PM Modi ने ओडिशा में खोला RBI का नया डेटा सेंटर, साइबर सुरक्षा को मिलेगा बढ़ावा
भुवनेश्वर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर के निकट भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन किया। लगभग 169 करोड़ रुपये की लागत से विकसित ये सुविधाएं देश की वित्तीय व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, आधुनिक और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने भारत के संतुलित विकास के महत्व पर जोर दिया।कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा, ओडिशा के राज्यपाल हरि बाबू कंभमपति के स्थान पर उपलब्ध रिपोर्टों में उल्लिखित राज्यपाल ब्रजमोहन राम, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। यह परियोजना ओडिशा में वित्तीय और डिजिटल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
169 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ डेटा सेंटर
RBI का नया डेटा सेंटर ओडिशा के जटनी क्षेत्र में इन्फो वैली-II में स्थित है। यह परिसर करीब 18.55 एकड़ में फैला हुआ है। इसकी आधारशिला 22 मार्च 2023 को तत्कालीन RBI गवर्नर शक्तिकांत दास ने रखी थी। अब इसके उद्घाटन के साथ केंद्रीय बैंक की तकनीकी और डिजिटल क्षमताओं को विस्तार मिला है।इस डेटा सेंटर को RBI की कंप्यूटिंग जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार किया गया है। यहां चार अत्याधुनिक डेटा सेंटर होंगे, जिनमें डिजिटल भुगतान, वित्तीय लेनदेन और निपटान प्रणालियों से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों को संचालित किया जाएगा।इस सुविधा का उद्देश्य डिजिटल वित्तीय सेवाओं की पहुंच, दक्षता और विश्वसनीयता को बेहतर बनाना है। जैसे-जैसे बैंकिंग सेवाएं ऑनलाइन होती जा रही हैं, वैसे-वैसे उनके लिए सुरक्षित डेटा संग्रहण, तेज प्रोसेसिंग और लगातार काम करने वाली डिजिटल प्रणालियों की जरूरत भी बढ़ रही है।
डेटा सेंटर को मिला टियर-IV प्रमाणन
नए डेटा सेंटर को अपटाइम इंस्टीट्यूट का टियर-IV प्रमाणन मिला है। यह डेटा सेंटर के बुनियादी ढांचे की मजबूती और परिचालन विश्वसनीयता का महत्वपूर्ण मानक माना जाता है। इससे वित्तीय लेनदेन और अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल सेवाओं को निर्बाध रूप से संचालित करने की क्षमता मजबूत होने की उम्मीद है।बैंकिंग क्षेत्र में तकनीकी बाधा या साइबर हमले का असर बड़ी संख्या में ग्राहकों पर पड़ सकता है। ऐसे में मजबूत डेटा सेंटर वित्तीय सेवाओं को सुरक्षित रखने, डेटा उपलब्धता बनाए रखने और तकनीकी समस्याओं से निपटने में मदद कर सकते हैं।
साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान भी शुरू
डेटा सेंटर के साथ प्रधानमंत्री ने RBI के साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान का भी उद्घाटन किया। यह संस्थान साइबर सुरक्षा, उद्यम तकनीक, प्रशिक्षण और अनुसंधान के लिए समर्पित केंद्र के रूप में काम करेगा।इसमें बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और बीमा क्षेत्र से जुड़ी नई तकनीकों पर ध्यान दिया जाएगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्वांटम कंप्यूटिंग और अन्य उभरती तकनीकों के बारे में विशेषज्ञता विकसित करना भी इसके प्रमुख उद्देश्यों में शामिल है।डिजिटल बैंकिंग के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराध, डेटा चोरी और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी जैसी चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। ऐसे में प्रशिक्षित विशेषज्ञों की उपलब्धता और संस्थागत स्तर पर साइबर सुरक्षा क्षमता बढ़ाना महत्वपूर्ण है।
संतुलित विकास में राज्यों की भूमिका पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने विकास के साथ देश के विभिन्न राज्यों की प्रगति को जोड़ने पर जोर दिया। उनके संदेश का मूल भाव यह रहा कि भारत की समग्र प्रगति तभी संभव है, जब विकास के अवसर अलग-अलग क्षेत्रों तक पहुंचें और देश के सभी हिस्से आर्थिक तथा तकनीकी विकास में योगदान दे सकें।ओडिशा में RBI की इन सुविधाओं की स्थापना पूर्वी भारत में आधुनिक वित्तीय और डिजिटल बुनियादी ढांचे के विस्तार से भी जुड़ी है। इससे राज्य को तकनीकी क्षेत्र में नई पहचान मिलने और स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञता विकसित करने के अवसर मिल सकते हैं।
डिजिटल अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
भारत में डिजिटल भुगतान, ऑनलाइन बैंकिंग और तकनीक आधारित वित्तीय सेवाओं का दायरा लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में RBI जैसे संस्थानों के लिए सुरक्षित और विश्वसनीय डिजिटल बुनियादी ढांचा आवश्यक है। नया डेटा सेंटर महत्वपूर्ण भुगतान और निपटान प्रणालियों को सहारा देगा, जबकि साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान इस क्षेत्र में विशेषज्ञों की क्षमता बढ़ाने में योगदान दे सकता है।कुल मिलाकर, ओडिशा में इन दोनों सुविधाओं का उद्घाटन भारत की वित्तीय तकनीक और साइबर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम है। इनका प्रभाव डिजिटल सेवाओं की विश्वसनीयता, प्रशिक्षण और तकनीकी विकास पर देखने को मिल सकता है।