पुरी रथ यात्रा 2026 के लिए सुरक्षा तैयारी तेज, 200 मजिस्ट्रेट तैनात

Update: 2026-07-13 09:37 GMT

Odisha ओडिशा: विश्व प्रसिद्ध पुरी रथ यात्रा 2026 को सफल, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से आयोजित करने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। हर साल लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करने वाले इस भव्य धार्मिक उत्सव के लिए प्रशासन ने सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए व्यापक इंतजाम किए हैं।

पुरी जिला प्रशासन ने इस बार सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए शहर के अलग-अलग हिस्सों में करीब 200 एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेटों की तैनाती की है। इन अधिकारियों को भीड़ प्रबंधन, कानून व्यवस्था बनाए रखने और महत्वपूर्ण स्थानों पर निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है।

पुरी कलेक्टर दिव्य ज्योति परिदा ने बताया कि रथ यात्रा के दौरान देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए पुरी पहुंचते हैं। ऐसे में प्रशासन का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और यात्रा को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना है।

कलेक्टर ने कहा कि इस साल रथ यात्रा के लिए विशेष रूप से सुरक्षा और प्रबंधन व्यवस्था पर ध्यान दिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण, आपात सेवाओं, पेयजल व्यवस्था, साफ-सफाई और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए कई स्तरों पर योजनाएं तैयार की हैं।

उन्होंने कहा कि इस वर्ष अतिरिक्त एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेटों की तैनाती प्रमुख कदमों में शामिल है। करीब 200 अधिकारी शहर के विभिन्न हिस्सों में तैनात रहेंगे और मौके की स्थिति के अनुसार तत्काल निर्णय लेने में मदद करेंगे।

कलेक्टर परिदा ने कहा कि रथ यात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी को देखते हुए प्रशासन ने हर जरूरी पहलू को ध्यान में रखा है। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं के लिए पेयजल व्यवस्था को पहले से बेहतर बनाया गया है और पानी की आपूर्ति क्षमता भी बढ़ाई गई है।

प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह पेयजल केंद्र बनाए जाने की तैयारी की जा रही है। इसके अलावा गर्मी और भीड़ को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत किया जा रहा है। आपात स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल टीमों और एंबुलेंस की व्यवस्था भी की जाएगी।

पुरी रथ यात्रा दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक मानी जाती है। इसमें भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के विशाल रथों को गुंडिचा मंदिर तक ले जाया जाता है। इस दौरान देश के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पुरी पहुंचते हैं।

इतनी बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को देखते हुए प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती भीड़ को नियंत्रित करना और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जा रहा है।

रथ यात्रा मार्ग, प्रमुख चौराहों और भीड़ वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी व्यवस्था की जाएगी। सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ-साथ सीसीटीवी कैमरों और अन्य तकनीकी साधनों के जरिए भी निगरानी रखने की योजना बनाई गई है।

प्रशासन ने श्रद्धालुओं से भी अपील की है कि वे यात्रा के दौरान नियमों का पालन करें और सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करें। अधिकारियों का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

जिला प्रशासन के अनुसार, रथ यात्रा को सफल बनाने के लिए सभी विभागों के बीच तालमेल के साथ काम किया जा रहा है। नगर निकाय, स्वास्थ्य विभाग, पुलिस प्रशासन और अन्य संबंधित विभागों को अपनी-अपनी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

कलेक्टर दिव्य ज्योति परिदा ने भरोसा जताया कि बेहतर योजना और मजबूत व्यवस्थाओं के कारण रथ यात्रा 2026 का आयोजन सुचारू और सुरक्षित तरीके से संपन्न होगा। प्रशासन का लक्ष्य है कि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो और वे शांतिपूर्ण माहौल में भगवान जगन्नाथ के दर्शन कर सकें।

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