भुवनेश्वर: ओडिशा विजिलेंस ने मयूरभंज जिले के बारीपदा R&B डिवीजन के अंतर्गत बेतानाती R&B सब-डिवीजन में पदस्थ एग्जीक्यूटिव इंजीनियर अरबिंद मोहंती को आय से अधिक संपत्ति के मामले में गिरफ्तार किया है। विजिलेंस की कार्रवाई के बाद मोहंती को बारीपदा स्थित विजिलेंस के स्पेशल जज की अदालत में पेश किए जाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

विजिलेंस विभाग के अनुसार, यह गिरफ्तारी इंजीनियर से जुड़े कई ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाने के बाद की गई। छापेमारी के दौरान अधिकारियों को कथित तौर पर ऐसी संपत्तियों और वित्तीय संसाधनों के बारे में जानकारी मिली, जिनका मूल्य मोहंती की ज्ञात आय के स्रोतों की तुलना में काफी अधिक बताया जा रहा है।

एजेंसी का कहना है कि तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों, संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन की प्राथमिक जांच के बाद मोहंती से पूछताछ की गई। विजिलेंस अधिकारियों ने उनसे यह स्पष्ट करने को कहा कि संबंधित संपत्तियां किन आय स्रोतों से अर्जित की गईं। आरोप है कि वह इस संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।

इसके बाद विजिलेंस ने उनके खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में कार्रवाई आगे बढ़ाई और गिरफ्तारी कर ली। अब उन्हें विशेष अदालत में पेश किया जाएगा, जहां आगे की न्यायिक प्रक्रिया तय होगी।

आय से अधिक संपत्ति के मामलों में विजिलेंस आमतौर पर सरकारी अधिकारी की वैध आय, वेतन, निवेश, संपत्ति, बैंक खाते और अन्य वित्तीय संसाधनों की तुलना करती है। यदि किसी अधिकारी के पास ऐसी संपत्ति पाई जाती है, जिसका पर्याप्त और वैध स्रोत स्पष्ट नहीं होता, तो भ्रष्टाचार निरोधक कानूनों के तहत जांच आगे बढ़ाई जाती है।

मोहंती के मामले में भी विजिलेंस टीम ने अलग-अलग स्थानों पर तलाशी लेकर कई रिकॉर्ड खंगाले। हालांकि बरामद कुल संपत्ति का विस्तृत आंकड़ा अभी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है, लेकिन एजेंसी ने दावा किया है कि संपत्ति उनकी ज्ञात आय से असंगत पाई गई।

विजिलेंस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि कथित संपत्तियां कब और किस माध्यम से अर्जित की गईं। इसके लिए बैंक खातों, जमीन और मकान से जुड़े दस्तावेज, निवेश रिकॉर्ड और अन्य वित्तीय लेनदेन की पड़ताल की जा सकती है।

जांच के दौरान परिवार के सदस्यों के नाम पर मौजूद संपत्तियों और संयुक्त स्वामित्व वाली परिसंपत्तियों को भी देखा जा सकता है। विजिलेंस यह जानने की कोशिश करेगी कि इनमें से कौन-कौन सी संपत्ति सीधे मोहंती की आय से जुड़ी हुई है।

सरकारी निर्माण विभागों में कार्यरत वरिष्ठ इंजीनियरों पर सार्वजनिक परियोजनाओं के प्रबंधन, ठेके और विकास कार्यों की बड़ी जिम्मेदारी होती है। ऐसे में किसी अधिकारी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला सामने आना प्रशासनिक दृष्टि से गंभीर माना जाता है।

R&B यानी रोड्स एंड बिल्डिंग्स विभाग राज्य में सड़क और सरकारी भवनों से जुड़े निर्माण तथा रखरखाव कार्यों का महत्वपूर्ण हिस्सा संभालता है। एग्जीक्यूटिव इंजीनियर का पद इस पूरी व्यवस्था में काफी जिम्मेदारी वाला होता है।

मोहंती की गिरफ्तारी के बाद विभागीय स्तर पर भी आगे की कार्रवाई की संभावना बन सकती है। हालांकि प्रशासनिक कार्रवाई और निलंबन से जुड़ा फैसला संबंधित विभाग जांच की स्थिति और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर करेगा।

ओडिशा विजिलेंस पिछले कुछ समय से सरकारी अधिकारियों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति और रिश्वत से जुड़े मामलों में लगातार कार्रवाई कर रही है। ऐसे मामलों में पहले तलाशी अभियान चलाया जाता है और उसके बाद दस्तावेज तथा वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जाती है।

यदि शुरुआती जांच में संपत्ति और आय के बीच बड़ा अंतर पाया जाता है, तो अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा जाता है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की स्थिति में गिरफ्तारी या आगे की कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

मोहंती के मामले में भी यही प्रक्रिया अपनाए जाने की जानकारी सामने आई है। तलाशी के बाद पूछताछ की गई और उनके जवाब से संतुष्ट नहीं होने पर विजिलेंस ने गिरफ्तारी की कार्रवाई की।

अब अदालत में पेशी के दौरान विजिलेंस जांच से जुड़े दस्तावेज और प्राथमिक निष्कर्ष सामने रख सकती है। वहीं आरोपी पक्ष को भी अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा।

मामले में यह भी देखा जाएगा कि कथित आय से अधिक संपत्ति का अनुपात कितना है और इनमें कौन-कौन सी परिसंपत्तियां शामिल हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आरोप कितने मजबूत हैं और आगे कौन-कौन सी धाराएं जोड़ी जाती हैं।

फिलहाल ओडिशा विजिलेंस की कार्रवाई के बाद मयूरभंज के सरकारी महकमों में इस मामले की चर्चा तेज हो गई है। एक वरिष्ठ इंजीनियर की गिरफ्तारी ने प्रशासनिक जवाबदेही और भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई को फिर चर्चा में ला दिया है।

विजिलेंस विभाग ने साफ किया है कि मामले की जांच जारी है और जरूरत पड़ने पर अन्य संबंधित लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है। यदि जांच में किसी और व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो कार्रवाई का दायरा बढ़ाया जा सकता है।

फिलहाल एग्जीक्यूटिव इंजीनियर अरबिंद मोहंती को अदालत में पेश किए जाने की प्रक्रिया जारी है। आगे की जांच में उनकी संपत्तियों और आय स्रोतों से जुड़े और विवरण सामने आने की संभावना है।

Tags: