भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार अपने कोऑपरेटिव सेक्टर को मजबूत करने के लिए एक नई पहल शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी 1 सितंबर को ‘संबंध’ नाम से एक बड़े कोऑपरेटिव मेंबरशिप कैंपेन का शुभारंभ करेंगे।
इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीण ओडिशा में सहकारी संस्थाओं के नेटवर्क को और व्यापक बनाना है। इसके तहत राज्य के प्रत्येक ग्रामीण परिवार से कम से कम एक सदस्य को कोऑपरेटिव सिस्टम से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकार का मानना है कि इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को सहकारी योजनाओं और सेवाओं तक बेहतर पहुंच मिलेगी और उनकी आजीविका को मजबूत करने में मदद मिलेगी।
ग्रामीण परिवारों को सहकारी व्यवस्था से जोड़ने की योजना
कोऑपरेशन विभाग के अनुसार, ‘संबंध’ अभियान का मुख्य उद्देश्य गांवों में सहकारी संस्थाओं की पहुंच बढ़ाना है।
इस अभियान के माध्यम से ग्रामीण परिवारों को कृषि, ऋण, आजीविका और अन्य सहकारी सेवाओं से जोड़ा जाएगा। सरकार चाहती है कि अधिक से अधिक लोग सहकारी संस्थाओं के सदस्य बनें और उनके माध्यम से मिलने वाली सुविधाओं का लाभ उठा सकें।
अधिकारियों का कहना है कि सहकारी क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इसके विस्तार से किसानों और ग्रामीण समुदायों को आर्थिक मजबूती मिलेगी।
डिजिटल माध्यम से आसान होगा रजिस्ट्रेशन
‘संबंध’ अभियान की एक खास विशेषता डिजिटल सदस्यता प्रक्रिया होगी। इसके लिए एक नया मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया जाएगा।
इस ऐप के माध्यम से लोग आसानी से और पारदर्शी तरीके से कोऑपरेटिव संस्थाओं के सदस्य बन सकेंगे।
सरकार का उद्देश्य है कि सदस्यता प्रक्रिया को सरल बनाया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और वे घर बैठे सहकारी व्यवस्था से जुड़ सकें।
PACS और LAMPS की अहम भूमिका
इस अभियान के तहत प्राइमरी एग्रीकल्चरल क्रेडिट सोसाइटीज (PACS) और लार्ज एरिया मल्टी-पर्पस कोऑपरेटिव सोसाइटीज (LAMPS) को भी महत्वपूर्ण भूमिका दी गई है।
ये संस्थाएं किसानों और आदिवासी समुदायों तक सहकारी सेवाएं पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती हैं।
कार्यक्रम की खास बात यह होगी कि PACS और LAMPS अपने किसान सदस्यों को डिविडेंड यानी लाभ का हिस्सा वितरित करेंगी।
ओडिशा में पहली बार होगा डिविडेंड वितरण
कोऑपरेटिव विभाग के अनुसार, ओडिशा के सहकारी क्षेत्र के इतिहास में यह पहली बार होगा जब PACS और LAMPS अपने सदस्यों को डिविडेंड का वितरण करेंगी।
इसे सहकारी संस्थाओं में सदस्यों की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें आर्थिक लाभ पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सरकार का कहना है कि इससे किसानों और सदस्यों में सहकारी संस्थाओं के प्रति विश्वास बढ़ेगा।
ग्रामीण आजीविका को मिलेगा बढ़ावा
राज्य सरकार का लक्ष्य केवल सदस्य संख्या बढ़ाना नहीं है, बल्कि ग्रामीण लोगों की आय और आजीविका के साधनों को मजबूत करना भी है।
सहकारी संस्थाओं के माध्यम से किसानों को कृषि ऋण, बाजार सुविधाएं और अन्य सेवाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत सहकारी नेटवर्क से छोटे किसानों और ग्रामीण परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिल सकती है।
पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर
सरकार ने इस अभियान में डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल पर विशेष जोर दिया है।
मोबाइल ऐप के जरिए सदस्यता प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और रिकॉर्ड को बेहतर तरीके से संभाला जा सकेगा।
अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल व्यवस्था से सहकारी संस्थाओं के कामकाज में सुधार होगा और सदस्यों को समय पर जानकारी मिल सकेगी।
सहकारी आंदोलन को नई दिशा देने की कोशिश
ओडिशा सरकार का मानना है कि सहकारी आंदोलन को मजबूत करके ग्रामीण विकास को गति दी जा सकती है।
‘संबंध’ अभियान इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इसके जरिए सरकार गांवों तक सहकारी सेवाओं का विस्तार करना चाहती है।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के नेतृत्व में शुरू होने वाले इस अभियान से राज्य के लाखों ग्रामीण परिवारों को जोड़ने की योजना है।
किसानों और ग्रामीणों को होगा लाभ
इस पहल से किसानों को वित्तीय सहायता, कृषि सेवाओं और अन्य योजनाओं तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है।
सरकार का दावा है कि सहकारी नेटवर्क मजबूत होने से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आय के नए अवसर पैदा होंगे।
‘संबंध’ अभियान के जरिए ओडिशा अपने सहकारी क्षेत्र को नई पहचान देने की तैयारी में है। 1 सितंबर को शुरू होने वाली यह पहल राज्य में सहकारी आंदोलन के विस्तार और ग्रामीण विकास के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।