संबलपुर यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर को मारा चाकू, रिटायर्ड सफाईकर्मी पर आरोप
संबलपुर। ओडिशा के संबलपुर विश्वविद्यालय में शुक्रवार, 30 अक्टूबर को एक सनसनीखेज घटना सामने आई। विश्वविद्यालय के केमिस्ट्री विभाग में एक सेवानिवृत्त सफाईकर्मी ने कथित तौर पर विभागाध्यक्ष पर चाकू से हमला कर दिया। इस घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में अफरातफरी मच गई। घायल प्रोफेसर की पहचान केमिस्ट्री विभाग के प्रमुख डॉ. सत्य नारायण साहू के रूप में हुई है। हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें तत्काल उपचार के लिए बुरला स्थित वीर सुरेंद्र साई इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च (VIMSAR) में भर्ती कराया गया। घटना की जानकारी मिलते ही बुरला थाना पुलिस विश्वविद्यालय परिसर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। शुरुआती जानकारी के अनुसार, आरोपी विश्वविद्यालय का सेवानिवृत्त सफाईकर्मी है, जो कथित तौर पर विभाग के भीतर घुसा और प्रोफेसर पर चाकू से हमला कर दिया। पुलिस ने संदिग्ध को पूछताछ के लिए हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी है। हालांकि हमले के पीछे का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को संबलपुर विश्वविद्यालय के रसायन विज्ञान विभाग में सामान्य शैक्षणिक गतिविधियों के बीच अचानक हिंसक घटना सामने आई। आरोप है कि विश्वविद्यालय में पहले सफाईकर्मी के पद पर कार्यरत रहा एक व्यक्ति विभाग के भीतर पहुंचा और वहां मौजूद प्रोफेसर डॉ. सत्य नारायण साहू पर धारदार हथियार से हमला कर दिया।
हमला इतनी अचानक हुआ कि विश्वविद्यालय परिसर में मौजूद लोगों के बीच भय और अफरातफरी का माहौल बन गया। घटना के बाद घायल प्रोफेसर को चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई।
डॉ. साहू को उपचार के लिए बुरला स्थित वीआईएमएसएआर अस्पताल पहुंचाया गया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें हमले में गंभीर चोटें आई हैं और अस्पताल में उनका उपचार किया जा रहा है।
हालांकि उन्हें शरीर के किस हिस्से में चोट लगी है, कितने वार किए गए और उनकी वर्तमान चिकित्सकीय स्थिति क्या है, इसकी विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
घटना की सूचना मिलने के बाद बुरला थाना पुलिस विश्वविद्यालय पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल की परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी है और हमले से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है।
प्रारंभिक रिपोर्टों में आरोपी को विश्वविद्यालय का सेवानिवृत्त सफाईकर्मी बताया गया है। हालांकि उसकी पहचान, उम्र और सेवानिवृत्ति की तारीख जैसी जानकारियां अभी सार्वजनिक नहीं की गई हैं।
पुलिस ने आरोपी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिए जाने की जानकारी दी है। फिलहाल उससे घटना के संबंध में पूछताछ की जा रही है।
जांच का सबसे महत्वपूर्ण विषय यह पता लगाना है कि आरोपी विश्वविद्यालय के विभाग में किस उद्देश्य से पहुंचा था और उसने प्रोफेसर पर हमला क्यों किया।
क्या आरोपी और प्रोफेसर के बीच पहले से कोई विवाद था या घटना के पीछे कोई अन्य कारण है, इस संबंध में पुलिस की ओर से कोई पुष्ट जानकारी नहीं दी गई है। ऐसे में हमले के मकसद को लेकर किसी प्रकार का निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
डॉ. सत्य नारायण साहू संबलपुर विश्वविद्यालय के रसायन विज्ञान विभाग से जुड़े वरिष्ठ शिक्षाविद हैं। विश्वविद्यालय के आधिकारिक शैक्षणिक दस्तावेजों में उनका नाम रसायन विज्ञान के प्रोफेसर और शोध मार्गदर्शक के रूप में दर्ज है।
विश्वविद्यालय के वर्ष 2025 के शोध संबंधी दस्तावेज के अनुसार, उनके विशेषज्ञता क्षेत्रों में ऑर्गेनिक केमिस्ट्री और सुप्रामॉलिक्यूलर केमिस्ट्री शामिल हैं।
शैक्षणिक संस्थान के भीतर किसी वरिष्ठ प्रोफेसर पर चाकू से हमला किए जाने की घटना ने परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों में विद्यार्थी, शिक्षक, शोधार्थी, कर्मचारी और आगंतुक नियमित रूप से आते-जाते हैं। ऐसे में विभागीय भवनों के भीतर प्रवेश व्यवस्था और सुरक्षा संबंधी प्रक्रियाएं महत्वपूर्ण हो जाती हैं।
हालांकि इस विशेष घटना में आरोपी विभाग के भीतर कैसे पहुंचा, क्या प्रवेश द्वार पर कोई सुरक्षाकर्मी मौजूद था और क्या किसी ने हमले से पहले संदिग्ध गतिविधि देखी थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस की जांच से ही स्पष्ट होगा कि परिसर में प्रवेश और हमले की परिस्थितियां क्या थीं।
विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी सार्वजनिक शिक्षण संस्थान में सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य सामान्य शैक्षणिक गतिविधियों को प्रभावित किए बिना छात्रों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना होना चाहिए।
इसके लिए प्रवेश प्रबंधन, आपातकालीन सूचना प्रणाली और सुरक्षा कर्मचारियों के बीच समन्वय आवश्यक माना जाता है।
संबलपुर विश्वविद्यालय में हुई इस घटना ने शिक्षकों की सुरक्षा और विश्वविद्यालय परिसर में हिंसक गतिविधियों की रोकथाम की आवश्यकता को एक बार फिर सामने रखा है।
विश्वविद्यालय परिसर में अध्ययन और शोध के लिए सुरक्षित वातावरण होना जरूरी है। हिंसा की किसी भी घटना से न केवल संबंधित व्यक्ति प्रभावित होता है, बल्कि संस्थान के अन्य विद्यार्थियों और कर्मचारियों में भी असुरक्षा की भावना पैदा हो सकती है।
इस मामले में पुलिस के सामने घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य जुटाने की जिम्मेदारी है। जांच के दौरान संबंधित व्यक्तियों के बयान, उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और अन्य परिस्थितिजन्य साक्ष्य महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
हालांकि विश्वविद्यालय में घटना से संबंधित कोई सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध है या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
आरोपी के पास चाकू कहां से आया और क्या वह हथियार लेकर ही विश्वविद्यालय परिसर में दाखिल हुआ था, यह भी जांच का विषय हो सकता है।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर सकती है कि घटना अचानक हुई या आरोपी ने पहले से हमला करने की योजना बनाई थी। फिलहाल इन दोनों संभावनाओं में से किसी की पुष्टि नहीं हुई है।
दूसरी ओर घायल प्रोफेसर का उपचार बुरला स्थित वीआईएमएसएआर अस्पताल में जारी है। यह पश्चिमी ओडिशा का प्रमुख चिकित्सा संस्थान है, जहां संबलपुर और आसपास के जिलों से गंभीर मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं।
डॉ. साहू की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में अस्पताल की ओर से विस्तृत मेडिकल बुलेटिन उपलब्ध नहीं हुआ है। इसलिए उनके स्वास्थ्य को लेकर किसी भी अपुष्ट जानकारी से बचना जरूरी है।
इस घटना से विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने भी कई सवाल खड़े हुए हैं। किसी सेवानिवृत्त कर्मचारी के विभाग में पहुंचने और कथित तौर पर हिंसक हमला करने की परिस्थितियों का पता लगाना महत्वपूर्ण होगा।
साथ ही यह भी देखना आवश्यक होगा कि शैक्षणिक विभागों में कार्यरत कर्मचारियों और शिक्षकों को आपातकालीन परिस्थितियों में किस प्रकार तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सकती है।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और आरोपी से पूछताछ की जा रही है। घटना के पीछे व्यक्तिगत विवाद, सेवा संबंधी मामला या किसी अन्य कारण की भूमिका थी या नहीं, इसका खुलासा आधिकारिक जांच के बाद ही हो सकेगा।
संबलपुर विश्वविद्यालय के केमिस्ट्री विभाग में शुक्रवार को हुई इस घटना ने पूरे शैक्षणिक समुदाय का ध्यान आकर्षित किया है। घायल प्रोफेसर का अस्पताल में उपचार जारी है, जबकि पुलिस हमले की परिस्थितियों और संभावित कारणों का पता लगाने में जुटी है।
अब मामले में आगे की पुलिस कार्रवाई, आरोपी की पहचान और घायल प्रोफेसर की स्वास्थ्य स्थिति से संबंधित आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।