Odisha : सिमिलिपाल टाइगर रिज़र्व में बाघिन जिन्नत ने चार बच्चों को जन्म दिया

Update: 2026-06-02 08:07 GMT

Odisha ओडिशा: ओडिशा के मयूरभंज जिले के सिमिलिपाल टाइगर रिज़र्व से वन्यजीव प्रेमियों और अधिकारियों के लिए खुशखबरी आई है। रिज़र्व की प्रमुख बाघिन जिन्नत ने 28 मई को चार बाघ बच्चों को जन्म दिया। वन मंत्री गणेश राम सिंह खुंटिया ने इस जन्म की जानकारी साझा करते हुए कहा कि माँ और उसके बच्चे दोनों स्वस्थ हैं।

वन अधिकारियों के अनुसार, नए जन्मे बाघ अभी बहुत छोटे हैं और उनकी आँखें अभी खुली नहीं हैं। मंत्री ने बताया कि बच्चों की स्थिति और स्वास्थ्य पर वन्य जीव संरक्षण टीम लगातार नजर रख रही है। आने वाले हफ्तों में बच्चों को धीरे-धीरे सिमिलिपाल के इकोसिस्टम और बायोडायवर्सिटी के अनुकूल ढलते हुए देखा जाएगा।

वन मंत्री खुंटिया ने कहा कि सिमिलिपाल टाइगर रिज़र्व में फिलहाल लगभग 40 बाघ हैं। जिन्नत के चार बच्चों के जन्म के साथ ही रिज़र्व में बाघों की संख्या में एक महत्वपूर्ण बढ़ोतरी हुई है। यह विकास न केवल बाघों की आबादी के लिए सकारात्मक है, बल्कि पूरे रिज़र्व के जैविक संतुलन और इकोसिस्टम के स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

जिन्नत की पिछले कुछ गतिविधियों पर भी वन अधिकारियों ने ध्यान रखा है। कुछ महीने पहले ही उसे जंगल में छोड़ दिया गया था, ताकि वह प्राकृतिक परिस्थितियों में जीवित रह सके और अपने क्षेत्र में स्वतंत्र रूप से घूम सके। इसके बाद वन अधिकारियों ने देखा कि जिन्नत अक्सर बाघ ‘T-12’ के साथ जंगल में घूमती है, जिससे यह संकेत मिलता है कि वह नए बाघ बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित कर रही है।

वन विभाग ने यह भी कहा कि बच्चों की सुरक्षित वृद्धि के लिए रिज़र्व में विशेष निगरानी की जा रही है। टीम द्वारा नियमित रूप से जिन्नत और उसके बच्चों की स्थिति का अवलोकन किया जा रहा है। इसके अलावा, जंगल के अन्य हिस्सों में मानव हस्तक्षेप को न्यूनतम रखा गया है ताकि बाघ परिवार प्राकृतिक रूप से रह सके।

सिमिलिपाल टाइगर रिज़र्व के अधिकारियों का कहना है कि इस प्रकार के जन्म बाघ संरक्षण की दिशा में सकारात्मक संकेत हैं। पिछले कुछ वर्षों में बाघों की संख्या में कमी देखी गई थी, लेकिन नियमित निगरानी, जंगल में सुरक्षा और पर्यावरणीय संरक्षण के प्रयासों के कारण बाघ आबादी में पुनरुद्धार देखने को मिल रहा है।

वन मंत्री ने उम्मीद जताई कि जिन्नत के बच्चों के स्वस्थ विकास से सिमिलिपाल में बाघों की आबादी और मजबूत होगी और यह क्षेत्र वन्यजीव संरक्षण में मॉडल साबित होगा। उन्होंने जनता से अपील की कि वे जंगल और बाघों के संरक्षण में सहयोग दें और अवैध शिकार तथा मानव हस्तक्षेप से बचें।

सिमिलिपाल टाइगर रिज़र्व में बाघिन जिन्नत और उसके चार बच्चों का जन्म वन्यजीव प्रेमियों और अधिकारियों के लिए एक उत्सव जैसा अवसर है। यह घटना वन्यजीव संरक्षण के प्रयासों और प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण सफलता के रूप में देखी जा रही है।

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