भुवनेश्वर। ओडिशा में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत पिछले पांच महीनों से पेंशन नहीं मिलने की समस्या का सामना कर रहे लाभार्थियों के लिए राहत की खबर है। राज्य सरकार ने विधानसभा में बताया है कि प्रभावित लाभार्थियों को अक्टूबर तक उनकी बकाया पेंशन राशि का भुगतान कर दिया जाएगा। सामाजिक सुरक्षा और दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री नित्यानंद गोंड ने विधानसभा में इसकी जानकारी देते हुए कहा कि सरकार तकनीकी समस्याओं को दूर करने के लिए संबंधित विभागों और केंद्र सरकार के साथ समन्वय कर रही है।
मंत्री नित्यानंद गोंड ने बताया कि ओडिशा में कुल 20 लाख 33 हजार 959 लाभार्थी इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के दायरे में आते हैं। योजना के माध्यम से पात्र बुजुर्गों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
हालांकि पिछले पांच महीनों से कुछ लाभार्थियों के खातों में पेंशन राशि नहीं पहुंच सकी है। सरकार के अनुसार इसके पीछे तकनीकी समस्याएं प्रमुख कारण हैं। इन दिक्कतों की वजह से भुगतान प्रक्रिया प्रभावित हुई और कई लाभार्थियों को निर्धारित समय पर पेंशन नहीं मिल पाई।
विधानसभा में इस मुद्दे पर जानकारी देते हुए मंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार को पेंशन भुगतान में हो रही देरी की जानकारी है। समस्या को दूर करने और लंबित राशि लाभार्थियों तक पहुंचाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
मंत्री ने भरोसा दिलाया कि पिछले पांच महीनों से जिन पात्र लाभार्थियों का भुगतान लंबित है, उन्हें अक्टूबर तक बकाया राशि उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए राज्य स्तर से लेकर केंद्र स्तर तक संबंधित अधिकारियों के बीच समन्वय किया जा रहा है।
नित्यानंद गोंड के मुताबिक राज्य सरकार इस मामले में राज्य वित्त विभाग, केंद्र सरकार और ट्रेजरी अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही है। तकनीकी समस्याओं की पहचान कर उन्हें दूर करने की प्रक्रिया जारी है, ताकि भुगतान में आ रही बाधा समाप्त की जा सके।
वृद्धावस्था पेंशन पर निर्भर बुजुर्गों के लिए नियमित भुगतान काफी महत्वपूर्ण होता है। दैनिक जरूरतों और अन्य आवश्यक खर्चों के लिए पेंशन की राशि उनके लिए आर्थिक सहायता का साधन होती है। ऐसे में लगातार पांच महीने तक भुगतान नहीं मिलने से प्रभावित लाभार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ा है।
सरकार की ओर से विधानसभा में अक्टूबर तक बकाया भुगतान करने की जानकारी दिए जाने के बाद ऐसे लाभार्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है। तकनीकी समस्या दूर होने के बाद लंबित भुगतान जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
राज्य में 20,33,959 लाभार्थियों का योजना के दायरे में होना इसके व्यापक स्तर को दर्शाता है। इतनी बड़ी संख्या में लाभार्थियों तक पेंशन पहुंचाने के लिए विभिन्न सरकारी विभागों और वित्तीय व्यवस्थाओं के बीच समन्वय आवश्यक होता है।
मंत्री के बयान के मुताबिक मौजूदा समस्या सभी लाभार्थियों के भुगतान से जुड़ी नहीं है। तकनीकी दिक्कतों के कारण कुछ लाभार्थियों की पेंशन पिछले पांच महीनों से लंबित है। ऐसे मामलों की समस्या दूर कर बकाया राशि देने पर सरकार काम कर रही है।
इस प्रक्रिया में ट्रेजरी अधिकारियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। भुगतान संबंधी तकनीकी बाधाओं को दूर करने के लिए राज्य सरकार वित्त विभाग और ट्रेजरी के साथ समन्वय कर रही है। इसके अलावा योजना से केंद्र सरकार के जुड़े होने के कारण केंद्र स्तर पर भी आवश्यक समन्वय किया जा रहा है।
सरकार के सामने फिलहाल प्राथमिकता उन लाभार्थियों की लंबित पेंशन जारी करने की है, जिन्हें पिछले पांच महीनों से राशि नहीं मिली है। तकनीकी समस्या का समाधान होने के बाद भुगतान की प्रक्रिया सामान्य करने का प्रयास किया जाएगा।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना का उद्देश्य पात्र बुजुर्गों को सामाजिक सुरक्षा के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। नियमित पेंशन से बुजुर्गों को अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलती है। इसलिए भुगतान में लंबे समय की देरी सीधे लाभार्थियों को प्रभावित करती है।
विधानसभा में मंत्री की ओर से दिए गए जवाब से यह भी स्पष्ट हुआ कि सरकार ने तकनीकी दिक्कतों को स्वीकार किया है और संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर समाधान खोजा जा रहा है। सरकार का लक्ष्य अक्टूबर तक लंबित भुगतान को पूरा करना है।
राज्य सरकार को तकनीकी समस्या के कारणों को दूर करने के साथ भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए भुगतान व्यवस्था को सुचारू रखना भी जरूरी होगा। लाखों लाभार्थियों वाली योजना में तकनीकी गड़बड़ी होने पर बड़ी संख्या में बुजुर्ग प्रभावित हो सकते हैं।
पिछले पांच महीनों से पेंशन का इंतजार कर रहे लाभार्थियों के लिए अब अक्टूबर महत्वपूर्ण होगा। सरकार ने विधानसभा में बकाया भुगतान को लेकर समयसीमा बताई है। ऐसे में प्रभावित बुजुर्गों को उम्मीद है कि लंबित राशि जल्द उनके खातों तक पहुंच जाएगी।
मंत्री नित्यानंद गोंड ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकार लगातार संबंधित पक्षों से संपर्क में है। राज्य वित्त विभाग और ट्रेजरी अधिकारियों के साथ तकनीकी स्तर पर काम किया जा रहा है, जबकि जरूरत के अनुसार केंद्र सरकार से भी समन्वय किया जा रहा है।
तकनीकी समस्या दूर होने के बाद पेंशन भुगतान की लंबित प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा। सरकार का प्रयास है कि पात्र लाभार्थियों को उनका बकाया समय पर उपलब्ध कराया जाए और नियमित भुगतान व्यवस्था को फिर से सुचारू किया जाए।
फिलहाल राज्य में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना के तहत 20,33,959 लाभार्थी शामिल हैं। इनमें से पिछले पांच महीनों से भुगतान नहीं पाने वाले लाभार्थियों की बकाया राशि अक्टूबर तक देने की बात सरकार ने विधानसभा में कही है।
अब संबंधित विभागों के सामने तकनीकी बाधाओं को जल्द दूर कर बकाया भुगतान पूरा करने की चुनौती है। सरकार की ओर से दिए गए आश्वासन के बाद प्रभावित लाभार्थियों को अक्टूबर तक राहत मिलने की उम्मीद है।