Bhubaneswar भुवनेश्वर। चक्रवात ‘मोंथा’ के अवशेष अब कमजोर होकर पूर्व बीदर और दक्षिण छत्तीसगढ़ क्षेत्र में कम दबाव वाले क्षेत्र में तब्दील हो गए हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) भुवनेश्वर की निदेशक मनोहरमा मोहंती ने बताया कि यह सिस्टम अब पूर्वी मध्यप्रदेश और उत्तर छत्तीसगढ़ की ओर बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि आने वाले 2 से 3 दिनों तक ओडिशा के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। 31 अक्टूबर को ओडिशा के आंतरिक और तटीय इलाकों में भी हल्की से मध्यम वर्षा के साथ बिजली गिरने और तेज हवाओं की आशंका जताई गई है। जबकि 1 नवंबर से राज्य के कुछ हिस्सों में छिटपुट बारिश और बादलों की गरज बनी रह सकती है।
IMD ने कहा कि फिलहाल मछुआरों या बंदरगाहों के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। वहीं, रात के तापमान में अगले 5 से 7 दिनों तक स्थिरता बनी रहने की संभावना है। राजधानी भुवनेश्वर में भी रुक-रुककर हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक देखने को मिल सकती है।