Odisha ओडिशा : दुर्लभ विदेशी मेहमान ओलिव रिडले (समुद्री कछुए) के प्रजनन का प्रमुख केंद्र बन गया है। राज्य में गहिरमाट, देवी मुहाना और गंजम जिले में रुशिकुल्या मुहाना इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं। मालूम हो कि इस साल रुशिकुल्या मुहाना के पास समुद्र तट पर रिकॉर्ड 6,98,718 रिडले ने सामूहिक रूप से अंडे दिए। इससे यह जिला दुनिया भर में चर्चा का विषय बन गया है। कई शोधकर्ताओं का मानना है कि रिडले प्रजनन के लिए ओडिशा के तट को सुरक्षित मानते हैं और अंडे देने के लिए सामूहिक रूप से राज्य के समुद्र तटों पर आ रहे हैं। पिछले साल रिडले के संगम की प्रक्रिया गंजम जिले के तट पर हुई थी,
लेकिन वे अंडे देने के लिए सामूहिक रूप से तट पर नहीं आए थे। ऐसा पहले भी कई बार हो चुका है। इस साल उन्होंने इस तट पर रिकॉर्ड स्तर पर अंडे दिए। इसके क्या कारण हैं? 2021 में इसके लिए रुशिकुल्या के मुहाने के पास पुरुनाबोंधो में जगह भी चिह्नित कर ली गई और दो करोड़ रुपये आवंटित कर दिए गए। बाद में काम आगे नहीं बढ़ा। 2023 में राज्य सरकार के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई हाई पावर कमेटी की बैठक में रिडलेज पर शोध के लिए गंजाम जिले में केंद्र स्थापित करने के मुद्दे पर चर्चा हुई। इसके साथ ही छह मार्च 2024 को वन अधिकारियों ने पुरुनाबोंधो में शोध केंद्र निर्माण के लिए भूमि पूजन भी कर दिया। एक साल हो गया, लेकिन अभी तक वहां सिर्फ पत्थर की पटिया ही नजर आ रही है। ब्रह्मपुर वन क्षेत्राधिकारी (डीएफओ) सन्नी खोखर ने पत्रकारों को बताया कि कछुआ शोध केंद्र निर्माण के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) मंजूरी के लिए सरकार को भेज दी गई है। उन्होंने बताया कि केंद्र निर्माण के लिए चिह्नित जमीन राजस्व विभाग ने वन विभाग को सौंप दी है।