्करिणी और अन्य धार्मिक स्थल भी भक्तों के लिए खास महत्व रखते हैं। गुंडिचा मंदिर के फिर से खुलने से इन धार्मिक स्थलों की श्रृंखला में एक महत्वपूर्ण कड़ी दोबारा आम लोगों के लिए उपलब्ध हो गई है।
छह साल बाद मंदिर में प्रवेश शुरू होने से स्थानीय व्यापारियों और पर्यटन से जुड़े लोगों में भी उत्साह देखा जा रहा है। श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से आसपास के बाजार, होटल, परिवहन और अन्य सेवाओं को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।
मंदिर खुलने के पहले दिन सुबह से ही बड़ी संख्या में भक्तों ने दर्शन किए। कई श्रद्धालुओं ने मंदिर के दोबारा खुलने को धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण अवसर बताया। वर्षों बाद अंदर प्रवेश मिलने की वजह से भक्तों में खास उत्साह नजर आया।
पहले तीन दिनों तक मुफ्त प्रवेश के बाद 10 रुपये शुल्क लागू होने से मंदिर की व्यवस्था और रखरखाव में भी मदद मिलने की उम्मीद है। प्रशासन ने विशेष श्रेणी के श्रद्धालुओं को शुल्क से छूट देकर सुविधा का भी ध्यान रखा है।
श्री गुंडिचा मंदिर के दरवाजे फिर खुलने के साथ ही पुरी में धार्मिक गतिविधियों को नई गति मिली है। छह साल से इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं के लिए यह मौका खास बन गया है। अब तय समय के अनुसार रोजाना भक्त मंदिर में प्रवेश कर भगवान जगन्नाथ से जुड़े इस पवित्र स्थल के दर्शन कर सकेंगे।