पुरी: जाने-माने सैंड आर्टिस्ट और पद्म श्री से सम्मानित सुदर्शन पटनायक ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ओडिशा दौरे से पहले, उनके स्वागत के लिए पुरी बीच पर रेत से 8 फुट की एक कलाकृति बनाई है।
इस कलाकृति में ओडिशा की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और भारत के तेजी से विकसित हो रहे डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का मेल देखने को मिलता है। यह कलाकृति भुवनेश्वर में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान के उद्घाटन को दर्शाती है।
रेत से बनी इस कलाकृति में ओडिशा की वास्तुकला और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक 'कोणार्क चक्र' शामिल है, और इसके साथ ही RBI के डेटा सेंटर की एक झलक भी दिखाई गई है। इस कलाकृति के जरिए पटनायक ने राज्य की सांस्कृतिक पहचान को, सुरक्षित डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और साइबर सुरक्षा पर भारत के बढ़ते फोकस के साथ जोड़ने का प्रयास किया है।
इस कलाकृति के बारे में मीडिया से ​​बात करते हुए सुदर्शन पटनायक ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ओडिशा आ रहे हैं, और यहाँ RBI के डेटा सेंटर का उद्घाटन होगा। यह ओडिशा के लिए गर्व की बात है कि RBI का दूसरा डेटा सेंटर यहाँ स्थापित किया गया है, और हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी इसका उद्घाटन करेंगे। एक कलाकार के तौर पर, मैंने आज पुरी बीच पर रेत से एक कलाकृति बनाई है, जिसमें मैंने कोणार्क चक्र को उकेरा है और साथ ही रेत के जरिए डेटा सेंटर की एक झलक भी पेश की है।"
प्रधानमंत्री का रविवार को ओडिशा दौरा तय है, जिसके दौरान वे भुवनेश्वर में RBI के डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन करेंगे।
इन सुविधाओं का उद्देश्य भारत की वित्तीय प्रणाली की तकनीकी नींव को मजबूत करना और डिजिटल बैंकिंग तथा वित्तीय सेवाओं की बढ़ती जरूरतों को पूरा करना है।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, इस डेटा सेंटर को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यह RBI और पूरे वित्तीय क्षेत्र को एक सुरक्षित, मजबूत, विस्तार योग्य (स्केलेबल) और भविष्य के लिए तैयार कंप्यूटिंग इकोसिस्टम प्रदान कर सके। अत्याधुनिक डेटा सेंटरों में महत्वपूर्ण 'पेमेंट और सेटलमेंट सिस्टम' के साथ-साथ अन्य प्रमुख पहलें भी शामिल होंगी। इस सुविधा केंद्र को 'अपटाइम इंस्टीट्यूट' के 'टियर IV' मानक का प्रमाणन मिला है। यह डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक वैश्विक मानक है, जो इसे परिचालन संबंधी मजबूती (ऑपरेशनल रेजिलिएंस) के सर्वोच्च स्तर पर रखता है। साथ ही, यह दुनिया भर के बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा (BFSI) क्षेत्र में मौजूद सबसे बड़े 'टियर IV' प्रमाणित केंद्रों में से एक है।
उम्मीद है कि यह केंद्र डिजिटल वित्तीय सेवाओं की पहुंच, कार्यक्षमता और विश्वसनीयता को बेहतर बनाने में योगदान देगा। यह भारत की तेजी से तकनीक-आधारित होती वित्तीय अर्थव्यवस्था के लिए एक सुरक्षित डिजिटल आधार प्रदान करेगा, और केंद्रीय बैंकों के बीच डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में RBI की स्थिति को और मजबूत करेगा।
'साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान' (Cybersecurity Training Institute), पूरे वित्तीय क्षेत्र में साइबर सुरक्षा और एंटरप्राइज-टेक्नोलॉजी से जुड़े प्रशिक्षण, शोध और क्षमता विकास के लिए एक समर्पित मंच के रूप में काम करेगा। इसका मुख्य ध्यान क्वांटम कंप्यूटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी उभरती तकनीकों के साथ-साथ BFSI क्षेत्र से जुड़ी अन्य अत्याधुनिक तकनीकों पर होगा।
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