Odisha: यातायात सुरक्षा और चौकसी से बच्चों की जान बची

Update: 2026-04-21 13:29 GMT
Bhadrak.भद्रक: भद्रक रेलवे स्टेशन पर एक संयोगवश बड़ी दुर्घटना टल गई, जब जन शताब्दी एक्सप्रेस से गुजरते समय 13 नाबालिग बच्चों को समय रहते बचा लिया गया। यह घटना स्थानीय प्रशासन और रेलवे कर्मचारियों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई का उदाहरण मानी जा रही है। जानकारी के अनुसार, बच्चों की उम्र 12 से 16 साल के बीच है। बच्चे स्टेशन पर किसी कारणवश प्लेटफॉर्म पर थे और ट्रेन के गुजरने के समय खतरनाक स्थिति में फंस गए थे। लेकिन रेलवे कर्मियों और स्थानीय सुरक्षा अधिकारियों ने तुरंत उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाने की कार्रवाई की, जिससे किसी तरह का कोई नुकसान नहीं हुआ।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि बच्चों को बचाने में प्लेटफॉर्म पर तैनात रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और स्टेशन प्रबंधक की भूमिका अहम रही। उन्होंने बच्चों को सुरक्षित स्थान पर लेकर उनके परिवारों को सूचित किया। इस कार्रवाई के दौरान रेलवे कर्मियों ने किसी भी तरह की अफवाह और भगदड़ से बचने के लिए सतर्कता बरती।
स्थानीय प्रशासन ने भी इस घटना को लेकर कहा कि यह सावधानी और तेज प्रतिक्रिया का परिणाम है। उन्होंने नाबालिगों के सुरक्षित होने की जानकारी दी और यह भी कहा कि भविष्य में इसी तरह की घटनाओं से बचाव के लिए सुरक्षा उपाय और जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
परिवारों ने प्रशासन और रेलवे कर्मियों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि समय रहते बच्चों को बचा लिया गया, अन्यथा बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। बच्चों ने भी अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों की प्रशंसा की।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इस घटना ने उन्हें यह सिखाया कि प्लेटफॉर्म और ट्रेन मार्गों पर बच्चों और अन्य यात्रियों की सुरक्षा के लिए सतत निगरानी जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम और सुरक्षा संदेश अब नियमित रूप से प्लेटफॉर्म पर प्रदर्शित किए जाएंगे।
कुल मिलाकर, भद्रक में जन शताब्दी एक्सप्रेस के दौरान 13 नाबालिगों को समय रहते बचाने की घटना ने रेलवे सुरक्षा और स्थानीय प्रशासन की सतर्कता और जिम्मेदारी को उजागर किया। यह घटना न केवल बच्चों के जीवन को बचाने में सफल रही, बल्कि समाज और यात्रियों के बीच रेलवे सुरक्षा के महत्व को भी सामने लाया।
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